Buxar Lok Sabha Seat: भगवान राम की शिक्षा स्थली पर खिलेगा ‘कमल’, या बदलेंगे समीकरण, जानिए इतिहास
Buxar Lok Sabha Seat, 2024 Election: बिहार में आगामी चुनाव के मद्देनज़र राजमीतिक पार्टियों ने सभी 40 लोकसभा सीटों पर सियासी मंथन शुरू कर दिया है। सभी सियासी दलों ने लोकसभा सीटों पर जिताऊ उम्मीदवार पर चर्चा शुरू कर दी है। इन्हीं चुनावी चर्चाओं के बीच आज हम आपको बिहार की बक्स लोकसभा सीट का समीकरण और इतिहास बताने जा रहे हैं।
बक्सर की पहचान ऐतिहासिक के साथ-साथ धार्मिक भी रही है। इसे भगवान राम शिक्षा स्थली के तौर पर भी जाना जाता है। 1539 के चौथा युद्ध और 1764 का बक्सर युद्ध की वजह से आज भी इतिहास के पन्नों यहां का नाम शुमार है।

चुनावी इतिहास की बात करें तो पहली बार 1952 में यहां चुनाव हुआ था, उस वक्त शाहाबाद उत्तर पूर्वी लोकसभा क्षेत्र में बक्सर अनुमंडल शामिल था। 1957 में यह लोकसभा सीट के तौर पर अस्तित्व में आया। इस लोकसभा सीट को कांग्रेस का गढ़ माना जाता, लेकिन बाद में कांग्रेस का वर्चस्व कम हो गया।
1984 के लोकसभा चुनाव के बाद से आज की तारीख तक कांग्रेस प्रत्याशी पार्टी का परचम बुलंद नहीं कर सके। ग़ौरतलब है कि 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में यहां से भाजपा प्रत्याशी अश्विनी चौबे पार्टी का परचम बुलंद कर चुके हैं।
सियासी गलियारों में यह चर्चा भी हो रही है कि केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे जीत की हैट्रिक लगा पाते हैं, या इस बार सियासी फ़िज़ा बदलेगी। 2019 के लोकसभा चुनाव की बात करें तो भाजपा प्रत्याशी अश्विनी चौबे ने राजद नेता जगदानंद सिंह को चुनावी मात दी थी। वहीं बसपा के सुशील कुमार सिंह तीसरे नंबर पर रहे थे।
बक्सर लोकसभा क्षेत्र में के अंतर्गते छह विधानसभा क्षेत्र आते हैं। इनमें, बक्सर, ब्रह्मपुर, डुमरांव, राजपुर सुरक्षित सीट है, वहीं कैमूर जिले की रामगढ़ विधानसभा सीट और रोहतास जिले की दिनारा विधानसभा सीट शामिल है। आपको बता दें कि 2009 के परिसीमन में भोजपुर जिले के दो विधानसभा सीटों को इस सीट में शामिल किया गया था।
6 विधानसभा सीटों में से राजद का तीन विधानसभा सीटों पर क़ब्ज़ा, शंभू नाथ यादव (ब्रह्मपुर सीट), सुधाकर सिंह (रामगढ़ सीट), विजय मंडल (दिनारा), यह विधानसभा सीटें राजद के खाते में हैं। कांग्रेस के खाते में 2 विधानसभा सीटें हैं। संजय कुमार तिवारी उर्फ मुन्ना तिवारी (बक्सर सीट), विश्वनाथ राम (राजपुर सुरक्षित सीट) पर कांग्रेस का क़ब्ज़ा है। सीपीआई माले के प्रत्याशी अजीत कुमार सिंह ने डुमरांव सीट पर जीत दर्ज की थी।












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