बिहार: फुलवारी शरीफ आतंकी मॉड्यूल मामले में NIA ने दर्ज की दो FIR, जानिए क्या है पूरा मामला
फुलवारी शरीफ में उग्रवादी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) से जुड़े मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने शुरू कर दी है। इस बाबत एनआईए ने गुरुवार 28 जुलाई को बिहार के कई जिलों में छापेमारी की थी।
पटना, 29 जुलाई 2022। बिहार के फुलवारी शरीफ आतंकी मॉड्यूल मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने दो प्राथमिकी दर्ज की है। पहली प्राथमिकी 26 संदिग्धों के खिलाफ दर्ज की गई है वहीं दूसरी प्राथमिकी में एक का नाम दर्ज किया गया है। 11 जुलाई को फुलवारी शरीफ इलाके में जमा हुए कुछ संदिग्ध व्यक्तियों द्वारा प्रधानमंत्री की प्रस्तावित यात्रा को बाधित करने की योजना के बाबत ने पहली प्राथमिकी दर्ज की गई है। वहीं दूसरी प्राथमिकी 14 जुलाई को बिहार पुलिस द्वारा मारगुब अहमद दानिश उर्फ ताहिर को गिरफ़्तार करने के संबंध में है। दोनों पर कथित तौर पर भारत विरोधी गतिविधियों में संलिप्तता का आरोप है।

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फुलवारी शरीफ में उग्रवादी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) से जुड़े मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने शुरू कर दी है। इस बाबत एनआईए ने गुरुवार 28 जुलाई को बिहार के कई जिलों में छापेमारी की थी। इसी के मद्देनज़र एनआईए की टीम ने दरभंगा के शंकरपुर गांव में भी छापेमारी की थी। आपको बता दें कि एनआईए ने 25 जुलाई को फुलवारी शरीफ टेरर मामले को टेकओवर कर लिया था और मामले से जुडे सभी दस्तावेज भी ले लिए थे। 28 जुलाई को एनआईए की टीम पीएफआई संरक्षक अतहर परवेज के पटना स्थित आवास पर भी छापेमारी की। ग़ौरतलब है कि पटना पुलिस पहले ही अतहर को गिरफ्तार कर चुकी है।
पटना के साथ-साथ दरभंगा के शंकरपुर गांव, मोतिहारी, नालंदा में भी एनआईए की टीमों ने आरोपियों के घर पर छापेमारी की है। वहीं किशनगंज और अररिया से भी छापेमार कार्रवाई की गई। मिली जानकारी के के मुताबिक एनआईए की टीम नूरुद्दीन जंगी के परिवार वालों से भी पूछताछ की। । वहीं दूसरी टीम ने सिंहवाड़ा के शंकरपुर के सनाउल्लाह उर्फ आकिब और मुस्तिकीम के घर छापेमारी की।
ऐसा बताया जा रहा है कि तीनों पीएफआई के सक्रिय सदस्य हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पटना में आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ होने के बाद, 26 संदिग्धों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई, जो पीएफआई के सक्रिय सदस्य भी थे। तो वहीं, पुलिस अब तक पांच लोगों को गिरफ्तर कर चुकी है और बाकी फरार हैं। इतना ही नहीं, आतंकी मॉड्यूल का खुलासा 11 जुलाई को अतहर परवेज और झारखंड पुलिस के सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी मोहम्मद जलालुद्दीन की गिरफ्तारी के साथ हुआ था।
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