जवानी में किया था नरसंहार अब बुढ़ापे में लेना चाहता है समाधि
उसका कहना है कि ऐसा करने से उसके सारे पापों का प्रायश्चित यहीं खत्म हो जाएगा। फिलहाल उसके जिंदा समाधि लेने की चर्चा पूरे गांव में चर्चा का विषय बनी हुई है।
पटना। कभी-कभी जवानी के जोश में लोग ऐसे संगीन अपराध कर देते हैं जिसका पछतावा उन्हें बुढ़ापे तक रहता है। इस अपराध के गुनाह को लेकर कोर्ट भला ही साक्ष्य के अभाव में उसे बाइज्जत बरी कर दे पर उसके कारनामे, पापों का प्रायश्चित उसे इसी जन्म में कराती है। इसी तरह का एक मामला बिहार के औरंगाबाद जिले में सामने आया है जहां आज से 30 साल पहले गांव में एक नरसंहार की घटना को अंजाम दिया गया था। जिसमें बड़े बुजुर्ग के साथ-साथ परिवार के सभी सदस्यों की दर्दनाक हत्या कर दी गई थी। इसी घटना में सजा काट चुके एक हत्यारे ने अब समाधि की तैयारी कर ली है।

वहीं परिवार का एक सदस्य घर से बाहर रहने के कारण बच गया था। इस घटना को लेकर पुलिस ने 177 अज्ञात लोगों पर मामला दर्ज किया था। जिसमें कई लोगों को बाद में गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद सबूत की कमी से कई लोगों को रिहा कर दिया गया तो 8 लोगों को फांसी की सजा सुनाई गई। हालाकी सुप्रीम कोर्ट के द्वारा इस फैसले पर रोक लगाते हुए उसे आजीवन कारावास में बदल दिया गया। ऐसे ही कोर्ट से रिहा होने वाले नरसंहार कांड के आरोपी रामाश्रय पासवान जो 11 महीने की सजा काटने के बाद जेल से रिहा हुआ था और गांव में ही रहकर खेती-बाड़ी करता था। लेकिन जेल से बाहर निकलने के बाद उसका मन हर वक्त बेचैन रहता था। इसी को लेकर 80 साल की उम्र में वो अपने गुनाहों की सजा काटने के लिए मौत की पनाह में जाना चाहता है। जिसके लिए जिंदा समाधि लेने की खातिर वो गांव के मुखिया, सरपंच और थाने तक भी गया। उसका कहना है कि जिंदा समाधि लेने के बाद उसके द्वारा किए गए पाप का प्रायश्चित होगा।
आपको बता दें कि औरंगाबाद जिले के मदनपुर प्रखंड में एक गांव है देवला, ये शख्स यहीं का रहने वाला है। उसका कहना है कि 11 महीने के बाद जब वो जेल से बाहर निकला तो उसका मन बेचैन रहता था। देखते ही देखते उसकी पत्नी भी उसे छोड़ कर चली गई। फिर मन बहलाने के लिए वो अयोध्या गया जहां साधु-संतों ने उसे जिंदा समाधि लेने की बात कही। हालांकि रामाश्रय के परिवार वालों के द्वारा इस तरह के काम करे जाने का विरोध जताया जा रहा है। वहीं रामाश्रय अपने जिंदा समाधि लेने की जिद पर अड़ा हुआ है। उसका कहना है कि ऐसा करने से उसके सारे पापों का प्रायश्चित यहीं खत्म हो जाएगा। फिलहाल उसके जिंदा समाधि लेने की चर्चा पूरे गांव में चर्चा का विषय बनी हुई है। परिवार वालों के द्वारा लाख विरोध किए जाने के बाद भी रामाश्रय अपने फैसले पर अडिग है और समाधि लेने का दिन और जगह भी तय कर चुका है। समाधि लेने की जगह जहां उसने मदनपुर देव प्रखंड के जोड़रवा गांव की जमीन पर तय की है तो दिन सावन की शुक्ल सप्तमी को रखा है।
आपको बता दें कि जिस नरसंहार को लेकर रामाश्रय जिंदा समाधि लेने की बात कर रहा है वो बिहार का चर्चित नरसंहार था। जिसमें 54 लोगों की दर्दनाक मौत हुई थी। घटना 29 मई 1987 की है। घटना का कारण इलाके में हुए छेनानी नरसंहार का बदला लेने के लिए नक्सलियों द्वारा इस घटना को अंजाम दिया गया था। जिसने पूरे परिवार के लोगों को मौत की नींद सुला दिया था। वहीं परिवार के एक सदस्य घर से बाहर रहने के कारण बच गए थे। जिसके बयान पर 177 लोगों को आरोपी बनाया गया था जिसमें आठ लोगों को दोषी करार दिया गया। हाईकोर्ट के द्वारा फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद सभी आरोपी सुप्रीम कोर्ट पहुंचे जहां उन्हें उम्र कैद की सजा सुनाई गई। तो साल 2011 में सभी आरोपी अपने गुनाहों की सजा काट जेल से बाहर निकल चुके हैं। वहीं इस घटना में अनाथ हुए विनय कुमार सिंह का कहना है कि ढाई साल के मासूम से लेकर 105 साल की वृद्ध महिला में से किसी को भी जिंदा नहीं छोड़ा गया था। हम घर से बाहर थे इस कारण बाल-बाल बच गए।
-
Ishan Kishan ने आंसुओं को दबाकर फहराया तिरंगा, घर से आई दो मौतों की खबर फिर भी नहीं हारी हिम्मत, जज्बे को सलाम -
संजू सैमसन पर हुई नोटों की बारिश! प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट बनने पर मिली इतनी प्राइज मनी? -
जश्न या अश्लीलता? हार्दिक पांड्या की इस हरकत पर फूटा फैंस का गुस्सा, सोशल मीडिया पर लगा 'छपरी' का टैग -
T20 World Cup 2026: धोनी के 'कोच साहब' कहने पर गंभीर ने दिया ऐसा जवाब, लोग रह गए हैरान, जानें क्या कहा? -
कौन थीं Ishan Kishan की बहन वैष्णवी सिंह? खुद के दम पर बनाई थी अपनी पहचान, करती थी ये काम -
Mojtaba Khamenei Wife: ईरानी नए नेता की बीवी कौन? 10वीं के बाद बनीं दुल्हन-निकाह में दी ये चीजें, कितने बच्चे? -
'आपके पापा से शादी करूं, चाहे कितने भी मर्दों के साथ', मुसलमानों पर कमेंट करते ही एक्ट्रेस का कर दिया ऐसा हाल -
Trump Netanyahu Clash: Iran से जंग के बीच आपस में भिड़े ट्रंप-नेतन्याहू! Khamenei की मौत के बाद पड़ी फूट? -
T20 World Cup जीतने के बाद अब सूर्यकुमार यादव लेंगे संन्यास? प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया फ्यूचर प्लान -
रमजान के महीने में मुस्लिम पत्नी की दुआ हुई कबूल, हिंदू क्रिकेटर बना चैम्पियन, आखिर कौन है यह महिला -
Om Birla: अप्सराओं जैसी हैं ओम बिरला की दोनों बेटियां, बड़े बिजनेस घराने की है बहुएं, जानें क्या करती हैं? -
T20 World cup 2026: 'कुछ न लिखूं तो ही अच्छा ', भारत के विश्वविजेता बनने के बाद धोनी ने किसे कहा 'साहब'?












Click it and Unblock the Notifications