कर्ज में डूबे दशरथ मांझी के परिवार की नीतीश सरकार से गुहार, पप्पू यादव ने दी 25 हजार रु की मदद
पटना। बिहार के गया में गेहलौर घाटी के पहाड़ को काटकर रास्ता बनाने वाले दशरथ मांझी के परिवार का पैसों के अभाव में कोरोना काल में गुजारा करना मुश्किल हो गया है। माउंटेनमैन के नाम से मशहूर दशरथ मांझी गया जिला के अतरी विधानसभा क्षेत्र के गेहलौर के थे। लॉकडाउन की वजह से उनके परिवार के सदस्यों का रोजगार छिन गया और घर की बच्ची के इलाज के दौरान कर्ज में डूबे परिजनों ने मदद के लिए नीतीश सरकार से गुहार लगाई है।
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दशरथ मांझी के परिवार की आर्थिक स्थिति खराब है। भागीरथ मांझी ने बताया कि उनके पिता पर बनी फिल्म के लिए निर्माता ने दो प्रतिशत रॉयल्टी देने समेत अन्य वादे किए थे लेकिन कुछ भी नहीं मिला। यही नहीं परिवार को मिल रही सरकारी मदद भी बंद हो चुकी है। बच्ची पिंकी का एक हाथ और पैर दुर्घटना में टूट गया। उसके इलाज के लिए 45 हजार रुपए कर्ज लेने पड़े। अब इलाज के लिए उनके पास और रुपए नहीं बचे हैं।

दशरथ मांझी के परिवार ने नीतीश सरकार से मदद मांगी है। जन अधिकार पार्टी के नेता पप्पू यादव ने दशरथ मांझी के परिवार को हर महीने दस हजार रुपए देने का वादा किया था। भागीरथ मांझी ने इस बारे में कहा कि कुछ महीने पैसे मिलने के बाद वो भी आने बंद हो गए। अभी बारिश के मौसम में उनकी फूस की झोपड़ी भी रहने लायक नहीं बची है।
मदद के लिए आगे आए पप्पू यादव
दशरथ मांझी के परिवार की आर्थिक हालत खराब होने की खबर सुनकर जाप मुखिया पप्पू यादव ने प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष उमैर खान को भेजा। जाप नेता ने परिवार को 25 हजार रुपए की आर्थिक मदद दी। पप्पू यादव ने इस बारे में कहा कि दशरथ मांझी के नाम पर बहुत सारी योजनाएं चलाकर बिहार सरकार कमाई और प्रचार दोनों कर रही है लेकिन उनके परिवार को आज तक एक इंदिरा आवास नहीं मिला।












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