Indian Railways: बिहार में ट्रेन खड़ी कर शराब पीने चला गया ड्राइवर, पकड़ा गया तो जवाब सुनिए-Video
समस्तीपुर, 3 मई: बिहार ड्राई स्टेट है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर शराबबंदी के चक्कर में दूसरी महत्वपूर्ण बातों को नजरअंदाज करने के आरोप लगते हैं। लेकिन, फिर भी प्रदेश में शराब पीने वालों को कोई नहीं रोक पा रहा है। इसका सबसे ताजा उदाहरण रेलवे का एक असिस्टेंट लोको पायलट (एएलपी ) है, जो ट्रेन और यात्रियों को छोड़कर अपनी तलब मिटाने चला गया। दो-चार मिनट नहीं, लगभग घंटे भर तक ट्रेन स्टेशन पर रुकी रही, लेकिन ड्राइवर ग्रीन सिंग्नल के बावजूद ट्रेन बढ़ाने को तैयार नहीं था। जब उस असिस्टेंट लोको पायलट की तलाश में जीआरपी को लगाया गया, तब पता चला कि उसने बगल के एक बाजार में इतनी दारू पी ली है कि खड़ा भी नहीं हो पा रहा, तो ट्रेन क्या चला पाएगा।

ट्रेन रोककर पीने चला गया ड्राइवर
रेलवे के एक असिस्टेंट लोको पायलट ने नीतीश कुमार सरकार की शराबबंदी के दावों की पोल खोल दी है। दरअसल, बिहार में एक ऐसी अजीब घटना घटी है, जिसके बारे में कल्पना करना भी मुश्किल है। यहां एक लोकल ट्रेन करीब एक घंटे तक एक स्टेशन पर इसलिए खड़ी रही, क्योंकि असिस्टेंट लोको पायलट ही इंजन से गायब हो गया था। लेकिन, जब इस बात की जानकारी मिली कि वह कहां गया है तो यात्रियों से लेकर रेल अधिकारियों का माथा ठनक गया। क्योंकि, वह ड्राइवर शराब पीने के लिए ट्रेन को रोककर चला गया था। कुछ दिनों पहले बिहार से ही इसी तरह का एक और मामला सामने आया था।

ड्राइवर की तलाश में जुटे थे रेलवे के कर्मचारी
घटना समस्तीपुर रेल डिविजन के हसनपुर स्टेशन की है। यहां पर समस्तीपुर-सहरसा पैसेंजर ट्रेन (ट्रेन नंबर-05278) कुछ देर के लिए राजधानी एक्सप्रेस को पहले गुजरने देने के लिए रोकी गई थी। उसी दौरान इस पैसेंजर ट्रेन के इंजन से असिस्टेंट लोको पायलट करणवीर प्रसाद यादव उतरा और गायब हो गया। जब सिंग्नल दिए जाने के बाद भी, गार्ड की हरी झंडी के बाद भी ट्रेन आगे नहीं बढ़ रही थी तो असिस्टेंट स्टेशन मास्टर ने इसके बारे में पता किया। उधर ट्रेन में बैठे यात्री भी उतावले होने लगे थे।

जांच के बाद कार्रवाई होगी- डीआरएम
इसके बाद उस असिस्टेंट लोको पायलट को खोजने के लिए जीआरपी को बुलाया गया और उसने तलाशने पर पाया कि ड्राइवर तो पास के बाजार में शराब की नशे में है। उसकी हालत ऐसी थी कि उससे सीधा खड़ा भी नहीं हुआ जा रहा था। जीआरपी ने एएलपी को फौरन गिरफ्त में ले लिया। हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक समस्तीपुर के डीआरएम आलोक अग्रवाल ने कहा है कि उन्होंने विस्तृत रिपोर्ट मंगवाई है। उन्होंने मंगलवार को कहा, 'जांच पूरी होने के बाद रेलवे कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।'

राजधानी की क्रॉसिंग के लिए ठहरी थी ट्रेन
जीआरपी के अधिकारियों के मुताबिक घटना सोमवार शाम की है। ट्रेन समस्तीपुर जंक्शन छोड़ने के बाद करीब एक घंटे चलकर 45 किलोमीटर दूर हसनपुर स्टेशन पर ठहरी थी। वह समस्तीपुर से 139 किलोमीटर दूर सहरसा जा रही थी। इस सवारी गाड़ी को उस स्टेशन पर सिर्फ 2 मिनट ही रुकना था, ताकि राजधानी एक्सप्रेस वहां से क्रॉस कर सके। लेकिन, ऐसी रुकी कि बढ़ने का नाम ही नहीं ले रही थी। (ट्रेनों की तस्वीरें- प्रतीकात्मक)
जीआरपी की गिरफ्त में आया आरोप असिस्टेंट लोको पायलट
जब सारा माजरा सामने आ गया और यात्री हंगामा करने लगे तो स्टेशन मास्टर मनोज कुमार चौधरी ने एक और असिस्टेंट लोको पायलट ऋषि राज कुमार से अनुरोध किया कि वह यादव की जगह लें। ऋषि उसी ट्रेन से सफर कर रहे थे। 8 दिन पहले ही बिहार के ही सिवान स्टेशन के पास एक रेलवे क्रॉसिंग के नजदीक लोको पायलट ने चाय पीने के लिए गाड़ी रोक दी थी। वह ट्रेन ग्वालियर-बरौनी एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर- 11123) थी। बाद में जब जीआरपी थाने में करणवीर प्रसाद यादव से पूछताछ हो रही थी, तब भी उसकी हालत का पता चल रहा था। यह वीडिए एएनआई के पत्रकार ने ट्विटर पर शेयर किया है।












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