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Dularchand Yadav Murder: 'टाल बाहुबली' का हत्याकांड 3 FIR से उलझा, अनंत सिंह-पीयूष पर आरोप, कौन सच्चा-कौन झूठा

Mokama Dularchand Yadav Murder Case: बिहार के पटना जिले के मोकामा इलाके में 30 अक्टूबर को हुई दुलारचंद यादव हत्याकांड ने राजनीतिक तापमान को चरम पर पहुंचा दिया है। एक समय लालू प्रसाद यादव के करीबी रहे दुलारचंद, जो हाल ही में प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी के समर्थक बन चुके थे, की निर्मम हत्या ने 'जंगल राज' की बहस को फिर से हवा दे दी है। घटना के बाद अब तक तीन अलग-अलग FIR दर्ज हो चुकी हैं। इसमें, एक मृतक के परिवार की ओर से, दूसरी अनंत सिंह समर्थकों की ओर से और तीसरी पुलिस की स्वत: संज्ञान पर।

मुख्य आरोपी बनाए गए हैं जेडीयू के दिग्गज अनंत सिंह और जन सुराज के प्रत्याशी पीयूष प्रियदर्शी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और एक वायरल वीडियो ने तो पूरे मामले को और पेचीदा बना दिया है। आखिर क्या है इस हत्याकांड की सच्चाई? आइए, विस्तार से समझते हैं...

Dularchand Yadav Murder

Who Was Dularchand Yadav : दुलारचंद यादव कौन थे? लालू के पुराने सहयोगी से 'मोकामा के बाहुबली' तक का सफर

75 वर्षीय दुलारचंद यादव मोकामा टाल क्षेत्र के एक प्रमुख राजनीतिक और सामाजिक चेहरे थे। 1990 के दशक में वे आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव के करीबी सहयोगी रहे। मोकामा-ताल बेल्ट में यादव और अल्पसंख्यक वोटरों को संगठित करने में उनकी अहम भूमिका थी। स्थानीय स्तर पर उन्हें 'मोकामा का बाहुबली' कहा जाता था, जो उनकी प्रभावशाली छवि को दर्शाता है। लेकिन हाल के वर्षों में आरजेडी से नाराज होकर वे प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी की ओर मुड़ गए। जन सुराज के मोकामा प्रत्याशी पीयूष प्रियदर्शी (दुलारचंद के भतीजे) के लिए वे जोर-शोर से प्रचार कर रहे थे। यहां तक कि उन्होंने एक चुनावी गाने में अपनी आवाज भी दी।

Dularchand Yadav Murder: प्रचार के दौरान गोली और कुचलने से मौत

गुरुवार दोपहर मोकामा के बासावनचक गांव के पास जन सुराज के प्रचार अभियान के दौरान दो गुटों के बीच झड़प हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, अनंत सिंह के समर्थकों ने पियूष प्रियदर्शी के काफिले पर हमला बोल दिया। लाठी-डंडों से लैस 20-25 लोगों ने वाहनों के शीशे तोड़े और कार्यकर्ताओं पर हल्ला बोला। इसी हंगामे में दुलारचंद बीच-बचाव करने उतरे, लेकिन उन्हें पहले पैर में गोली लगी और फिर एक थार गाड़ी से कुचल दिया गया।

मृतक के पोते नीरज कुमार ने थाने में बयान दिया कि अनंत सिंह खुद मौके पर मौजूद थे और उन्होंने पिस्तौल से फायरिंग की। घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया। पुलिस ने फॉरेंसिक टीम भेजी और शव को बाध सरकारी अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए ले जाया गया। सुरक्षा के कड़े इंतजाम के बीच पोस्टमार्टम हुआ, लेकिन रिपोर्ट ने सनसनी फैला दी - मौत गोली से नहीं, बल्कि भारी वस्तु या वाहन से कुचलने से हुई।

Dularchand Yadav Murder FIR: आरोप-प्रत्यारोप का जाल, कौन सा पक्ष कह रहा सच्चाई?

हत्याकांड के बाद दर्ज तीन FIR ने मामले को राजनीतिक रंग दे दिया है। यहां संक्षेप में समझिए:-

क्रमांक FIR संख्या दर्ज करने वाला पक्ष मुख्य आरोपी लगी धाराएं लगी धाराएं
1
110/25 मृतक के पोते नीरज कुमार (भदौर थाना) अनंत सिंह, राजवीर सिंह, कर्मवीर सिंह, छोटन सिंह, कंजम सिंह BNS 2023 की धारा 103 (हत्या), 3(5) (साजिश), आर्म्स एक्ट 27 अनंत सिंह ने गोली चलाई, समर्थकों ने गाड़ी से कुचला
2
111/25 अनंत सिंह समर्थक जीतेन्द्र कुमार पियूष प्रियदर्शी, लखन महतो, बाजो महतो, नीतीश महतो, ईश्वर महतो, अजय महतो व अज्ञात BNS 2023 की धारा 126(2) (हमला), 115(2) (आपराधिक साजिश), 109(1), 324(9), 352/351(2), 35 जन सुराज समर्थकों ने हमला किया, साजिश रची
3
तीसरी FIR पुलिस की स्वत: संज्ञान (अभी विवरण अधूरा) दोनों पक्षों के अज्ञात व्यक्ति हत्या, दंगा, आर्म्स एक्ट घटना स्थल पर हिंसा और फायरिंग

पहली FIR में दुलारचंद के परिवार ने सीधे अनंत सिंह को निशाना बनाया, जबकि दूसरी में अनंत सिंह के पक्ष ने पलटवार किया। पुलिस की तीसरी FIR तटस्थ दिख रही है, लेकिन जांच जारी है। पटना एसएसपी कार्तिकेय के शर्मा ने कहा, 'घटना की सटीक वजह स्पष्ट नहीं, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार।'

Dularchand Yadav Murder Postmortem: मामले में नया ट्विस्ट, नीरज का बयान झूठा?

सबसे बड़ा मोड़ तब आया, जब एक वीडियो वायरल हो गया। इसमें दुलारचंद खुद पत्थर फेंकते नजर आ रहे हैं, जो नीरज के बयान से बिल्कुल उलट है। वीडियो में प्रचार के दौरान दोनों पक्षों की बहस दिख रही है, लेकिन गोली चलाने या कुचलने का दृश्य नहीं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने भी पुष्टि की - मौत गोली से नहीं, कुचलने से हुई। इससे सवाल उठ रहे हैं, क्या यह आपसी मारपीट थी या सुनियोजित हत्या?

  • अनंत सिंह ने खुद सफाई दी: 'मैं घटना स्थल से दूर था। मेरे समर्थकों के वाहन तोड़े गए।' वहीं, जन सुराज प्रत्याशी पीयूष ने कहा, '3-4 राउंड फायरिंग हुई। 15-20 लोग हम पर हमला करने आए। दुलारचंद को पैर में गोली मारी गई, फिर जानबूझकर कुचल दिया।'

प्रशांत किशोर से तेजस्वी तक की नाराजगी

यह हत्याकांड बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले हुआ है, जहां मोकामा सीट पर अनंत सिंह (जेडीयू) और वीणा देवी (आरजेडी) मुख्य दावेदार हैं। जन सुराज के पियूष प्रियदर्शी को दुलारचंद का समर्थन मिल रहा था।

  • प्रशांत किशोर (जन सुराज): 'यह लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला है। प्रशासन जिम्मेदार है। जंगल राज जारी है। दुलारचंद हमारे आंदोलन के स्तंभ थे।'
  • तेजस्वी यादव (आरजेडी): 'चुनाव में हिंसा क्यों? लोग बंदूकें लहरा रहे हैं, जबकि कोड ऑफ कंडक्ट लागू है। पीएम पुरानी बातें करते हैं, लेकिन 30 मिनट पहले की घटना पर चुप।'
  • चुनाव आयोग: बिहार DGP से रिपोर्ट मांगी। अनंत सिंह पर सख्ती की संभावना।
  • अनंत सिंह: सूरजभान सिंह पर आरोप लगाया, लेकिन FIR में खुद नामजद।

घटना के बाद मोकामा में तनाव बढ़ गया। आरजेडी प्रत्याशी वीणा देवी (बाहुबली सूरजभान सिंह की पत्नी) के काफिले पर पथराव हुआ, जिसमें फायरिंग की आवाजें भी सुनाई दीं। एक वीडियो में लोग चिल्ला रहे थे, 'अनंत सिंह के लोग फायरिंग कर रहे हैं।' पुलिस ने इलाके को किले में बदल दिया है।

Bihar Election 2025 पर असर: 'खूनी इतिहास' की वापसी या राजनीतिक साजिश?

मोकामा जैसे संवेदनशील इलाके में यह घटना बिहार की कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर रही है। दुलारचंद की मौत ने पुराने बाहुबलियों (अनंत सिंह जैसे) और नए चेहरों (जन सुराज जैसे) के बीच टकराव को उजागर किया। क्या यह पुरानी रंजिश का नतीजा है या चुनावी साजिश? पुलिस जांच में वीडियो और रिपोर्ट अहम भूमिका निभाएंगी।

दुलारचंद के समर्थक सड़कों पर उतर आए हैं। वे न्याय की मांग कर रहे हैं। बिहार के वोटर अब सोच रहे होंगे - क्या चुनाव शांतिपूर्ण होंगे या खूनखराबे का मैदान बन जाएगा? अपडेट्स के लिए बने रहें। न्याय की उम्मीद बाकी है।

ये भी पढ़ें- Dularchand Yadav: दुलारचंद यादव अपने पीछे कितनी संपत्ति छोड़ गए? पढ़ें अपराध, राजनीति और सत्ता की कहानी

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