‘माफियाओं के क़दमों में मुख्यमंत्री, IPS दे रहे इस्तीफ़ा’, पूर्व IPS अमिताभ दास ने बताया क्या होता है दवाब

IPS Resignation In Bihar: बिहार में अधिकारियों के इस्तीफे और प्रदेश के बाहर काम करने को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। वहीं यह भी चर्चा है कि काम करने की खुली छूट नहीं होने की वजह से बिहार के अधिकारी इस्तीफ़ा दे रहे हैं, या फिर प्रदेश के बाहर काम करने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं।

बिहार में अधिकारियों के इस्तीफ़े और दवाब की चर्चा पर वन इंडिया हिंदी से पूर्व IPS ने विस्तार से चर्चा की, अमिताभ कुमार दास ने बताया कि क्यों अधिकारी बिहार में काम करना नहीं चाहते हैं। जो काम कर भी रहे हैं, तो दवाब में आकर इस्तीफ़ा दे रहे हैं।

amitabh das news on IPS resignation in bihar

पूर्व आईपीएस अमिताभ दास ने इन सबके के लिए सीएम नीतीश कुमार को ज़िम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि जब प्रदेश के मुख्यमंत्री माफियाओं के कदमों में रहेंगे तो, निष्पक्ष काम करने वाले अधिकारी इस्तीफ़ा ही देंगे। क्योंकि उन पर झूठ सच करने का दवाब बनाया जाता है, इससे वह घुटन महसूस करते हैं।

Recommended Video

      ‘माफियाओं के क़दमों में मुख्यमंत्री, IPS दे रहे इस्तीफ़ा’, अमिताभ दास ने बताया क्या होता है दवाब

      अमिताभ दास ने कहा कि एक लाइन में समझिए कि नीतीश कुमार ने बिहार में ऐसे हालात पैदा कर दिए हैं कि, ईमानदार अधिकारियों में बेचैनी हो गई है। मुख्यमंत्री माफिया की गैंग में शामिल हो गए हैं, डॉन अनंत सिंह के जूते चमका रहे हैं। सीएम ही किसी गैंग में शामिल हो जाए, अपराधियों के शरण में चला जाए तो ईमानदार पर दवाब ही बनेगा ना।

      Former IPS Amitabh Kumar Das Sensational revelation on officers resignation allegation on CM Nitish

      अनंत सिंह के साथ सीएम हाउस के बंद कमरों में नीतीश कुमार की बैठक हो रही है। ऐसे में कोई भी ईमानदार अधिकारी काम नहीं करना चाह रहा है। कुछ लोग सेंट्रल डिप्टेशन पर जा रहे हैं, जैसे आर एस भट्टी गए। कुछ लोग इस्तीफ़ा दे रहे हैं, जैसे काम्या मिश्रा और शिवदीप लांडे ने इस्तीफ़ा दे दिया। हम से कुछ लोग फोन कर के बोलते हैं, सर क्या काम करेंगे। बिहार में कुर्मियों को अपराध करने का लाइसेंस मिला हुआ है।

      रेप चार्ज में किसी कुर्मी को पकड़िए तो तुरंत सीएमओ से छोड़ने के लिए कॉल आ जाता है। हालात तो ज़मीन पर बहुत ख़राब है। नीतीश कुमार सुशासन की ढोल बजा रहे हैं, हम न किसी को फंसाते हैं, और न किसी को बचाते हैं। इससे काम नहीं होने वाल हैं। आनंद मोहन को सीएम ने जेल से छुड़वा दिया।

      IPS Resignation In Bihar

      आनंद मोहन को जेल से छुड़वाने के लिए सीएम नीतीश कुमार ने जेल मैनुअल में बदलाव कर दिया। अभी नीतीश कुमार, अनंत सिंह का जूता साफ कर रहे हैं। लेसी सिंह को मंत्री बनाया हुआ है, इससे समाज में तो ग़लत ही संदेश जा रहा है। हाल ही में मनोरमा देवी के घर से करोड़ों रुपये और हथियार मिले हैं।

      जदयू से उन्हें नीतीश कुमार ने थोड़े ने सस्पेंड किया है। बेलागंज में जो उपचुनाव होगा उसमे जदयू से मनोरमा देवी को टिकट मिलेगा, हालात तो बहुत ख़राब है। एक अकेला मर्दे मुजाहिद हम हैं जो इन लोगों से जंग लड़ रहे हैं। मैदान ए जंग में डटे हुए हैं, बाकि सब तो सरेंडर बोल चुके हैं।

      IPS Resignation In Bihar

      अनंत सिंह को हाईकोर्ट ने सबूत के अभाव में रिहा कर दिया, कायदे से इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील होनी चाहिए थी। जब सीएम ही अनंत सिंह के गैंग में शामिल हैं तो कौन अपील करने जाएगा। हाइकोर्ट से रिहाई भी इसलिए हुई कि, नीतीश कुमार ने सरकारी वकीलों और पुलिस अधिकारियों को अनंत सिंह के खिलाफ हाइकोर्ट में सबूत पेश नहीं करने का आदेश दे दिया था।

      हाइकोर्ट ने अनंत सिंह को सबूत के अभाव में रिहा कर दिया। यह वजह है कि ईमानदार अधिकारी इस्तीफ़ा दे रहे हैं। एक दर्जन से ज्यादा अधिकारी इस्तीफ़ा देंगे या फिर बिहार छोड़कर भागेंगे, अभी तो शुरुआत हुई है। ज़मीर और ईमान अभी गिने चुने अधिकारियों में बच गया है, वैसा ज़मीर किसी संजीव भट के पास होता है।

      नौकरी चली गई, जेल चले गए लेकिन गुंडागर्दी के आगे नहीं झुके। सैकड़ों में किसी एक दो के पास वह ईमान और ज़मीर होता है। जितने IAS और IPS होते हैं, वह .... कमज़ोरी के शिकार होते हैं। आनंद मोहन को जेल से छोड़ दिया गया, उसने एक IAS का खून किया था। कायदे से तो IAS एसोसिएशन को इसके खिलाफ आवाज़ उठानी चाहिए थी।

      बिहार में IAS एसोसिएशन में सैंकड़ो अधिकारी हैं, उसके प्रेसिंडेंट और सेक्रेटरी हैं। इन लोगों को विरोध दर्ज करना चाहिए था। एक IAS के खूनी को कैसे छोड़ दिया गया, इससे IAS का मनोबल टूटेगा, लेकिन किसी ने चूं तक नहीं किया। सिर्फ यह लोग गरीब को ही दबाने जानते हैं।

      हर डाल पर उल्लू बैठा है, अंजाम ए गुलिस्तां किया होगा, बिहार में कुछ ऐसे ही हालात हैं। इसकी ज़िम्मेदार जनता है। जो जात-पात और धर्म के नाम पर वोट करती है। गुंडे मवालियों को वोट देंगे तो सुधार कैसे होगा। बबूल का पेड़ लगाने से कोई आम तो नहीं खाएगा ना। इसलिए बिहार में ऐसी स्थिति बनी हुई है। लोगों को अपनी सोच बदलनी होगी, तभी प्रदेश की हालत सुधरेगी।

      Notifications
      Settings
      Clear Notifications
      Notifications
      Use the toggle to switch on notifications
      • Block for 8 hours
      • Block for 12 hours
      • Block for 24 hours
      • Don't block
      Gender
      Select your Gender
      • Male
      • Female
      • Others
      Age
      Select your Age Range
      • Under 18
      • 18 to 25
      • 26 to 35
      • 36 to 45
      • 45 to 55
      • 55+