Kishanganj Lok Sabha Seat: कांग्रेस के गढ़ में 1999 में भाजपा ने लगाई थी सेंध, जानिए सियासी इतिहास
Lok Sabha Chunav 2024: बिहार में आगामी चुनाव को लेकर सियासी बयानबाज़ी के साथ ही चुनावी चर्चा भी शुरू हो गई है। इसी कड़ी में आज हम आपको मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र में शुमार की जाने वाली लोकसभा सीट किशगंज के सियासी समीकरण और इतिहास बताने जा रहे हैं।
किशनगंज लोकसभा सीट कांग्रेस का गढ़ माना जाता है। यहां अन्य दलों के लिए सेंध लगाना आसान काम नहीं है। इसके बावजूद 1999 में यहां भाजपा सेंध लगाने में कामयाब हो गई थी। 3 दलों के टक्कर के बीच भाजपा की टिकट पर शहनवाज़ हुसैन ने पार्टी का परचम बुलंद किया था।

कांग्रेस प्रत्याशी लगातार पिछले 3 लोकसभा चुनाव (2009, 2014 और 2019) से जीत दर्ज करते आ रहे हैं। 2009, 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की टिकट पर असरारुल हक कासमी ने जीत दर्ज की थी। उनकी मौत के बाद किशनगंज से कांग्रेस विधायक डॉ. मो. जावेद आज़ाद को सीट बरक़रार रखने की ज़िम्मेदारी दी गई। 2019 के लोकसभा चुनाव में मोदी लहर के बावजूद डॉ. मो. जावेद आज़ाद ने बिहार में कांग्रेस के गढ़ को बरकार रखते हुए जीत दर्ज की।
लोकसभा चुनाव 2024 में कांग्रसे के किले में किसी भी दल के लिए सेंधमारी करना आसान नहीं होगा। बिहार में 1 ही लोकसभा सीट कांग्रेस के खाते में हैं, वह है किशनगंज सीट। यहां (किशनगंज) में AIMIM (सांसद असदउद्दीन की पार्टी) की एंट्री होने पर भी कांग्रेस की सीट बरकरार रही।
कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. मो. जावेद आज़ाद ने लोकसभा चुनाव 2019 में करीब डेढ़ लाख वोटों से जदयू प्रत्याशी महमूद अशरफ को सियासी मात दी थी। आपको बता दें कि डॉ. मो. जावेद आज़ाद को सियासत की विरासत अपने पिता से मिली है। वह कांग्रेस के दिग्गज नेता मो. आज़ाद हुसैन के बेटे हैं। AIMIM प्रत्याशी अख्तरुल ईमान तीसरे नंबर पर रहे थे।
किशनगंज लोकसभा सीट पर जातीय समीकरण की बात की जाए तो देश में कश्मीर के बाद मुस्लिम की सबसे ज्यादा आबादी किशनगंज में है। 75 फ़ीसद की मुस्लिम आबादी विनिंग फैक्टर माने जाते हैं। उसके बाद सहनी, यादव, पासवान, शर्मा, रविदास, आदिवासी, बाह्रमण आते हैं। इसके अलावा मारवाड़ी और पंजाबी 0.5 फीसद से भी कम हैं।
किशनगंज लोकसभा सीट के अंतर्गत में 6 विधानसभा क्षेत्र आते हैं। इसमें चार सीटों (बहादुरगंज, कोचाधामन, अमौर और बायसी) पर AIMIM ने जीत दर्ज की थी, बाद में इस क्षेत्र के 3 MLA राजद में शामिल हो गए। वहीं कांग्रेस के खाते में किशनगंज विधानसभा सीट गई और राजद के खाते में ठाकुरगंज विधानसभा सीट गई।
किशनगंज लोकसभा सीट से जीते हुए सांसदों की सूची
1957: एम. ताहिर, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
1962: एम. ताहिर, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
1967: लखन लाल कपूर, पी एस पी
1971: जमीलुर्रहमान, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
1977: हलीमुद्दीन अहमद, भारतीय लोक दल
1980: जमीलुर्रहमान, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
1985: सैयद शहाबुद्दीन, जनता पार्टी
1989: एम जे अकबर, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
1991: सैयद शहाबुद्दीन, जनता दल
1996: मोहम्मद तस्लीमुद्दीन, जनता दल
1998: मोहम्मद तस्लीमुद्दीन, राष्ट्रीय जनता दल
1999: सैयद शाहनवाज हुसैन, भारतीय जनता पार्टी
2004: मोहम्मद तस्लीमुद्दीन, राष्ट्रीय जनता दल
2009: मोहम्मद असरारुल हक, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
2014: मोहम्मद असरारुल हक, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
2019: मोहम्मद जावेद, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस












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