IT के निशाने पर बिहार के कई MLA, खतरे में पड़ी विधायकी
पटना। बिहार के लगभग 18 विधायक के साथ साथ 50 नेताओं को आयकर विभाग के अधिकारियों ने अपने निशाने पर ले रखा है जिनकी संपत्ति 5 साल में दोगुना या उससे और अधिक हो गई है। इसको लेकर आयकर विभाग के अधिकारियों द्वारा सभी नेताओं की संपत्ति की बारीकी से जांच की गई। जांच के बाद संदिग्ध मिले नेताओं की पूरी संपत्ति के ब्यौरे पर एक विशेष रिपोर्ट तैयार कर चुनाव आयोग को भेजी गई है। इनमें से वर्ष 2015 में विधानसभा चुनाव जीतने वाले नेताओं के साथ-साथ ऐसे नेता भी शामिल हैं जो राजनीति में सक्रिय रहते हैं।

वर्तमान और पूर्व विधाकों की संपत्ति पर नजर
मिली जानकारी के अनुसार, इनकम टैक्स अधिकारियों द्वारा चुनाव आयोग को भेजे गए रिपोर्ट में कई ऐसे विधायक हैं जो वर्तमान में विधायक हैं तो कुछ पूर्व विधायक हैं। वहीं कुछ वैसे नेता भी हैं जो विधानसभा चुनाव में दूसरे नंबर पर रहे थे। इनकी संपत्ति विधानसभा चुनाव 2010 की तुलना में काफी बढ़ गई है। जांच के बाद सभी विधायकों की संपत्ति का ब्यौरा अलग-अलग कर भेजा गया है। इस रिपोर्ट में कुछ ऐसे नेताओं के बारे में भी बताया गया है जिन्होंने अपने चुनावी हलफनामे में संपत्ति का ब्यौरा गलत दिया था तथा इसे छुपाते हुए अपनी जमीन की कीमत कम बताई थी। लेकिन जांच के बाद यह पता चला कि जिस जमीन की कीमत करोड़ों रुपए बताई जा रही है, उसे चुनाव के वक्त नेताओं द्वारा कुछ हजार का ही बताया गया था। जिनमें से सभी की रिपोर्ट चुनाव आयोग को भेजी जा चुकी है और नियम के अनुसार चुनाव के दौरान गलत हलफनामा दायर करने के आरोप में विधायक पर सख्त कार्रवाई तथा उनकी सदस्यता खत्म करने की भी बात बताई जाती है।

लिस्ट में हैं कौन-कौन
इनमें से नवादा के विधायक राजवल्लभ प्रसाद, नरकटियागंज के विधायक शमीम अहमद, मधुबनी के विधायक व मंत्री राणा रणधीर, सिंहगोविंदपुर की विधायक पूर्णिमा यादव ,भोजपुर के अगियांव के विधायक अरुण कुमार, लालगंज के विजय कुमार शुक्ला उर्फ मुन्ना शुक्लापातेपुर, (वैशाली) की विधायक प्रेमा चौधरी ,साहेबपुरकमाल (बेगूसराय) के विधायक नारायण यादव ,लखीसराय के विधायक व मंत्री विजय कुमार सिन्हा ,छातापुर (सुपौल) के विधायक नीरज कुमार सिंह ,गोपालपुर (भागलपुर) के विधायक नरेंद्र कुमार नीरज ,मसौढ़ी की विधायक रेखा देवी औरंगाबाद के पूर्व विधायक व पूर्व मंत्री रामाधार सिंह ,मोहनिया के विधायक निरंजन राम वही कुम्हरार (पटना) के विधायक अरुण कुमार का नाम शामिल है जिनके ऊपर पिछले 5 वर्षों में संपत्ति दुगन- तिगुना से भी अधिक हो जाने का रिपोर्ट भेजी गई है।

जानिए कैसे हुआ खुलासा
सभी विधायक और नेताओं द्वारा चुनाव के वक्त चुनाव आयोग को दिए गए अपने संपत्ति के ब्यौरे की जांच की गई थी। फिर पिछले चुनावी हलफनामे में दिए गए ब्यौरा को वर्तमान हलफनामे की जांच की जाने लगी। फिर पैन नंबर और आधार पर जमा कराए गए रिटर्न टैक्स की जांच की गई ।नेताओं उनकी पत्नी बच्चों और अन्य बैंक के खातों के ट्रांजैक्शन की जांच की गई जिसमें ऐसी गड़बड़ियां सामने आई और पिछले 5 वर्षों में इनकी संपत्ति 2 गुना से अधिक हो गई थी। कुछ विधायकों ने पत्नी और अपने नाम पर खरीदी संपत्ति का संक्षिप्त ब्यौरा हलफनामे में नहीं दिया था तो कुछ ने आधी अधूरी और गलत जानकारी दी थी। वहीं कई लोगों ने चुनावी हलफनामे में अपने परिवार वालों के अकाउंट का जिक्र नहीं किया था। नरकटियागंज के विधायक शमीम अहमद ने हलफनामे में लाखों रुपए के प्लॉट को महज 14,475 रूपय बताया था तो इनके जैसे कई और ऐसे विधायक है जिन्होंने अपनी संपत्ति को चुनाव आयोग से छुपाया था जिसके खिलाफ अब इनकम टैक्स विभाग द्वारा एक रिपोर्ट तैयार की गई है और उसे चुनाव आयोग को भेजी गयी है।












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