बिहार जहरीली शराब त्रासदी मामले की NHRC खुद करेगा जांच, गांवों में जाएगी की टीम
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने बिहार के सारण में जहरीली शराब से मौतों के बाद अन्य जिलों में मौत की जांच को लेकर टीम गठित करने का निर्णय लिया है।

Bihar Liquor Tragedy: बिहार के सारण जिले में जहरीली शराब पीने से मौतों के बाद अब कथित रुप अन्य जिलों में ऐसे ही मामलों को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने गंभीरता से लिया है। आयोग ने इन मौतों के कारणों की जांच के लिए टीम गठित करने का निर्णय लिया है। शनिवार को एनएचआरसी की ओर जारी बयान में कहा गया कि अयोग अपने एक सदस्य की अध्यक्षता में खुद की टीम को मौके पर जांच के लिए नियुक्त करने का निर्णय लिया है।
सारण में 213 गिरफ्तारी
बिहार जहरीली शराब त्रासदी में कई लोगों की मौत हुई। आधिकारिक तौर पर 60 लोगों की मौत की पुष्टि की गई। जबकि कई मीडिया रिपोर्ट्स में 70 से अधिक मौतों का जिक्र किया जा रहा है। सारण के बाद अब जहरीली शराब से अन्य जिलों में भी कथित रुप से मौतों की खबर है। बताया जा रहा है कि सिवान जिले के भगवानपुर संभाग में बृहस्पतिवार से हुई छह मौतों के बारे में अनुमंडल दंडाधिकारी संजय कुमार ने कहा कि प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। सारण के जिलाधिकारी राजेश मीणा ने कहा कि इस संबंध में अब तक 213 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
अन्य जिलों में मौतों की खबर
कथित तौर पर सारण के बाद भी जहरीली शराब से मौतें हो रही हैं। आशंका ये है कि जिस शराब से सारण में मौत हुई है उसी बैच की शराब अन्य जिलों में भी पहुंच गई है। कथित रुप से मीडिया रिपोर्ट्स में ये कहा जा रहा है कि बिहार के अन्य जिलों में जहरीली शराब पीने से आठ और लोगों की मौत हुई है।
जहरीली शरब से मौतें पर NHRC शख्त
इन खबरों के बाद मानवाधिकार आयोग ने अब खुद की टीम से जांच करने का फैसला किया है। शनिवार को अपने बयान में आयोग ने इस बात की पुष्टि की। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने कहा कि बिहार के अन्य जिलों में फैली जहरीली त्रासदी में अधिक मौतों के बारे में मीडिया रिपोर्टों के मद्देनजर अपने एक सदस्य की अध्यक्षता में अपनी स्वयं की जाँच टीम को मौके पर जाँच के लिए नियुक्त करने का निर्णय लिया है।












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