'अपनी अक्ल और शक्ल देखें', ठाकुर विवाद पर लालू ने आनंद मोहन को लगाई कड़ी फटकार
Lalu Yadav On Anand Mohan: आरजेडी सांसद मनोज झा द्वारा राज्यसभा में की गई 'ठाकुर का कुआं' कविता पाठ के बाद से बिहार में सियासी जंग शुरू हो गई है। आरजेडी के भीतर ही कलह देखने को मिल रही है। आरजेडी विधायक चेतन आनंद और उनके पिता आनंद मोहन जहां इस मामले पर खुलकर मनोज झा को धमकी देते नजर आ रहे हैं तो वहीं लालू प्रसाद भी अब बचाव में आ गए हैं। लालू प्रसाद ने आनंद मोहन को कड़ी फटकार लगाते हुए अक्ल और शक्ल पर सवाल उठा दिए हैं।
आनंद मोहन अपनी अक्ल और शक्ल देखें: लालू यादव
लालू यादव ने एक निजी चैनल से बातचीत करते हुए कहा कि आनंद मोहन को जितनी बुद्धि होगी, उतना ही बोलेगा ना। लालू का गुस्सा यहीं नहीं रुका। उन्होंने आगे कहा, आनंद मोहन पहले अपनी अक्ल और शक्ल देखें। चेतन आनंद को भी अक्ल नहीं है। लालू ने कहा कि जब उनके पास इतनी कम बुद्धि है तो क्या कर सकते हैं।

गुरुवार को भी लालू ने आनंद मोहन को दी थी नसीहत
इससे पहले गुरुवार को मीडिया ने जब मनोज झा के बयान को लेकर सवाल पूछा तो लालू यादव ने कहा कि मनोज झा बहुत विद्वान आदमी हैं। उन्होंने जो कहा वह सही ही कहा होगा। उन्होंने कहा कि मनोज झा ने कहीं राजपूत का नाम नहीं लिया। लालू यादव ने बिना नाम लिए आनंद मोहन को नसीहत देते हुए कहा कि जो सज्जन निरीक्षण दे रहे हैं, उन्हें इनसब चीजों से परहेज करना चाहिए। लालू ने कहा कि मनोज ने जो कहा है, सही कहा है।
चेतन आनंद और आनंद मोहन ने दी थी मनोज झा को चेतावनी
पूर्व बाहुबली नेता आनंद मोहन ने कहा कि आरजेडी सांसद मनोज झा ने कैसे ठाकुरों पर अनाप शनाप बोल दिया? वह जो कविता का पाठ लोकतंत्र के मंदिर संसद में पढ़ रहे थे उस कविता में अंदर के ठाकुरों को मारने का कहीं जिक्र नहीं है। मैं संसद में रहता तो उनका जीभ खींचकर आसन की ओर उछाल देता। वहीं चेतन आनंद ने भी मनोज झा को नसीहत देते हुए कहा था कि वह ठाकुरों का अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे।












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