बिहार: मशरूम यूनिट में प्रशिक्षण के साथ मिल रहा रोज़गार, होगी लाखों की कमाई
मशरूम उत्पाद यूनिट के अंदर ही युवाओं को ट्रेनिंग देने का भी इंतज़ाम किया गया है। इसमें ख्वहिशमंद लोगों को ट्रेनिंग दी जा रही है। युवाओं एवं महिलाओं को मशरूम यूनिट में दी जा रही ट्रेनिंग से काफी फायदा हो रहा है।
औरंगाबाद, 9 सितंबर 2022। बिहार में कृषि क्षेत्र में रोज़गार की प्रबल संभावनाएं हैं। प्रदेश के किसान मिर्च और मशरूम की खेती समेत अन्य सब्ज़ियों का उत्पादन कर लाखों की कमाई कर रहे हैं। यहां तक ठंडे प्रदेश में उगने वाले फलों की भी खेती बिहार राज्य में हो रही है। बेगूसराय में सेब के उत्पादन के साथ ही ऑस्ट्रेलियन स्ट्रॉबेरी तक की खेती की जा रही है। सेब और स्ट्रॉबरी की खेती कर युवा किसानों की लाखों की कमाई हो रही है। वहीं सरकार विभिन्न प्रकार की खेती के लिए लोन की भी सहायता दे रही है।

औरंगाबाद में लगा बिहार का पहला मशरूम यूनिट
राज्य सरकार की तरफ़ विभिन्न किस्मों की खेती के लिए सरकार द्वारा प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। इसी कड़ी में बिहार में मशरूम उत्पादन के लिए औरंगाबाद में पहले यूनिट की स्थापना की गई है। यहां महिलाओं और युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके साथ ही आस-पास के लोगों को रोज़गार भी मुहैय्या कराई जा रही है। औरंगाबाद जिला के यारी गांव में मशरूम की नई यूनिट न्यूट्री फ्रेश एग्रो कंपनी स्थापित की गई है।

हर महीने 400 मेट्रिक टन उत्पादन की झमता
औरंगाबाद के डीएम सौरभ जोरवाल ने मशरूम यूनिट के कार्यप्रणाली का जायजा भी लिया था। बताया जा रहा है कि कि इस मशरूम की यूनिट में हर महीने 400 मेट्रिक टन उत्पादन हो सकता है। फिल्हाल यहां क़रीब 50 मेट्रिक टन का उत्पदान हर महीने हो रहा है। पूरे बिहार में यह पहली यूनिट स्थापित की गई है, जिससे क़रीब 150 लोगों को रोजगार मिला है।

युवाओं और महिलाओं को हो रहा काफी फायदा
मशरूम उत्पाद यूनिट के अंदर ही युवाओं को ट्रेनिंग देने का भी इंतज़ाम किया गया है। इसमें ख्वहिशमंद लोगों को ट्रेनिंग दी जा रही है। युवाओं एवं महिलाओं को मशरूम यूनिट में दी जा रही ट्रेनिंग से काफी फायदा हो रहा है। गौरतलब है कि औरंगाबाद जिला उद्यान कार्यालय की तरफ से मशरूम यूनिट को 500 प्लास्टिक कैरेट दिया गया है, ताकि आसानी से स्टोर कर उसे दूसरे जिलों में भेजा जा सके। मशरूम यूनिट के निदेशक परमानंद सिंह की मानें तो अभी बटन मशरूम रांची, टाटा, पटना, गया, बनारस, कलकत्ता और उड़ीसा जैसे शहरों में सप्लाई किया जा रहा है।

DM ने दिए ट्रेनिंग और लोन दिलाने में मदद के निर्देश
मशरूम यूनिट के निदेशक परमानंद सिंह ने बताया कि जब ज़िलाधिकारी कार्यप्रणाली को देखने आए थे तो उन्हें बिजली और रोड की समस्या के बारे में अवगत कराया था। उन्होंने इस मामले को संज्ञान में लेते हुए कार्रवाई करने का आश्वासन दिया गया। वहीं औरंगाबाद के जिला पदाधिकारी सौरभ जोरवाल ने सहायक निदेशक उद्यान को निर्देश देते हुए कहा कि इस तरह का मशरूम यूनिट जिले में दूसरे जगहों पर भी करवाएं। इसके साथ वैसे लोगों की समूहों की लिस्ट तैयार करें जो मशरूम उत्पादन की ट्रेनिंग लेना चाहते हैं। उन्हें प्रशिक्षण के लिए भी लाने के साथ ही इस व्यवसाय के लिए लोन दिलान में भी मदद करें।
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