Motivational Story: पिता से मिली प्रेरणा, बनाई अपनी अलग पहचान, 22 साल के लोकेश बने वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर
Motivational Story, Lokesh Chhapra: बिहार के सारण जिले से एक और बेटा देश की सेवा के लिए आसमान की ऊंचाइयों तक पहुंचा है। छपरा शहर के दौलतगंज निवासी लोकेश शर्मा ने भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर बनकर न सिर्फ अपने परिवार का, बल्कि पूरा जिले और राज्य का मान बढ़ाया है। लोकेश अब उन युवाओं के लिए प्रेरणा बन गए हैं जो अपने सपनों को साकार करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
शिक्षा से चयन तक का सफर:
लोकेश की प्रारंभिक शिक्षा छपरा के सेंट्रल स्कूल में हुई। आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने जमशेदपुर कॉलेज का रुख किया और वहीं से वायुसेना की तैयारी शुरू की। पहली असफलता के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। आखिरकार दूसरी कोशिश में एएफसीएटी 2024 एंट्री के जरिए उनका चयन 4 AFSB वाराणसी से हुआ। 14 जून 2025 को एयरफोर्स एकेडमी डंडीगल में आयोजित पासिंग आउट परेड में उन्होंने फ्लाइंग ऑफिसर के रूप में शपथ ली।

पिता से मिली प्रेरणा, खुद चुना कठिन रास्ता:
लोकेश के पिता पृथ्वी नाथ शर्मा भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हैं। बचपन से उन्होंने पिता को वर्दी में देखा और देश सेवा का सपना वहीं से जन्मा। लोकेश बताते हैं कि कॉलेज के अंतिम वर्ष में दो टेक्नोलॉजी कंपनियों में प्लेसमेंट मिला था, लेकिन उन्होंने वर्दी के लिए कॉर्पोरेट ऑफर ठुकरा दिया।
"मेरे लिए नौकरी नहीं, देश की सेवा प्राथमिकता थी। कई बार फेल हुआ, लेकिन हार नहीं मानी।" - लोकेश शर्मा
घर लौटे तो दौलतगंज में हुआ भव्य स्वागत:
जब लोकेश अपने गांव लौटे, तो दौलतगंज की गलियों में ढोल-नगाड़ों और मिठाइयों के साथ जश्न का माहौल था। मोहल्ले के लोग और परिजन गर्व से भर उठे। हर कोई कह रहा था - "बेटा तो देश के लिए उड़ चला।"
युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत:
लोकेश का संघर्ष और समर्पण आज हर युवा के लिए सीख है। उन्होंने कहा "अगर आप सच्चे दिल से कोशिश करते रहें, तो मंज़िल ज़रूर मिलती है। हार मानना विकल्प नहीं होना चाहिए।"












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