Bihar Village: एक गांव ऐसा भी जहां आज तक नहीं हुई चोरी, ग्रामीण नहीं लगाते घरों पर ताला, जानिए क्यों?

Bihar Village: जमुई जिला में एक गांव है जहां लोग अपने घरों पर ताला नहीं लगाते हैं। गौ़रतलब है कि इस गांव में लोग बिना ताला लगाए बाहर भी जाते हैं, लेकिन आज तक चोरी की वारदात नहीं हुई है।

Kaduaatri village jamui people dont use to lock home while go outside

Bihar Village: देश भर रोज़ाना आपराधिक वारदातों की खबर देखने को मिलती है, आये दन कहीं ताला लगे घर में चोरी, तो कहीं दिनदिहाड़े डकैती के मामले सामने आते रहते हैं। इसी क्रम में हम आपको बिहार के एक ऐसे गांव के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां लोग अपने घरों पर ताला नहीं लगाते। गौरतलब है कि ताला नहीं लगाने के बाद भी इस गांव में आज तक चोरी नहीं हुई है। आपकोयह बात फिल्मी ज़रूर लग रही होगी, लेकिन हकीकत यही है। आइए विस्तार से जानते हैं पूरा मामला क्या है?

‘इष्ट देवता करते हैं गांव और घरो की रक्षा’

‘इष्ट देवता करते हैं गांव और घरो की रक्षा’

बिहार के जमुई में जिले में कदुआतरी गांव है जो बरहट प्रखंड में स्थित है। गांव में करीब 300 लोगों की आबादी है। 46 घरों की आबादी वाले इस गांव में लोग सदियों से घरों में ताला नहीं लगाते आ रहे हैं। गांव के लोगों की मानें तो वह अपने इष्ट देवता के भरोसे पर घरों में ताला नहीं लगाते हैं। ग्रामीणों का मानना है कि उनके इष्ट देवता घरों के साथ-साथ उनके गांव की भी रक्षा करते हैं। कदुआतरी गांव के लोगों को मानना है कि अगर वह घरों में ताला लगाएंगे तो उनके उनके इष्ट देवता नाराज हो जाएंगे और सारी खुशियां और संपति बर्बाद हो जाएगी।

सदियों से चलता आ रहा ताला नहीं लगाने का रिवाज

सदियों से चलता आ रहा ताला नहीं लगाने का रिवाज

कदुआतरी गांव के रहने वाले लोगों ने बताया कि यह रिवाज सदियों से चलता आ रहा है। ऐसा नहीं है कि आज कल घरों पर ताला नहीं लगाया जा रहा है। इष्ट देवता पर भरोसा करते हुए गांव के सभी लोग अपने घरों पर ताला नहीं लगाते हैं। गांव के लोग घरों को बिना ताला लगाए ही जंगली इलाके में लकड़ी काटने और दूसरे कामों के लिए बिना किसी खौफ के जाते हैं। गांव की रक्षा इष्ट देवता करते हैं, यही वजह है कि आज तक गांव में चोरी की वारदात (घटना) नहीं हुई है।

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    जानवरों से बचाने के लिए करते हैं ये काम

    जानवरों से बचाने के लिए करते हैं ये काम

    गांव के बच्चे भी पढ़ने के लिए दूरदराज इलाके की स्कूल में जाते हैं, घर के लोग काम करने के लिए जाते हैं। इन सबके बावजूद घर में ताला नहीं लगाया जाता है। घर के आगे बांस के बल्ले को रस्सी के जरिए लगा दिया जाता है, ताकि मवेशियों और जानवरों से बचाव किया जा सके। घर के अंदर रखे राशन को मवेशियों और जानवरों से नुकसान नहीं हो इसलिए ऐसा करते हैं। बरहट प्रखंड कार्यालय से महज 1 किलोमीटर की दूरी पर स्थित कदुआतरी गांव के आसपास भी कई और कई गांव है।

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