Kedar Nath Pandey: जब केदारनाथ पांडेय ने कहा था, बिहार में प्रतिभा तो है लेकिन अच्छी शिक्षा का अभाव है
Kedar Nath Pandey ने वन इंडिया से बातचीत के दैरान बताया कि पहले बिहार में दूर-दूर से छात्र पढ़ने आते थे। नालंदा विश्वविद्यालय का नाम पूरे देश के अच्छे संस्थानों में शुमार किया जाता था। 1990 से लेकर 2005 तक शिक्षा पर...
Kedar Nath Pandey: बिहार की सियासत के दिग्गज नेताओं में शुमार किए जाने वाले भारतीय कम्यु निस्ट् पार्टी के वरिष्ठ नेता केदार नाथ पांडेय का रविवार रात 11 बजे हार्ट अटैक से निधन हो गया। सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से एमएलसी रहे केदारनाथ पांडे मेदांता अस्पताल (नई दिल्ली) में आखिरी सांस ली। उनके निधन पर बिहार में शोक व्याप्त है। बिहार के मुख्येमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के साथ ही तमाम नेताओं ने श्रद्धांजलि दी।

शिक्षकों की आवाज़ बुलंद करते रहे केदारनाथ पांडे
केदारनाथ पांडे बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष भी थे, उन्होंने अपनी हयात में शिक्षकों की आवाज़ बुलंद करते रहे। इसके साथ ही वह लगातार पांर बार विधान पार्षद रहे। उनके निधन पर शोक प्रकट करते हुए सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि स्व. केदारनाथ पांडेय एक कुशल राजनेता और समाजसेवी थे। बिहार में शिक्षकों के हक के लिए आवाज़ उठाने वाले दिग्गज नेताओं में उन्हें शुमार किया जाता था।

शिक्षा व्यवस्था पर बेबाकी से रखी अपनी बात
बिहार की शिक्षा व्यवस्था पर वन इंडिया हिंदी ने केदारनाथ पांडे से खास बातचीत की थी। केदारनाथ पांडेय ने वन इंडिया से बातचीत के दैरान बताया कि पहले बिहार में दूर-दूर से छात्र पढ़ने आते थे। नालंदा विश्वविद्यालय का नाम पूरे देश के अच्छे संस्थानों में शुमार किया जाता था। 1990 से लेकर 2005 तक शिक्षा पर खास ध्यान नहीं दिया गया था। शिक्षा के हालात बद से बदतर होते चले गए। उसके बाद सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में विभिन्न परियोजनाओं पर ध्यान दिया। विश्विद्यालय वगैरह भी खोले गए। इसके साथ मेडिकल और इंजिनियरिंग के क्षेत्र में भी शिक्षा व्यवस्था पर ज़ोर दिया गया।

'शिक्षा क्षेत्र में आवश्यक संसाधनों की ज़रूरत'
केदारनाथ पांडेय ने कहा था कि शिक्षा क्षेत्र में ध्यान देने के बावजूद जो आवश्यक संसाधनों की ज़रूरत है, वह सरकार के पास नहीं है। बिहार की शिक्षा व्यवस्था पर नीति आयोग भी बार बार टिप्पणी करता रहा है कि बिहार में शिक्षा संसाधनों का अभाव है। नीति आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक भी बिहार में शिक्षा क्षेत्र में सुधार के लिए कई मानकों काम करने की ज़रूरत है।

बिहार में होनहार छात्रों की कमी नहीं है- केदारनाथ पांडेय
केदारनाथ पांडेय ने कहा था कि बिहार में होनहार छात्रों की कमी नहीं है, बच्चे तो प्रतिभाशाली हैं, लेकिन उन्हें शिक्षा क्षेत्र में सारी सुविधाएं नहीं मिल पाती हैं। दिल्ली और कोटा की तर्ज़ पर बिहार में भी शिक्षा क्षेत्र को सुधार की आवश्यकता है। बच्चे अच्छी शिक्षा हासिल कर सकें, इसका बिहार में अभाव है, यही वजह है कि बिहार के बच्चे दूसरे प्रेदश में जाकर शिक्षा हासिल करते हैं और नाम रोशन करते हैं। बिहार के बच्चे दूसरे प्रेदशों में जाकर शिक्षा हासिल कर अपने राज्य का नाम रोशन करते हैं। अगर उन्हें बिहार में ही सुविधा मिलेगी तो वह दूसरे प्रदेश जाने के लिए मजबूर नहीं होंगे।
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