खगड़ियाः पति की मौत के बाद पत्नी ने दी चिता को आग, मृतक की नहीं थी कोई संतान

खगड़िया। कोरोना काल में कई ऐसी घटनाएं सामने आईं, जिसने सामज के कई सारी पुरानी रीतियों को बदल दिया। ऐसा ही एक मामला शुक्रवार को खगड़िया जिले से सामने आया, जहां एक पत्नी ने समाज के बंधन को पीछे छोड़ते हुए अपने पति को मुखाग्नि दी और अंतिम संस्कार किया। जिले के परबत्ता में सियादतपुर अगुवानी पंचायत के राका गांव के रहने वाले कृष्णानंद मिश्र काफी समय से बीमार चल रहे थे। इस दौरान परिजनों ने पटना में उनका इलाज कराया, लेकिन उनकी तबीयत में किसी तरह का कोई सुधार नहीं हुआ। इसके बाद उन्हें उनके पैतृक गांव राका लाया गया, जहां गुरुवार की रात को उनका निधन हो गया।

khagaria wife did last creamation of her husband

मृतक कृष्णानंद मिश्र का कोई संतान नहीं था। परिजनों ने बताया कि मृत्यु से पूर्व उन्होंने अपनी अंतिम इच्छा जताते हुए कहा था कि उनकी चिता को उनकी पत्नी मुखाग्नि देगी। उनकी इस आखिरी इच्छा का सम्मान करते हुए उनकी पत्नी मीना देवी ने अगुवानी गंगा घाट पर दर्जनों परिजनों की मौजूदगी मे अंतिम संस्कार के लिए अपने पति को मुखाग्नि दी।

बता दें कि हिंदू समाज में आज भी महिलाओं का श्मशान जाकर अंतिम क्रिया में भाग लेना भले ही वर्जित माना जाता है, लेकिन महिलाएं यह साबित करने को तत्पर हैं कि वह हर कदम पर पुरुषों के साथ बराबरी का दर्जा पाने में सक्षम हैं। इससे पहले बेटियां पिता को मुखाग्नि देती थी। हालांकि मृतक के परिजन भी अब इन रूढ़ियों को समर्थन देने से इंकार कर रहे हैं।

उनका कहना है कि रुढ़िवादी परंपराओं में हमारा समाज आज भी जकड़ा हुआ है जिससे अब बाहर निकलने की जरूरत है। समाज में ऐसी परंपराओं का अब कोई स्थान नहीं रह गया है। मृतक के बड़े भाई तारकेश्वर मिश्र, भतीजा गिरीश चंद्र मिश्र सहित अन्य परिजनों को लॉकडाउन के कारण अंतिम संस्कार में उपस्थित होने का मौका नहीं मिल पाया।

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