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Bihar News: नीतीश सरकार की दोहरी नीति पर सवाल, अनंत सिंह की 3 करोड़ की गाड़ी सलामत, लालू के करीबी की कुर्की

Bihar News: बिहार में कानून का डंडा कब, किस पर और कैसे चलेगा, यह अब किसी नियम से नहीं, बल्कि रिश्तों और राजनीतिक समीकरणों से तय होता दिख रहा है। इसका ताज़ा उदाहरण हैं लालू प्रसाद यादव के पुराने और वफादार सहयोगी रीत लाल यादव, जिनकी संपत्ति को बिहार पुलिस ज़ब्त करने जा रही है।

एक पर कार्रवाई, दूसरे पर खामोशी- क्यों?
बाहुबली नेता अनंत सिंह की 3 करोड़ की लग्ज़री कार आज भी सड़कों पर बेधड़क दौड़ रही हैं, मगर प्रशासन को कोई आपत्ति नहीं। रीत लाल यादव पर एक पुराने मामले में गैर-जमानती वारंट जारी है और कई बार समन भेजे जाने के बावजूद वे कोर्ट में हाजिर नहीं हुए। पुलिस ने उनके ख़िलाफ़ कुर्की-जब्ती की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

Lalu Aide Reetlal Yadav Property Seized by Bihar Police

सवाल यह है कि उसी राज्य में अनंत सिंह जैसे नेता, जिन पर हत्या, रंगदारी और अवैध हथियार रखने जैसे गंभीर आरोप रहे हैं, उनकी किसी संपत्ति को ज़ब्त करने की चर्चा तक नहीं होती। जब उनकी 3 करोड़ रुपये की लग्ज़री गाड़ी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुईं, तो सरकार की चुप्पी और सवालों के घेरे में आ गई।

सरकार को चाहिए कि बिहार में बेलगाम अपराधियों पर लगाम लगाए और सबके लिए एक समान नियमनुसार कार्रवाई करे ताकि जनता में निष्पक्ष संदेश जाए, अभी तो नीतीश कुमार माफियों के चपरासी बने हुए हैं। ऐसे में कानून व्यवस्था बहाल कहां से होगी?

क्या नीतीश सरकार में 'चुनिंदा न्याय' लागू है?
सीएम नीतीश कुमार, जो खुद को "सुशासन बाबू" कहलाना पसंद करते हैं, उनकी पुलिस और प्रशासन पर अब "दोहरे मापदंड" अपनाने का आरोप लग रहा है। राजद प्रवक्ता ने कहा कि रीत लाल यादव का गुनाह बस इतना है कि वो लालू जी के वफादार हैं। अगर यही पैमाना है, तो अनंत सिंह पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं?

जनता पूछ रही है, कानून सबके लिए बराबर कब होगा?
बिहार की जनता जानना चाहती है कि क्या कानून वाकई सबके लिए समान है? अगर हां, तो फिर अनंत सिंह की संपत्तियों पर अब तक कुर्की की कार्रवाई क्यों नहीं हुई? क्या सत्ता से नज़दीकी अब न्याय से बड़ी हो गई है? विशेषज्ञ मानते हैं कि ऐसे मामलों से यह संदेश जाता है कि सत्ता में बैठे लोग कानून का इस्तेमाल 'राजनीतिक हथियार' के तौर पर कर रहे हैं। इससे आम जनता का व्यवस्था से भरोसा उठता है।

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