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बिहार: खगड़िया में होगी ड्रैगन फ्रूट की खेती, एक महीने में ही किसान हो जाएंगे मालामाल

आपको बता दें कि खगडिय़ा के लाल बैर को उद्यान उत्पादन मेला में पूरे बिहार में पहला स्थान मिला था। वहीं खगड़िया के पपीते का तीसरा रैंक था। विभिन्न किस्म की खेती वाले खगड़िया जिले में अब ड्रैगन फ्रूट की खेती की योजना तैयार..

खगड़िया, 26 सितंबर 2022। बिहार के बेगूसराय में जिले में सेब और स्ट्रॉबेरी की कामयाब खेती के बाद अब खगड़िया ज़िले में ड्रैगन फ्रूट की खेती पर ज़ोर दिया है। इस क्षेत्र के किसान खेती में नया-नया प्रयोग कर कामयाबी हासिल कर रहे हैं। इसके साथ ही उनकी हर महीने लाखों रुपये की कमाई भी हो रही है। वहीं अब बिहार के खगड़िया जिले में प्रगतिशील किसान पारंपरिक खेती से क़दम आगे बढ़ाते हुए नए-नए प्रयोग कर रहे हैं। आपको बता दें कि खगड़िया में आस्ट्रेलियन ब्रिड के बैर, स्ट्राबेरी, थाइलैंड नस्ल का आम (आलटाइम मैंगो), सेब, लाल केला, पपीता, मखाना सहित कई चीज़ों की खेती की जा रही है।

खगड़िया में हो रही कई प्रकार की खेती

खगड़िया में हो रही कई प्रकार की खेती

आपको बता दें कि खगडिय़ा के लाल बैर को उद्यान उत्पादन मेला में पूरे बिहार में पहला स्थान मिला था। वहीं खगड़िया के पपीते का तीसरा रैंक था। विभिन्न किस्म की खेती वाले खगड़िया जिले में अब ड्रैगन फ्रूट की खेती की योजना तैयार की जा रही है। उद्यान विभाग की तरफ़ से इस बाबत तैयारी शुरू कर दी गई है। वहीं ड्रैगन फ्रूट की खेती को लेकर विभागीय स्तर पर मंजूरी मिलने के साथ ही किसानों से आवेदन भी लिए जा रहे हैं।

एक हेक्टेयर में ड्रैगन फ्रूट की खेती का लक्ष्य

एक हेक्टेयर में ड्रैगन फ्रूट की खेती का लक्ष्य

खगड़िया जिले के एक किसान ने ड्रैगन फ्रूट की खेती के लिए एक हेक्टेयर का लक्ष्य रखते हुए विभाग में आवेदन दिया है। अगर सब कुछ ठीक रहा तो इससे ज्यादा के जमीन में खेती के लिए उसे मंजूरी मिल सकती है। एग्रीकल्चर एक्सपर्ट की मानें तो ड्रैगन फ्रूट की खेती किसानों के लिए फायदेमंद साबित होगी। ड्रैगन फ्रूट की खेती के लिए पौधे खास तरीके से तैयार किए जाते हैं। एक बार पौधा लग जाने के बाद कई सालों तक फल का उत्पादन होता रहता है।

एकीकृत बागवानी मिशन के तहत सब्सिडि

एकीकृत बागवानी मिशन के तहत सब्सिडि

एकीकृत बागवानी मिशन के तहत ड्रैगन फ्रूट की खेती के लिए सरकार की तरफ़ से सब्सिडि भी दी जाती है। ड्रैगन फ्रूट की एक हेक्टेयर ज़मीन में खेती करने पर करीब सवा लाख रुपये तक का खर्च होता है। ग़ौरतलब है कि सरकार से अनुदान के मिलने के बाद यह राशि लगभग आधी हो जाती है। बाज़ारों में इन दिनों ड्रैगन फ्रूट की काफी मांग है। ड्रैगन फ्रूट वजन के हिसाब से तीन सौ रुपये प्रति किलो बिकता है। वहीं साइज़ के ऐतबार से 80 रुपये से लेकर 150 रुपये तक भी बिकता है।

ड्रैगन फ्रूट से इम्यूनिटी होती है स्ट्रॉन्ग

ड्रैगन फ्रूट से इम्यूनिटी होती है स्ट्रॉन्ग

ड्रेगन फ्रूट के फायदे की बात की जाए तो इसमें कई पोषक तत्व और खनिज पदार्थ पाए जाते हैं। इसके खाने से इंसान को पोषण के साथ-साथ इम्यूनिटी भी स्ट्रॉन्ग होती है। बढ़ाने में काफी कारगर है। ड्रैगन फ्रूट में काफी तादद में फाइबर और एंटीआक्सीडेंट के साथ-साथ दूसरे तत्व पाए जाते हैं। कोरोना काल में ड्रैगन फ्रूट की हिंदुस्तानी बाज़ार में डिमांड काफी बढ़ गई थी। इसके बाद से लोगों में ड्रैगन फ्रूट का क्रेज़ बढ़ गया है।

किसानों को मुफ्त में मिलेंगे ड्रैगन फ्रूट के पौधे

किसानों को मुफ्त में मिलेंगे ड्रैगन फ्रूट के पौधे

खगड़िया के जिला उद्यान पदाधिकारी मोह्म्मद जावेद ने बताया कि ड्रैगन फ्रूट की खेती के लिए किसानों का सेलेक्शन प्रोसेस जारी है। जिले में अभी एक किसान ने ड्रैगन फ्रूट की खेती के लिए आवेदन दिया है। जिले से जितने भी किसानों को सेलेक्ट किया जाएगा, सभी को मुफ्त में ड्रैगन फ्रूट के पौधे मुहैया कराए जाएंगे। इसके साथ ही खेती के लिए अनुदान भी दिया जाएगा। किसानों के लिए ड्रैगन फ्रूट की खेती से आमदनी में काफी इज़ाफा होने की उम्मीद है।

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