लखपति दीदी योजना: डॉ. शगुफ्ता ताजवर ने कहा- ‘लाडली बहना’ का मिला लाभ तो कर रहे नया प्रयोग
Lakhpati Didi Yojana: लोकसभा चुनाव से पहले केंद्र की मोदी सरकार ने दूसरे कार्यकाल का अंतरिम बजट पेश कर दिया है। बजट पर सियासी बयानबाज़ी भी शुरू हो गई है। इसी क्रम में सीपीआई नेत्री डॉ. शगुफ्ता ताजवर ने वन इंडिया हिंदी से ख़ास बातचीत में बेबाकी से अपनी बात रखी।
डॉ. शगुफ्ता ताजवर ने कहा कि इस बजट में महिलाओं को फोकस करते हुए लखपति दीदी योजना को बढ़ावा देने की बात की गई है। जबकि ज़मीनी हक़ीकत तो यह कि बिहार में महिलाओं को इस योजना का कोई लाभ मिलता हुआ नज़र नहीं आ रहा है।

लखपति दीदी योजना का बिहार के संदर्भ के देखें तो महिलाओं को ना के बराबर लाभ मिला है। बिहार में किसी भी क्षेत्र में जाकर घूमिये, आज भी महिलाएं रोज़गार के लिए दूसरों पर आश्रित हैं। ना तो इस प्रकार का कोई स्टार्ट अप है। ना इस प्रकार की कोई याजना दी गई है जिससे आर्थिक लाभ हो सके।
चुनावी मौसम में, चुनावी सौगात और बंदरबांट हुई है। योजना सिर्फ़ क़ाग़ज़ पर है, धरातल पर कहीं नहीं दिख रही है। आशा बहनों को आयुष्मान योजना का लाभ मिलने वाले सवाल पर डॉ. शगुफ्ता ताजवर ने कहा कि जिनका सूची में नाम है उन्हें तो लाभ मिल नहीं पा रहा है।
आयुष्मान योजना की जो सूची आई है उसमें 70 फीसद लोग छूटे हुए हैं। कोई जगह निर्धारित नहीं है जहां से सूची में नाम जुड़वाया जा सके। आशा बहनों को लाभ मिलने की बात तो दूर है। अप्रैल में चुनाव होने हैं, इसलिए लोकलुभावन बातें तो होंगी ही।
डॉ. शगुफ्ता ताजवर ने कहा कि महिलाओं के पास अपने परिवार के वोट को मूव करने का पॉवर होता है। वह जिस तरफ़ चाहेंगी वोट उस पार्टी को जा सकता है। इसका परिणाम मध्यप्रदेश के चुनाव के नतीजे हैं। आखिरी वक्त में उन्हें लाडली बहना योजना का पूरा का पूरा लाभ मिला।
मध्य प्रदेश में मिले लाभ को आधार बनाते हुए अब भाजपा पूरे देश में महिलाओं को लुभाने का नया प्रयोग कर रही है। महिलाओं को इस बजट में क्या मिला, टैक्स स्लैब मे महिलाओं को कोई छूट नहीं दी गई। आम लोगों के लिए महंगाई में कोई राहत नहीं आई। पेट्रोल डीज़ल के दामों में कोई राहत नहीं। हम लोग तो ठगे के ठगे रह गए। चुनावी मौसम में सिर्फ़ सियासी लॉलीपॉप थमाया गया है और कुछ नहीं।












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