Maithili Thakur Viral Speech: विधानसभा में गरजीं मैथिली ठाकुर,लालू यादव को बताया धृतराष्ट्र,तेजस्वी 'दुर्योधन'
Maithili Thakur Viral Speech: बिहार विधानसभा के बजट सत्र फरवरी 2026 के दौरान बीजेपी की सबसे कम उम्र की विधायक और प्रसिद्ध लोक गायिका मैथिली ठाकुर ने अपने पहले भाषण से सदन में खलबली मचा दी है।
मैथिली ने बिहार के राजनीतिक इतिहास को महाभारत के पात्रों से जोड़ते हुए लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव पर सीधा हमला बोला। बिहार विधानसभा में गुरुवार, 19 फरवरी को शिक्षा बजट पर चर्चा के दौरान एक ऐसा भाषण हुआ जिसने सोशल मीडिया से लेकर गलियारों तक सुर्खियां बटोर ली हैं।

अलीनगर (Alinagar) से बीजेपी विधायक मैथिली ठाकुर ने अपने संबोधन में राजद (RJD) के 'जंगलराज' की तुलना महाभारत के 'हस्तिनापुर' से कर दी। उन्होंने लालू परिवार पर तंज कसते हुए उन्हें राज्य की चिंता से ऊपर पुत्र मोह रखने वाला बताया।
Alinagar MLA Maithili Thakur Viral Video: मैथिली ठाकुर का लालू राज पर तंज, कहा- धृतराष्ट्र अंधे थे
मैथिली ठाकुर ने विधानसभा में मौजूद वरिष्ठ नेताओं को संबोधित करते हुए कहा कि जब वह 2005 से पहले के बिहार को याद करती हैं, तो उन्हें महाभारत का काल याद आता है। उन्होंने कहा- हस्तिनापुर में धृतराष्ट्र जैसे बहुत बड़े वरिष्ठ और अनुभवी राजा थे, लेकिन वे अंधे थे और देखना भी नहीं चाहते थे।
क्योंकि उन्हें हस्तिनापुर की चिंता नहीं थी, बल्कि सिर्फ अपने दुर्योधन की चिंता थी। मैथिली ने साफ तौर पर लालू प्रसाद यादव की तुलना धृतराष्ट्र से और तेजस्वी यादव की तुलना दुर्योधन से की, जिससे विपक्षी खेमे में भारी नाराजगी देखी गई।
नीतीश कुमार को बताया 'धर्मराज युधिष्ठिर'
लालू राज की आलोचना के बाद मैथिली ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के शासन की सराहना की। उन्होंने कहा कि जिस तरह युधिष्ठिर के राज में धर्म की स्थापना हुई और प्रजा सुखी हुई, ठीक वैसे ही 2005 के बाद बिहार में 'सुशासन' का सवेरा हुआ। जंगलराज बनाम सुशासन पर अपनी बात रखते हुए उन्होंने कहा कि 2005 से पहले बेटियां स्कूल नहीं जा पाती थीं और शिक्षक वेतन के लिए भटकते थे।
मैथिली ने नीतीश कुमार की साइकिल योजना को गेम-चेंजर बताया, जिसने लाखों बेटियों के भविष्य को अंधकार से प्रकाश की ओर मोड़ा।
— Maithili Thakur (@maithilithakur) February 20, 2026
अपने भाषण के दौरान मैथिली ने श्लोक 'तमसो मा ज्योतिर्गमय' का उदाहरण देते हुए कहा कि बिहार का सफर अंधकार से प्रकाश की ओर, भय से आत्मविश्वास की ओर और अपमान से सम्मान की ओर रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को अपनी प्रेरणा बताया और कहा कि उन्हीं को देखकर वह राजनीति में आईं ताकि अपने क्षेत्र अलीनगर की सेवा कर सकें।
इससे पहले भी तेजस्वी की अनुपस्थिति पर किया था कटाक्ष
इससे पहले भी मैथिली ठाकुर चर्चा में आई थीं जब उन्होंने सदन में तेजस्वी यादव की अनुपस्थिति पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि वह विपक्ष से 'ठोस बहस' की उम्मीद करती हैं, लेकिन उन्हें सदन में सही 'कंपटीशन' नहीं मिल रहा है। मैथिली ठाकुर के इस तीखे भाषण के बाद राजद विधायकों ने सदन में जमकर हंगामा किया। विपक्ष ने इसे "अपमानजनक" करार दिया, जबकि सत्ता पक्ष (NDA) ने मैथिली की वाकपटुता और साहस की सराहना की।












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