दोबारा BJP में ना जाए नीतीश, इसलिए लालू लगाते थे उन्हें दही का टीका
पटना। बिहार विधानसभा चुनावों से पहले जब नीतीश कुमार और लालू यादव एक साथ आए थे तो उस वक्त लालू ने उनका दही का टीका लगाकर स्वागत किया था। ऐसा लगभग दो साल तक चले गठबंधन में एक-दो और अवसरों पर भी देखने को मिला। यह बात तभी से चर्चा में थी आखिर लालू यादव, नीतीश को हमेशा दही का टीका क्यों लगाते हैं। अब राजद सुप्रीमो लालू यादव ने खुद इसका खुलासा किया है। लालू यादव ने कहा कि नीतीश कुमार पलटू राम है इसीलिए हम उन्हें दही का टीका लगाते थे ताकि वह दोबारा बीजेपी में जा कर न सटे। पर ऐसा नहीं हुआ। 'मिट्टी में मिल जाऊंगा मगर बीजेपी के साथ नहीं जाऊंगा' कहने वाले नीतीश कुमार हमारे टीके का इलाज भी नहीं रख पाए और बीजेपी से दोबारा गठबंधन कर बिहार की जनता के साथ धोखा देने का काम किया है।

राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को आड़े हाथ लेते हुए जहां दही का टीका लगाने का खुलासा किया वहीं उन्होंने यह भी बताया कि मैंने नीतीश कुमार के नाम की घोषणा नहीं की थी। वह तो मुलायम सिंह यादव थे जिन्होंने नीतीश कुमार के नाम की घोषणा करवाया था। वहीं अपने ऊपर लगे भ्रष्टाचार के आरोप पर सफाई देते हुए लालू प्रसाद यादव ने कहा कि मेरा और मेरे परिवार का कोई भी कुछ नहीं बिगाड़ सकता चाहे जितनी भी साजिश रचे। हम लोग घबराने वाले नहीं हैं। नीतीश और बीजेपी एक साथ मिलकर जो साजिश रच रही है उससे हमारा परिवार खत्म होने वाला नहीं है।
बिहार में हुए सृजन और शौचालय घोटाले मामले में नीतीश कुमार को आड़े हाथ लेते हुए लालू यादव ने कहा कि इन सभी घोटाले में अरबों का हेरफेर हुआ है। साथ हीराज्यसभा सांसद और नीतीश के करीबी आरसीपी सिंह पर घोटाले के पैसे लेने का भी आरोप लगाया। आरोप लगाते हुए लालू यादव ने एक नारा दिया जिसमें यह कहा कि नीतीश-भाजपा हटाओ और सारे घोटालों की जांच कराओ'। इस नारे पर कार्यक्रम बनाने की भी बात कही। उन्होंने कहा कि नीतीश और बीजेपी के खिलाफ पटना के गांधी मैदान में परिवर्तन रैली का आयोजन जल्द ही किया जाएगा।












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