'जूली Love You...' कहने वाले मटुकनाथ अब जी रहे हैं तन्हा, जानिए कहां गईं उनकी सुंदर प्रेमिका?
Julie-Matuknath Love Story: लव गुरु मटुकनाथ और शिष्या जूली की प्रेमकहानी एक वक्त नेशनल हेडलाइन बन गई थी। इस प्रेमी जोड़े ने कई मर्यादाएं तोड़ीं और बहुत सारी बदनामी भी सही लेकिन हर मुश्किलों के आगे ये दोनों जमकर डटे रहे। मटुकनाथ खुद को 'लव गुरु' कहते हैं। जूली उनकी शिष्या थी, जिसे पढ़ाते-पढ़ाते हिंदी के प्रोफेसर मटुकनाथ उसके प्रेम में इस कदर पागल हुए है कि उन्होंने ना तो अपने परिवार की चिंता की और ना ही समाज का लिहाज किया।

कल तक टीवी के चैनलों पर प्रेम का अलौकिक वर्णन करने वाले मटुकनाथ आज अपने जीवन में पूरी तरह से तन्हा हो गए हैं। जी हां , हाल ही में एक अखबार को दिए गए इंटरव्यू में मटुकनाथ ने अपने दर्द के बारे में खुलकर बातें की हैं। उन्होंने कहा कि 'वो इस वक्त एकाकी जीवन गुजार रहे हैं क्योंकि जूली उन्हें छोड़कर वेस्टइंडीज चली गई।'
साल 2020 में जूली की बीमरी वाली तस्वीर वायरल हुई थी
दरअसल साल 2020 में जूली की एक तस्वीर वायरल हुई थी, जिसमें वो बेहद ही कमजोर और बीमार नजर आ रही थीं। कभी अपनी खूबसूरती के लिए पटना विवि में मशहूर जूली की ये फोटो देखकर हर कोई हैरान रह गया था। तब मटुकनाथ पर उसे छोड़ देने का आरोप लगा था। उसी बारे में अब मटुकनाथ ने चुप्पी तोड़ी है और कहा है कि 'मैंने उसे नहीं छोड़ा बल्कि वो ही मुझे अकेले छोड़कर चली गई।'
'हमें काफी बदनाम किया गया लेकिन...'
अपनी बेटी की उम्र की लड़की से प्रेम करने वाले मटुकनाथ ने कहा कि 'साल 2004 से ही मैं जूली से प्यार करने लगा था लेकिन हमारे प्यार की सच्चाई 2006 में लोगों के सामने आई। हमें काफी बदनाम किया गया लेकिन जो लोग इसका विरोध कर रहे थे वो ये नहीं जानते कि प्रेम पर किसी का बस नहीं होता है, ये तो जब होना होता है हो ही जाता है। जूली और मैं साथ में काफी खुश थे, मैंने उस पर कोई बंदिश नहीं लगाई। '
'साल 2014 से ही उसका रूझान आध्यात्म की ओर हो गया'
मटुकनाथ ने कहा कि 'साल 2007 से साल 2014 तक हम साथ थे, साल 2014 से ही उसका रूझान आध्यात्म की ओर हो गया था और साल 2015 में वो मुझे छोड़कर वेस्टइंडीज चली गई, मुझे दुख तो बहुत हुआ लेकिन मैं उसे रोक नहीं पाया।' आपको बता दें कि मटुकनाथ और जूली की शादी नहीं हुई है।
'हमारे बीच वो एहसास खत्म हो गया है जो कभी हुआ करता था'
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए मटुकनाथ ने कहा कि 'शायद हमारे बीच वो एहसास खत्म हो गया है जो कभी हुआ करता था। साल 2020 में मुझे पता चला कि वो बीमार है तो मैं उसके पास चार महीने के लिए वेस्टइंडीज में रहा भी लेकिन मेरा वो देश नहीं इसलिए मेरा मन वहां लगा नहीं, हम वहां प्यार से साथ रहे लेकिन मैं चार महीने के बाद वापस इंडिया आ गया और उसके बाद लॉकडाउन लग गया।'
'मेरे ऊपर उसे इग्नोर करने का आरोप लगा था'
उन्होंने कहा कि 'जूली ने ठीक होने के बाद मुझे कविताएं लिखकर भेजी थीं। मैं उसी को पढ़कर खुश हो लेता हूं। जिस वक्त उसकी फोटो वायरल हुई थी उस वक्त मेरे ऊपर उसे इग्नोर करने का आरोप लगा था जो कि पूरी तरह से गलत था।'
'अब उसका मन समाजिक चीजों से उठ चुका है'
उन्होंने कहा कि 'जूली त्रिनिदाद में एक आध्यात्मिक गुरु के आश्रम में आती जाती थी और अब उसका मन समाजिक चीजों से उठ चुका है। हमारे बीच में अब वो प्रेम नहीं रहा।'
'मेरे परिवार वाले भी मुझे छोड़ चुके हैं'
उन्होंने कहा कि 'मेरे परिवार वाले भी मुझे छोड़ चुके हैं। मेरी पत्नी और बच्चे मुझे पूछते तक नहीं हैं। मेरे दोनों बेटों की शादियां हो गईं लेकिन मुझे किसी ने बुलाया तक नहीं, मुझे दूसरे लोगों से अपने घर के बारे में खबरें मिलती हैं इसलिए मैं अपने घर-परिवार में भी लौट नहीं सकता हूं।'
'जूली को भी उनके घरवालों ने घर से निकाल दिया था'
आपको बता दें कि इससे पहले कई मीडिया रिपोर्ट में कहा गया था कि 'जूली और मटुकनाथ का रिलेशन सामने आने के बाद जूली को भी उनके घरवालों ने घर से निकाल दिया था, वो उपेक्षित जीवन जीते-जीते डिप्रेशन में चली गई थीं और इसी वजह से उन्होंने आध्यात्म का सहारा लिया था।'
कोरचक्का गांव में ओशो इंटरनेशनल स्कूल
खैर वो इस वक्त वेस्टइंडीज में हैं जबकि मटुकनाथ ने अक्टूबर 2018 में सेवानिवृत्ति ले ली थी और उसके बाद से वो कोरचक्का गांव में ओशो इंटरनेशनल स्कूल चला रहे हैं, जहां इस वक्त करीब 40 स्टूडेंट हैं।












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