Happy Birthday: जानिए लिट्टी-चोखा वाले बिहार का इतिहास
पुराने जमाने में लोग बिहार को मगध नाम से जानते थे, वहीं राजधानी पटना को पाटलीपुत्र के नाम से जाना जाता था। अब आप सोच रहे होंगे कि मगध नाम से बदलकर बिहार नाम कैसे और कब पड़ा? पढ़िए..
पटना। आज बिहार का जन्मदिन है, आज के दिन ही बिहार को बतौर राज्य घोषित किया गया था। आज बिहार 105 वर्ष का हो चुका है और तब से लेकर आज तक बिहार ने कई ऐसे काम किए हैं जो इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया है। तो बिहार की धरती पर इन 105 वर्षों में कई ऐसे लोगों ने जन्म लिए जिन्होंने बिहार के साथ-साथ देश का नाम रोशन करने का काम करते हुए अपना नाम इतिहास के पन्नों में दर्ज करवाया। आइए अब हम आपको बताते हैं बिहार के इतिहास के बारे में, आज के ही दिन सन् 1912 में 22 मार्च को बिहार और बंगाल का बंटवारा हुआ था। जिसके बाद बिहार एक अलग राज्य बन गया। तब से 22 मार्च को बिहार का हैप्पी बर्थ-डे मनाया जाता है।


जानिए बिहार का इतिहास
बिहार के इतिहास की चर्चा करने से पहले बिहार के बारे में जानना जरूरी है क्योंकि बिहार का नाम कैसे और क्यों बिहार पड़ा? बता दें कि बिहार का पुराना नाम मगध था। पुराने जमाने में लोग बिहार को मगध नाम से जानते थे, वहीं राजधानी पटना को पाटलीपुत्र के नाम से जाना जाता था। अब आप सोच रहे होंगे कि मगध नाम से बदलकर बिहार नाम कैसे और कब पड़ा। तो हम आपको बता दें कि बिहार के नाम की उत्पत्ति बौद्ध के विहार शब्द से हुई। जिसे लोग विहार के जगह पर विकृत रूप से संबोधित करते हुए बिहार कहते हैं। पुराने जमाने में बहुत बड़े साम्रज्यों का गढ़ रह चुका है ये प्रदेश।
वहीं बिहार के पुराने इतिहास के बारे में ऐसा कहा जाता है कि बिहार को लाने के लिए बाबू कुंवर सिंह का महत्वपूर्ण योगदान है। क्योंकि उन्होंने 1857 में हुए प्रथम सिपाही विद्रोह में अहम भूमिका निभाई थी। फिर 1912 में बंगाल से बिहार को अलग कर दिया गया। जिसके बाद बिहार एक अलग राज्य बना और उसका नाम अस्तित्व में आया। वहीं स्वतंत्रता संग्राम की लड़ाई में अंग्रेजों के खिलाफ किए गए बगावत कि लड़ाई में चंपारन का विद्रोह सबसे खास है। तो अंग्रेजो के खिलाफ भारत छोड़ो आंदोलन का नारा भी बिहार से ही दिया गया था। देश स्वतंत्र होने के बाद बिहार का एक और विभाजन हुआ जिसे झारखंड के नाम से लोग जानते हैं। अभी बिहार के उत्तर में नेपाल तो पूर्व में पश्चिम बंगाल, पश्चिम में उत्तर प्रदेश तो दक्षिण में झारखंड है।
बिहार का क्षेत्रफल
बिहार का कुल क्षेत्रफल 94,163 वर्ग किलोमीटर है जिसमे 92,257.51 वर्ग किलोमीटर ग्रामीण क्षेत्र है। यहां के अधिकतर लोग कृषि पर निर्भर हैं क्योंकि बिहार की भूमि कृषि योग्य है। आज भी बिहार के 75% लोग कृषि पर निर्भर है तो यहां की लगभग आधी आबादी प्रशासनिक स्तर पर गरीबी रेखा के अंतर्गत आती है।
कभी बिहार शिक्षा के नाम से जाना जाता था क्योंकि यहां शिक्षा ग्रहण करने के लिए दूर-दूर से और दूसरे राज्य से लोग आते थे और नालंदा विश्वविद्यालय, विक्रमशिला विश्वविद्यालय और ओदंतपुरी विश्वविद्यालय में रहकर शिक्षा ग्रहण करते थे। आज भी बिहार कि कई वस्तुएं दूसरे राज्य के लोग इस्तेमाल करते हैं जिससे बिहार की अपनी पहचान बनती है। बिहार की पहचान लालू, नीतीश ही नहीं बल्कि लिट्टी-चोखा तक पहुंच रखती है जो अपने आप में खास हैं।












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