Madhepura News: महंत का पाखंड उजागर: नाबालिग से शादी का झांसा देकर यौन शोषण, आजीवन कारावास, जानिए पूरा मामला
Madhepura News: मधेपुरा की अदालत में न्याय की जो गूंज सुनाई दी, इसके पीछे छिपी कहानी में इंसानियत का ऐसा काला चेहरा है जिसे सुनकर रूह कांप उठे। एक महंत, जो समाज में धर्म, आस्था और सदाचार का प्रतीक माना जाता है। उसने अपनी धार्मिक पहचान का मुखौटा पहनकर मासूमियत को रौंद डाला।
शादी का झांसा देकर एक नाबालिग का वर्षों तक यौन शोषण करने वाला यह महंत अब आजीवन सलाखों के पीछे रहेगा। माला जुलाई 2014 का है, जब आलमनगर थाना क्षेत्र की 16 वर्षीय पीड़िता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी।

आरोप था कि 2012 में महंत पहली बार उसके गांव आया और फिर धीरे-धीरे उसके घर और जीवन में अपनी जगह बनाने लगा। हर महीने-दो महीने में मठ आने वाला यह महंत शादी का लालच देकर उसका यौन शोषण करता रहा। पीड़िता की ज़िंदगी तब और उलझ गई जब वह गर्भवती हो गई।
युवती ने महंत पर शादी का दबाव डाला, लेकिन धर्म की आड़ में पाप करने वाला यह शख्स अचानक संपर्क तोड़कर गायब हो गया। पीड़िता के घर जाना बंद कर दिया और अपना ठिकाना छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए महंत को गिरफ्तार किया और मामले की जांच शुरू हुई।
अभियोजन पक्ष ने अदालत में 7 गवाह पेश किए, जिनके बयानों और ठोस सबूतों ने महंत के अपराध को बेनकाब कर दिया। एडीजे-6 अमित कुमार पांडेय की अदालत ने दोषी महंत को आजीवन कारावास और ₹1 लाख के जुर्माने की सज़ा सुनाई।
स्पेशल पीपी विजय कुमार मेहता ने फैसले पर कहा, "अदालत ने सभी सबूतों और गवाहियों को देखने के बाद यह तय किया कि दोषी ने मासूमियत के साथ क्रूर खिलवाड़ किया है, और उसे कठोर सज़ा मिलनी ही चाहिए।"
धर्म की आड़ में पाप का खेल खेलने वाले इस महंत का अंत जेल की सलाखों के पीछे हुआ। यह फैसला सिर्फ एक पीड़िता के लिए न्याय नहीं, बल्कि समाज को यह संदेश है कि चाहे अपराधी कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, अगर उसने मासूम की जिंदगी को रौंदा है, तो कानून के हाथ उसे पकड़ने में देर नहीं करेंगे।












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