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Aurangabad News: स्वास्थ्य विभाग का ‘अमानवीय चेहरा’, सड़क पर मरीज़ को छोड़ा, मौत के बाद हुआ खुलासा

Aurangabad News: दक्षिण बिहार के औरंगाबाद में एक चौंकाने वाली घटना में, एक सरकारी अस्पताल के कर्मचारियों ने एक मरीज को अमानवीय तरीके से सड़क पर छोड़ दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। बारुण थाना क्षेत्र के सदर अस्पताल में हुई इस घटना से पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया है।

अस्पताल के उपाधीक्षक कुमार आशुतोष, प्रबंधक हेमंत राजन, सुपरवाइजर शैलेश कुमार मिश्रा, मेट हरेंद्र कुमार, ड्राइवर शिवशंकर कुमार और स्ट्रेचर कर्मचारी सुरंजन कुमार और धर्मपाल कुमार समेत कई अस्पताल कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

Aurangabad News

स्वास्थ्यकर्मियों पर आरोप है कि उन्होंने मरीज को पोखरही देवी मंदिर के पास बेरहमी से छोड़ दिया, जिसके उनकी मौत हो गई। यह मामला 12 नवंबर का है, जब पुलिस को मंदिर के पास लाल और सफेद चादर में लिपटे एक शव के बारे में पता चला। जांच में पता चला कि मृतक को एंबुलेंस से ले जाया गया था और फेंक दिया गया था।

स्थानीय निवासी विनेश कुमार ने महत्वपूर्ण जानकारी दी, जिससे यह पता चला। सदर अस्पताल में बाद में की गई जांच में सामने आया कि, दो अज्ञात रोगियों को भर्ती कराया गया था। दिमाग़ी हालत ठीक नहीं होने की वजह से कथित तौर पर वह अस्पताल में लोगों को परेशान कर रहा था।

उप अधीक्षक आशुतोष ने उन्हें उपद्रवी मानते हुए परिसर से हटाने का आदेश दिया। प्रबंधक हेमंत राजन और एमईटी हरेंद्र कुमार ने पूछताछ में खुलासा किया कि उन्होंने वास्तव में दो मरीजों को हटाने के लिए भेजा था। सुपरवाइजर शैलेश मिश्रा ने एक मरीज को टेंगरा और दूसरे को पोखराही के पास छोड़ दिया, जहां उसकी मौत हो गई।

मरीज को फेंके जाने और बाद में मृत पाए जाने के खुलासे ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़ा कर दिया है। सदर अस्पताल कर्मियों द्वारा की गई, इस हरकत पर एफआईआर भी दर्ज हुई है, जिसमें कई कर्मचारियों के नाम हैं। मामला प्रकाश में आने के बाद प्रबंधन हरकत में आ चुका है।

अब मानसिक रूप से बीमार मरीजों, खासकर उन लोगों के साथ अस्पताल के व्यवहार की अधिकारी जांच कर रहे हैं, जिन्हें असुविधाजनक माना जाता है। यह घटना न केवल चिकित्सा कर्मियों के नैतिक दायित्वों के बारे में सवाल उठाती है, बल्कि उन व्यवस्थागत विफलताओं के बारे में भी सवाल उठाती है जो इस तरह की अमानवीयता को होने देती हैं।

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