तेज प्रताप यादव की बढ़ी मुश्किलें, चुनाव आयोग के निर्देश पर दर्ज हुआ FIR
पटना। राष्ट्रीय जनता दल ( राजद ) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और हसनपुर विधानसभा से विधायक तेज प्रताप यादव मुश्किल में फंसते हुए नजर आ रहे हैं। चुनाव आयोग के निर्देश के बाद समस्तीपुर के रोसड़ा थाने में राजद विधायक तेज प्रताप के खिलाफ केस दर्ज हुआ है। तेज प्रताप पर हसनपुर विधानसभा चुनाव में गलत शपथ पत्र देने का आरोप है। साथ ही अपनी संपत्ति छिपाने का भी आरोप है।

आयोग का निर्देश मिलने के बाद हसनपुर विधानसभा के निर्वाची पदाधिकारी सह रोसड़ा के प्रभारी भूमि सुधार उप समाहर्ता एसडीओ ब्रजेश कुमार ने एफआईआर दर्ज करवाई है। तेज प्रताप के खिलाफ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 125 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। निर्वाची पदाधिकारी ने थाने में दर्ज कराई प्राथमिकी में कहा है कि 2020 के विधानसभा चुनाव के सेकेंड फेज में तेज प्रताप यादव ने 13 अक्टूबर 2020 को 140 हसनपुर विधानसभा क्षेत्र से राष्ट्रीय जनता दल के उम्मीदवार के तौर पर नामांकन पत्र दाखिल किया था।
नामांकन के दौरान तेज प्रताप यादव ने शपथ पत्र देकर अपनी संपत्ति का ब्यौरा दिया था, जो ब्योरा गलत निकला है। जदयू ने तेज प्रताप यादव पर शपथ पत्र में संपत्ति छिपाने का आरोप लगाया था। इसकी लिखित शिकायत बिहार के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से की थी। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने जदयू के आवेदन को चुनाव आयोग को भेज दिया था। चुनाव आयोग ने आवेदन पत्र में लगाए गए आरोपों की जांच के लिए केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड को निर्देश दिया था।
सीबीडीटी ने इस मामले की पूरी जांच पड़ताल की और चुनाव आयोग को अपनी रिपोर्ट सौंपी। सीबीडीटी की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद चुनाव आयोग ने तेज प्रताप यादव को नोटिस जारी किया था और उनसे कहा था कि वे तीन हफ्ते में उसका जवाब दें। लेकिन तेज प्रताप यादव ने नोटिस का जवाब नहीं दिया और जवाब नहीं मिलने के बाद चुनाव आयोग ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश जारी किया। आयोग ने समस्तीपुर के जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिलाधिकारी को पत्र लिखा था। डीएम के निर्देश पर केस दर्ज करवाया गया है।












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