Begusarai News: अल्पसंख्यक समाज को CM Nitish का तोहफ़ा, 9.80 करोड़ की लागत से बनेगा मुसाफिरखाना और लाइब्रेरी
Begusarai News: बिहार के अल्पसंख्यक समाज के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। बिहार राज्य वक्फ विकास योजना के अंतर्गत मामू-भांजा मजार वक्फ इस्टेट संख्या 2279, बड़ी बलिया मौजा, जिला बेगूसराय की भूमि पर G+3 मुसाफिरखाना एवं लाइब्रेरी भवन का निर्माण कराया जाएगा।
इस बहुउद्देशीय भवन की कुल अनुमानित लागत ₹9 करोड़ 80 लाख 83 हजार (₹980.83 लाख) निर्धारित की गई है।

300 लाख की पहली किश्त स्वीकृत
निर्माण कार्य के लिए कार्यकारी एजेंसी बिहार राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड, पटना को जिम्मेदारी सौंपी गई है। एजेंसी ने केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) के कुर्सी क्षेत्रफल दर 2023 के आधार पर विस्तृत मॉडल प्राक्कलन तैयार किया है। इसके लिए बिहार सरकार ने ₹980.83 लाख की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है और ₹300.00 लाख (तीन करोड़) की निकासी एवं आवंटन की पहली किश्त मंजूर कर दी है। बहुत जल्द निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है।
सामाजिक और शैक्षणिक उत्थान को मिलेगा बढ़ावा
यह परियोजना केवल धार्मिक उपयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके कई सामाजिक और शैक्षणिक उद्देश्य भी हैं। बिहार राज्य वक्फ विकास योजना का लक्ष्य मुस्लिम समाज में फैली अशिक्षा को दूर करना, शैक्षणिक पिछड़ेपन को समाप्त करना और सामाजिक उत्थान के लिए ठोस कदम उठाना है। इसके साथ ही समाज में सह-अस्तित्व, मानवता और नैतिकता की भावना को प्रोत्साहित करना भी योजना का प्रमुख उद्देश्य है।
भवन के तैयार हो जाने पर मुसाफिरखाना और लाइब्रेरी के माध्यम से धार्मिक आयोजन, इबादत, विवाह समारोह, जलसे, रमजान के महीने में तरावीह और मीलाद शरीफ जैसे आयोजनों में आने वाले लोगों को बड़ी सुविधा होगी। प्राकृतिक आपदा की स्थिति में यह भवन जरूरतमंदों के लिए राहत केंद्र का काम भी करेगा।
अल्पसंख्यक समाज में उत्साह
जिला अल्पसंख्यक विभाग के डिप्टी डायरेक्टर रिजवान अहमद ने जानकारी दी कि मामू-भांजा मजार परिसर में मुसाफिरखाना और लाइब्रेरी के निर्माण की स्वीकृति विभाग से मिल चुकी है और बहुत जल्द काम की शुरुआत की जाएगी। इस योजना की मंजूरी के बाद खासकर साहेबपुर कमाल विधानसभा क्षेत्र के अल्पसंख्यक समाज में खुशी की लहर है।
स्थानीय नेताओं और संगठनों ने जताया आभार
परियोजना की स्वीकृति मिलने पर अंजुमन तरक्की-ए-उर्दू के महासचिव एवं मुंगेर विश्वविद्यालय के सीनेट सदस्य मो. रुहुल्ला, जिला प्रवक्ता मो. कौनैन अली, हाफिज मो. तकमील सहित कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और बिहार सरकार का आभार व्यक्त किया है। उनका कहना है कि यह भवन अल्पसंख्यक समाज के सामाजिक, शैक्षणिक और धार्मिक गतिविधियों में मील का पत्थर साबित होगा।
बेगूसराय में मामू-भांजा मजार परिसर में बनने वाला यह G+3 मुसाफिरखाना और लाइब्रेरी न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों का केंद्र बनेगा बल्कि शिक्षा और सामाजिक जागरूकता का नया आयाम भी स्थापित करेगा। स्थानीय निवासियों और अल्पसंख्यक समाज के लिए यह परियोजना एक बड़ा तोहफ़ा मानी जा रही है।












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