CM Nitish Kumar की पूर्णिया में High Level Meeting, भारत-पाक तनाव के बीच चिकन नेक के पास बैठक की ख़ास वजह?
CM Nitish Kumar High Level Meeting: भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार (10 मई 2025) को पूर्णिया में सुरक्षा स्थिति का आकलन करने के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें नेपाल की सीमा से सटे इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया।
बैठक में कई अधिकारियों ने भाग लिया, जिससे इन संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर हुई चर्चाओं के महत्व को रेखांकित किया गया। चिकन नेक कॉरिडोर से जुड़े पूर्णिया का सामरिक महत्व चर्चा का मुख्य बिंदु रहा। पश्चिम बंगाल में लगभग 27 किलोमीटर लंबा यह संकरा इलाका महत्वपूर्ण है क्योंकि यह भारत के पूर्वोत्तर राज्यों को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ता है।

इसके सामरिक महत्व और संवेदनशीलता के कारण चीन, बांग्लादेश और पाकिस्तान जैसे पड़ोसी देशों की इस पर हमेशा से पैनी नज़र रही है। सिलीगुड़ी को केंद्र में रखकर बना चिकन नेक कॉरिडोर भारत को नेपाल, भूटान, बांग्लादेश, सिक्किम, दार्जिलिंग की पहाड़ियों और पूर्वोत्तर राज्यों से जोड़ता है, जिससे यह रक्षा फोकस का एक महत्वपूर्ण बिंदु बन गया है।
चल रहे 'ऑपरेशन सिंदूर' के मद्देनजर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सुरक्षा अधिकारियों से इलाके की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए गश्त और निगरानी समेत लागू किए जा रहे उपायों पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। इस उच्च स्तरीय बैठक से पहले गुरुवार (8 मई 2025) को मुख्यमंत्री ने सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा के लिए डीजीपी, मुख्य सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अपने आवास पर चर्चा की थी।
नेपाल की सीमा से सटे जिलों की सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित करते हुए, यह स्पष्ट है कि बिहार सरकार ने इस क्षेत्र को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। बैठक में बिहार के सात जिलों में गंभीर सुरक्षा स्थिति को रेखांकित किया गया, जो नेपाल के साथ खुली सीमा साझा करते हैं।
इनमें पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया और किशनगंज शामिल हैं, जहां गश्त बढ़ा दी गई है और सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है। इन जिलों से नेपाल तक पहुंच की आसानी का ऐतिहासिक रूप से नापाक गतिविधियों के लिए फायदा उठाया गया है, जिससे सतर्कता बढ़ा दी गई है।
इसके अलावा, नेपाल और बांग्लादेश के करीब स्थित किशनगंज, साथ ही पूर्णिया जिले का बैसी थाना क्षेत्र, चिकन नेक से सिर्फ 8 किलोमीटर की दूरी पर है, जो इस क्षेत्र के सामरिक महत्व को दर्शाता है। बिहार सरकार का इन क्षेत्रों पर ध्यान राष्ट्रीय सुरक्षा में उनकी अहमियत को दर्शाता है, खासकर नेपाल के साथ खुली सीमा और अन्य अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से निकटता को देखते हुए।
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पूर्णिया में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक केवल एक नियमित सुरक्षा समीक्षा नहीं थी, बल्कि भारत की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण रणनीतिक महत्व रखने वाले क्षेत्र में तैयारियों का एक महत्वपूर्ण मूल्यांकन था। चिकन नेक कॉरिडोर को मजबूत करने और नेपाल की सीमा से लगे जिलों में निगरानी बढ़ाने पर चर्चा देश की सीमाओं की सुरक्षा और अखंडता सुनिश्चित करने के लिए सरकार की ख़ास पहल है।












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