Bihar Politics: BJP को चुनौती देने के लिए क्या हो गई सीट शेयरिंग, किसके पाले में कितनी सीट?
Bihar Politics: बिहार में भाजपा को चुनौती देने के लिए इंडिया गठबंधन के सहयोगी दलों में लगभग सीट शेयरिंग पर सहमति बन चुकी है। सूत्रों की मानें तो बिहार में राजद और जदयू एक दूसरे से कम सीटों पर चुनाव नहीं लड़ेगी।
सीएम नीतीश की पार्टी 17 सीटों पर चुनावी दांव खेलेगी। वहीं लालू यादव की पार्टी राजद भी 17 सीटों पर ही अपने प्रत्याशी उतारेगी। इस तरह बिहार की 40 सीटों में से 34 सीटें राजद-जदयू के खाते में जाएंगी। वहीं बचे 6 सीटों में से 4 सीटों पर कांग्रेस अपने उम्मीदवार उतारेगी।

राजद,जदयू और कांग्रेस को सीटे देने के बाद (17+17+4=38) बची दो सीटों पर वामदल चुनावी दांव खेल सकता है। सीट शेयरिंग का फॉर्मूला तय माना जा रहा है, हालांकि कौन पार्टी किस लोकसभा सीट पर उम्मीदवार उतारेगी, इसका फ़ैसला नहीं हुआ है।
सीट शेयरिंग के फॉर्मूला तय होने के बाद सियासी गलियारों में यह चर्चा तेज़ है कि इंडिया गठबंध में कलह होने के आसारा है। वहीं महगठबंधन के नेताओं का कहना है कि किसी प्रकार का संशय नहीं है, सबकुछ ठीक है। बिहार में भाजपा को मात देने के लिए इंडिया गठबंधन पूरी तरह से मज़बूत है।
इस पूरे मामले में सियासी जानकारों का कहना है कि बिहार कांग्रेस अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद इस बात पर ज़ोर देते हुए नज़र आ रहे थे, कि पिछली बार के मुकाबले इस बार कांग्रेस मज़बूत स्थिति में है। इसलिए बिहार में 10 सीटों पर कांग्रेस चुनाव लड़ेगी। ऐसे यह कैसे मुमकिन है कि कांग्रेस 4 सीटों पर ही मान गई।
बिहार में इंडिया गठबंधन के मौजूदा हालात को देखते हुए जो सीट शेयरिंग का फॉर्मूला बन रहा है। वह है राजद को 11 सीटें और जदयू को 11 सीटें, इसके अलावा कांग्रेस के खाते में 10 सीटें जाएंगी। इस तरह (11+11+10=32) सीटों का बंटवारा होना चाहिए। वहीं बची हुई 8 सीटों पर अन्य सहयोगी दल के उम्मीदवार उतारे जाएं। अगर ऐसा नहीं होता है तो बिहार में इंडिया गठबंधन में दरार देखने को मिल सकती है।












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