देश में दो लोगों की मौत के बाद बिहार में H3N2 इन्फ्लुएंजा ने दी दस्तक, अस्पतालों को किया अलर्ट
बिहार में एच3एन2 इन्फ्लुएंजा का एक मामला सामने आने के बाद से स्वास्थ्य विभाग ने राज्य के सभी अस्पतालों को अलर्ट कर दिया है। पटना के राजेंद्र मेमोरियल रिसर्च इंस्टीच्यूट में इन्फ्लुएंजा के एक मामले की पुष्टि हुई है।

H3N2 Virus Update: देश में इन्फ्लूएंजा वायरस के बढ़ते मामलों को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर है। इन्फ्लूएंजा के सब वैरिएंट H3N2 से अब तक दो लोगों की मौत हो चुकी है। इस बीच बिहार में भी इन्फ्लूएंजा का एक मामला सामने आया है। नए केस से चिंतित बिहार के स्वास्थ्य विभाग ने अपनी टीम को अलर्ट पर रखा है। साथ ही लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा है। केंद्र की ओर से भी सभी राज्यों को एडवाइजरी जारी की गई है।
H3N2 इन्फ्लुएंजा ने बिहार में दी दस्तक
इस बीच पटना के राजेंद्र मेमोरियल रिसर्च इंस्टीच्यूट में H3N2 इन्फ्लुएंजा के एक मामले की पुष्टि हुई है। यहां आरएमआरआई के ओपीडी में दिखाने के दौरान महिला मरीज का सैंपल लिया गया था, जिसमें जांच के बाद H3N2 इन्फ्लुएंजा की पुष्टि हुई है। आरएमआरई के निदेशक डॉ. कृष्णा पांडेय ने बताया कि ओपीडी में सैंपलों की जांच के दौरान एक सैंपल पॉजिटिव पाया गया है।
केंद्र सरकार ने जारी की एडवाइजरी
केंद्र सरकार द्वारा जारी एडवाइजरी में इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारी (ILI) और गंभीर तीव्र श्वसन बीमारी (SARI) की प्रवृत्ति पर बारीकी से नजर रखने और अपने संबंधित क्षेत्रों में इन्फ्लूएंजा के परीक्षण के लिए पर्याप्त सैंपल भेजने के लिए कहा गया है। राज्य के स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने शनिवार को टीओआई को बताया कि, 'स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी सतर्क हैं और वायरस से संबंधित मामलों पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। उन्होंने बताया कि, 'हम केंद्र के निर्देशों का भी पालन कर रहे हैं।'
सभी राज्यों के स्वास्थ्य विभागों के प्रमुखों को लिखा पत्र
सभी राज्यों के स्वास्थ्य विभागों के प्रमुखों को लिखे पत्र में, केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण सचिव राजेश भूषण ने राज्यों से हाथ की स्वच्छता के पालन के बारे में सामुदायिक जागरूकता बढ़ाने, लक्षणों की शुरुआती रिपोर्टिंग को बढ़ावा देने और उन लोगों के संपर्क को सीमित करने के लिए कहा है जो संक्रमित हैं या फिर सांस की बीमारी से पीड़ित हैं। उन्होंने उन्हें स्थानीय स्तर पर आईएलआई और एसएआरआई मामलों की जांच करने की सलाह भी दी। ऐसे मामलों के अनुपात पर नजर रखें और इन्फ्लूएंजा, सार्स-सीओवी-2 और एडेनोवायरस के लिए पर्याप्त नमूनों का परीक्षण करवाएं।
लोगों को प्रोटोकॉल का पालन करने की सलाह
राज्यों को अस्पताल की तैयारियों का जायजा लेने के लिए भी कहा गया है, जिसमें आवश्यक दवाओं की उपलब्धता, मेडिकल ऑक्सीजन और मौजूदा दिशानिर्देशों पर मानव संसाधन की क्षमता निर्माण के साथ-साथ कोविड-19 और इन्फ्लूएंजा के खिलाफ टीकाकरण कवरेज शामिल है। यहां तक कि शहर के डॉक्टरों ने भी लोगों को प्रोटोकॉल का पालन करने की सलाह दी है और जनवरी से फ्लू जैसे मामलों में भारी वृद्धि के प्रति आगाह किया है।
बिहार में तेजी से बढ़ रहे हैं इन्फ्लूएंजा के लक्षणों वाले मरीज
खासकर पिछले पखवाड़े में शहर के एक चिकित्सक डॉ दिवाकर तेजस्वी ने कहा कि वायरल के मामले पिछले 15 दिनों में विशेष रूप से बढ़े हैं और कहा कि उन्हें इन्फ्लूएंजा के लक्षणों वाले कम से कम 10 रोगी प्रतिदिन मिल रहे हैं। डॉ तेजस्वी ने सलाह देते हुए कहा कि, 'हालांकि वायरस तेजी से फैल रहा है। लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि यह खतरनाक नहीं है।' विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों को सावधानी पूर्वक रहने की जरूरत है।
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H3N2 के कारण हो रही ये परेशानी
पटना मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में बाल रोग विभाग के पूर्व प्रमुख डॉ. निगम प्रकाश नारायण ने भी कहा कि खांसी, सर्दी, बुखार, दस्त के साथ आने वाले बच्चों की संख्या हाल ही में दोगुनी हो गई है और ये H3N2 के कारण हैं। डॉ नारायण ने कहा कि H3N2 NIHI का एक नया संस्करण था, हालांकि, संरचनात्मक रूप से भिन्न था। यहां तक कि इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने भी ऐसे मामलों में एंटीबायोटिक दवाओं के इस्तेमाल के खिलाफ लोगों को चेतावनी दी है, बल्कि उन्होंने लोगों को सिम्टोमेटिक ट्रीटमेंट के लिए जाने की सलाह दी है।












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