बिहार: बेगूसराय के हज़ारों युवाओं को मिलेगा रोज़गार, 300 करोड़ की लागत से शुरू होने जा रहा ये प्रोजेक्ट
बेगूसराय में हजारों युवाओं को रोज़गार मिल सके इस बाबत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इलेक्ट्रॉनिक क्लस्टर योजना पर काम कर रही है। इस बाबत उद्योग विभाग ने अपने मुताबिक तैयारियां शुरू कर दी है।
बेगूसराय, 25 जुलाई 2022। बिहार में इन दिनों युवाओं को रोज़गार देने के लिए राज्य सरकार उद्योग लगाने पर ज़ोर दे रही है। बरौनी में पेप्सी बॉटलिंग प्लांट लगाने के बाद अब बेगूसराय को इलेक्ट्रानिक क्लस्टर बनाने की तैयारी की जा रही है। अब बेगूसराय जिले के हज़ारों युवाओं को अपेन ही क्षेत्र में रोज़गार मिल पाएगा। बेगूसराय में रोजगार पैदा करने के लिए प्रदेश सरकार जिले को इलेक्ट्रिक क्लस्टर बनाने की तैयारी कर रही है।

निवेश के लिए उद्योग विभाग ने बनाई योजना
बेगूसराय में हजारों युवाओं को रोज़गार मिल सके इस बाबत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इलेक्ट्रॉनिक क्लस्टर योजना पर काम कर रही है। इस बाबत उद्योग विभाग ने अपने मुताबिक तैयारियां शुरू कर दी है। उद्योग विभाग ने बेगूसराय को इलेक्ट्रॉनिक क्लस्टर बनाने की योजना तैयार की है। देश और विदेश की बड़ी कंपनियों को इलेक्ट्रॉनिक क्षेत्र में निवेश के लिए उद्योग विभाग ने योजना बनाई है।

ज़िले में इलेक्ट्रॉनिक क्रांति आने की उम्मीद
बेगूसराय में कंपनियों के निवेश के बाद ज़िले में इलेक्ट्रॉनिक क्रांति आने की उम्मीद है। इससे क्लस्टर का आयाम और व्यापक हो सकेगा। इसके मद्देनज़र 200 एकड़ ज़मीन उद्योग विभाग ने चिह्नित की है। मिली जानकारी के मुताबिक कम से कम यहां 300 करोड़ रुपये के निवेश की योजना है। ज़रूरत पड़ने पर निवेश राशि बढ़ाने पर भी सरकार विचार कर सकती है। ग़ौरतलब है कि प्रदेश में बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर में उद्योग विभाग के निवेश की संभावना है। इसके ज़रिए राज्य में रोज़गार के कई अवसर पैदा होने की उम्मीद भी जताई जा रही है।

क़रीब 3 हज़ार युवाओं के लिए रोजगार के अवसर
बेगूसराय के इलेक्ट्रॉनिक क्लस्टर बनने से जिले के क़रीब 3 हज़ार युवाओं को रोजगार मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। प्रदेश सरकार ने सारे पहलुओं पर विचार करने के बाद ही राज्य में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्यूफैक्चरिंग क्लस्टर विकसित करने का फ़ैसला लिया है। बिहार औद्योगिक विकास प्राधिकारण (बियाडा) ने बेगूसराय जिला औद्योगिक क्षेत्र में इस क्लस्टर के मद्देनज़र 200 एकड़ जमीन आरक्षित किया है। बताया जा रहा है कि चिन्हित की गई ज़मीन नेशनल हाईवे 28 से सिर्फ़ 300 मीटर की दूरी पर है। इसके साथ ही नेशनल हाईवे 31 की दूरी 2.2 किलोमीटर है।

कई इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट लगने की उम्मीद
आपको बता दें कि राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्यूफैक्चरिंग कंपनियों को बियाडा ने बतौर इनवेस्टर निवेश करने के लिए इनवेस्टर ईओआई जारी किया है। इसके तहत प्रदेश में छोटे-छोटे कई इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट लगने की उम्मीज जताई जा रही है। बिहार में ईओआई में निवेश करने से होने वाले फायदे की बियाडा ने डिटेल्स से जानकारी भी दी गई है। ईओआई मे बिहार को खुद का एक बड़ा बाजार भी बताया गया है।
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