Jamui Lok Sabha Seat: विकास की नई ईबारत लिखेंगे, जमुई को मिलेंगे दो-दो सांसद- अरुण भारती
Jamui Lok Sabha Ground Report: जमुई लोकसभा इन दिनों बिहार की हॉट लोकसभा सीटों में शुमार की जा रही है। चुनावी माहौल जानने के लिए वन इंडिया हिंदी की टीम ग्राउंड पर पहुंची। इसी दौरान एनडीए समर्थित प्रत्याशी अरुण भारती (लोजपा (र) अध्यक्ष, चिराग पासवान के बहनोई) ने ख़ास बातचीत की। वीडियो में आप देख सकते हैं कि उन्होंने किस तरह से विपक्ष पर निशाना साधा है।
लोजपा (र) प्रत्याशी अरुण भारती ने कहा कि चिराग पासवान ने जमुई की जनता की 10 साल सेवा की। इस बार चिराग पासवान ने अपनी ज़िम्मेदारी मेरे कंधों पर दी है। एनडीए के आलाकमान का मैं शुक्रगुज़ार हूं कि उन्होंने मुझे अपना प्रत्याशी बनाया है।

2014 में चिराग पासवान जमुई आए, उन्होंने यहां के जनता के बीच उन्होंने अपनी छाप छोड़ी है। विरासत में कुछ भी नहीं मिला था। जमुई में उन्होंने खुद से अपनी ज़मीन तैयार की और 2019 में भी भारी मतों से जीत दर्ज की। 2020 में हालात बदले, अभिवावक के निधन के बाद पार्टी टूट गई।
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पार्टी टूटने के बाद हम लोगों ने ग्राउंड ज़ीरो पर काम करते हुए पार्टी को खड़ा करना पड़ा। जमुई की जनता को चिराग पासवान से काफी उम्मीदें हैं। ऐसे में चिराग पासवान ने तय किया कि जमुई की जनता के साथ-साथ अपने पिता स्व. रामविलास पासवान की ज़िम्मेदारियों को पूरा करने के लिए हाजीपुर जाएंगे।
जमुई की जनता मायूस नहीं हो इसलिए उन्होंने मुझे अपने कार्यक्षेत्र की ज़िम्मेदारी दी, ताकि जमुई की जनता से किए वादे को पूरा कर सकें। इस तरह से जमुई को एक नहीं दो-दो सांसद मिलेंगे। जमुई की जनता जो चिराग पासवान का परिवार है, जैसे उन्होंने चिराग पासवान को आशीर्वाद दिया था। मुझे उम्मीद है कि अब जनता मुझे भी वही प्यार देगी।
विपक्ष के नेता जो कह रहे हैं कि, हम NDA को कड़ी टक्कर दे रहे हैं, ऐसा कुछ भी नहीं है। बिहार के किस लोकसभा क्षेत्र में आप लोगों को चुनौती लग रही है। कहीं भी चुनौती नहीं है। जो नौकरी और रोज़गार का क्रेडिट ले रहे हैं। उन्हें यह समझना चाहिए कि नौकरी सीएम के हस्ताक्षर से मिलता है, ना कि मंत्री के कहने से।
जनता यह सब कुछ समझ रही है, इसलिए जनता विपक्ष के झूठे और खोखले दावे पर यकीन नहीं कर रही है। बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री को एक ही लोकसभा में 10-10 बार सभाएं करनी पड़ रही है। इससे ही आप अंदाज़ा लगा सकते हैं कि, जनता किसे समर्थन कर रही है। अगर जनता विपक्ष के साथ होती तो, तेजस्वी यादव को एक ही लोकसभा में 10-10 जनसभाएं नहीं करनी पड़ती।












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