बिहार में 20 रुपए में मिलेगा भरपेट खाना, क्या है नीतीश सरकार का 'दीदी की रसोई योजना'? कैसे होगा संचालित
CM Nitish Didi ki Rasoi Yojna: 2025 का साल बिहार के लिए सिर्फ एक और कैलेंडर वर्ष नहीं, बल्कि चुनाव का वर्ष है और इसी को ध्यान में रखते हुए नीतीश सरकार लगातार ऐसे फैसले ले रही है, जो जनता के बीच सीधे असर डालें और वोटबैंक को साधें। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए आम लोगों को राहत देने वाली एक महत्वपूर्ण योजना को और किफायती बना दिया है।
अब राज्य के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को मात्र ₹20 में भरपेट और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। यह सुविधा 'दीदी की रसोई' योजना के अंतर्गत दी जा रही है, जिसका संचालन 'जीविका महिला समूह' द्वारा किया जाता है।

क्या है योजना का मुख्य उद्देश्य?
इस योजना का मूल उद्देश्य है 'भूख से आज़ादी', सरकार चाहती है कि राज्य का कोई भी गरीब, मज़दूर या ज़रूरतमंद व्यक्ति खाली पेट न सोए। पहले यह भोजन ₹40 में उपलब्ध था, लेकिन अब इसे ₹20 में कर दिया गया है, यानी कीमत आधी हुई और राहत दुगनी। यह फैसला केवल सब्सिडी नहीं, बल्कि सम्मानजनक भोजन का अधिकार देने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।
क्या मिलेगा खाने में?
एक सामान्य थाली में शामिल होगा
- चावल
- दाल
- सब्ज़ी
- अचार या सलाद
(स्थानीय स्तर पर मेन्यू में थोड़ा अंतर संभव है।)
इन जगहों पर मिलेगा खाना
- सभी सरकारी चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल
- बाह्य मरीज़ों और उनके परिजनों के लिए दैनिक पौष्टिक भोजन उपलब्ध।
- राज्य के विभिन्न सरकारी संस्थान
- सचिवालय, विकास प्राधिकरण, जल संरक्षण कार्यालय इत्यादि में भोजन सुविधा।
- समाहरणालय (Collectorates)
- जिला स्तर पर कामकाज करने वाले व्यक्तियों और आगंतुकों को सुविधा।
- अनुमंडल कार्यालय (Subdivision Offices)
- ग्रामीण इलाकों से आने वाले नागरिकों तक भोजन पहुंचे।
- प्रखंड कार्यालय
- पंचायत स्तर पर कार्य करने वाले कर्मचारियों और लोगों के लिए।
- अंचल कार्यालय
- छोटे प्रशासनिक केंद्रों में भी भोजन उपलब्ध होगा।
योजना को लेकर CM नीतीश ने क्या कहा?
वहीं इस योजना को लेकर बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए लिखा कि, आप सभी अवगत हैं कि जीविका द्वारा संपोषित 'दीदी की रसोई' का संचालन बहुत ही अच्छे ढंग से हो रहा है। राज्य के सभी सरकारी चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पतालों तथा विभिन्न सरकारी संस्थानों में जीविका द्वारा संपोषित 'दीदी की रसोई' द्वारा संचालित कैंटीन के माध्यम से 40 रूपए प्रति थाली भोजन उपलब्ध कराया जा रहा था। अब हमलोगों ने 40 रूपए के स्थान पर 20 रूपये प्रति थाली की दर से गुणवत्तापूर्ण भोजन की व्यवस्था करने का निर्णय लिया है। आज कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव की स्वीकृति दे दी गई है।
'दीदी की रसोई' का प्रति थाली न्यूनतम खर्च लगभग 40 रूपए है इसलिए 20 रूपए प्रति थाली की क्षतिपूर्ति राज्य सरकार द्वारा जीविका को उपलब्ध कराई जाएगी। सस्ता एवं शुद्ध भोजन उपलब्ध होने से बाह्य मरीजों एवं उनके परिजनों को काफी सुविधा होगी। राज्य के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। हमलोगों ने इस व्यवस्था को राज्य के सभी समाहरणालयों, अनुमण्डल कार्यालयों, प्रखण्ड एवं अंचल कार्यालयों में भी लागू करने का निर्णय लिया है और इसके लिए अधिकारियों को निदेशित कर दिया गया है ताकि सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले आमजनों को सस्ते दर पर शुद्ध भोजन मिल सके।
ये भी पढ़ें Nuclear Plant: Bihar को मिलेगा पहला परमाणु ऊर्जा संयंत्र, SMR तकनीक से सस्ती और सुरक्षित बिजली का रास्ता साफ












Click it and Unblock the Notifications