जेल से बाहर आते ही बाहुबली शहाबुद्दीन ने दिखाए तेवर, निकला 1300 गाड़ियों का काफिला
पटना। पूर्व आरजेडी सांसद और बाहुबली शहाबुद्दीन ने शनिवार को 11 साल बाद जेल से बाहर आते ही अपने तेवर दिखाए हैं। शहाबुद्दीन ने जेल से बाहर आते ही न सिर्फ नीतीश सरकार पर निशाना साधा, बल्कि अपनी ताकत का प्रदर्शन भी बखूबी किया। शहाबुद्दीन के स्वागत के लिए भागलपुर से प्रतापपुर तक जोरदार तैयारियां की गई हैं।

जेल से बाहर आते ही शहाबुद्दीन ने मीडिया से बातचीत में साफ कहा कि वह अपनी छवि में किसी तरह का बदलाव नहीं करने जा रहे। उन्होंने कहा, 'सब जानते हैं कि मुझे फंसाया गया है। मैं अपनी छवि क्यों बदलूंगा? मैं जैसा हूं जनता मुझे इसी रूप में 26 साल से स्वीकार कर रही है।'
CM नीतीश कुमार पर उठाया सवाल
पूर्व आरजेडी सांसद ने कहा कि उनकी जमानत का राजनीति से कोई लेना देना नहीं है। कोर्ट ने उन्हें जेल भेजा था और कोर्ट ने ही उन्हें जमानत दी है, ऐसे में इसे राजनीति से जोड़ना ठीक नहीं है। नीतीश सरकार की ओर से फायदा पहुंचाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि नीतीश मौका परस्त व्यक्ति हैं। उन्हें परिस्थितियों की वजह से मुख्यमंत्री पद मिला है।

1300 गाड़ियों का काफिला
शहाबुद्दीन के जेल से बाहर आने की सूचना मिलते ही उनके स्वागत की तैयारियां तीन दिन पहले ही शुरू हो गई थीं। शनिवार को वह जेल से बाहर आए तो 100 लग्जरी गाड़ियों के अलावा उनके काफिले में करीब 1200 अन्य गाड़ियां शामिल होने का दावा मीडिया रिपोर्ट्स में किया गया है। सोशल मीडिया में भी लोगों ने शहाबुद्दीन के काफिले में इतनी गाड़ियां शामिल होने और स्वागत को लेकर सवाल उठाए हैं। शहाबुद्दीन की पत्नी ने भी बताया कि शहाबुद्दीन के स्वागत के लिए प्रतापपुर में जबरदस्त तैयारियां की गई हैं।
नीतीश सरकार के मंत्री भी स्वागत में जुटे
बिहार की नीतीश सरकार में आरजेडी के भी कई मंत्री हैं। शहाबुद्दीन की रिहाई से आरजेडी खेमे के नेताओं में भी खुशी की लहर है और कई नेता शहाबुद्दीन के स्वागत में डटे हैं। सूत्रों के मुताबिक, नीतीश सरकार के एक मंत्री ने शहाबुद्दीन के स्वागत में 100 लग्जरी गाड़ियां लगाई हैं।

वफादारी को लेकर भी खारिज की अटकलें
शहाबुद्दीन ने कहा कि वह हमेशा से आरजेडी के प्रति वफादार थे और उसी के प्रति रहेंगे। उन्होंने कहा, 'पूरा राज्य जानता है, पूरा देश जानता है कि मेरी वफादारी किसके प्रति रही है। वह जहां है वहीं रहेगी। इसे लेकर किसी तरह का सवाल नहीं उठता।'
इस मामले में मिली है शहाबुद्दीन को जमानत
बता दें कि शहाबुद्दीन को नवंबर 2005 में हत्या के एक मामले में गिरफ्तार किया गया था। उस वक्त वह संसद सत्र में हिस्सा लेने के लिए दिल्ली आए हुए थे। शहाबुद्दीन पर राजीव रोशन नाम के शख्स की हत्या का आरोप है। वह सीवान में 2004 में हुई दो भाइयों गिरीश राज और सतीश राज की हत्या का चश्मदीद गवाह था। इस मामले में पटना हाई कोर्ट ने शहाबुद्दीन की जमानत याचिका मंजूर की है।












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