Bihar News: दलित आदिवासी को छोड़कर अन्य कर्मियों को प्रमोशन देने पर गरमाई सियासत, जानिए मामला

Bihar BSP News: बिहार में सरकारी कर्मियों के प्रमोशन दिए जाने पर सियासत तेज़ हो चुकी है। इसी क्रम में बहुजन समाज पार्टी ने बिहार और केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा है। बीएसपी बिहार के प्रभार अनिल कुमार ने पटना में बुधवार को मीडिया से मुख़ातिब होते हुए कहा कि प्रदेश में हज़ारों अनुसूचित जाति, जन जाति के कर्मियों को प्रमोशन नहीं दिए जाने से दलितों में ख़ासी नाराज़ी है।

सुप्रीम कोर्ट में मामला लंबित होने के बावजूद भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दलितों को किनारे कर सभी कर्मचारियों को प्रमोशन दिया है। इससे ज़ाहिर होता है कि सरकार दलित विरोधी है। बिहार सरकार और भारत सरकार की नीतियों और कार्यशैली से साफ़ पता चलता है कि बहुजन समाज को आगे बढ़ाने के नाम पर ठगा जा रहा है। दलितों को दबाने का काम किया जा रहा है।

BSP Politics heated up over promotion to employees other than Dalits and tribals news hindi

रातोंरात कैबिनेट की मीटिंग की जाती है। 13 अक्टूबर को बिहार गजट जारी कर दिया गया। नए आरक्षण कानू रे ज़रिए प्रदेश के अनुसूचित जाति, जनजाति वर्ग के पदाधिकारियों और कर्मियों को किनारे कर बाकी सभी वर्ग के पदाधिकारियों और कर्मियों प्रमोशन दिया जा रहा है। यही वजह है कि प्रदेश के विभिन्न विभागों में सेवा दे रहे अनुसूचित जाति, जनजाति के करीब 98 फ़ीसद पदाधिकारियों और कर्मचारियों को प्रमोशन नहीं मिल पाया है।

अनिल कुमार ने कहा सरकार के इस रवैय्ये से यह भारत के संविधान पर काले धब्बे की तरह प्रतीत हो रहा है। नीतीश और तेजस्वी की सरकार ने हमारे संविधान पर काला धब्बा लगाने का काम किया है। बिहार गजट दलित और आदिवासी समाज को दबाने और मारने वाला गजट है। इसी गजट के हवाले से सीएम नीतीश ने कहा कि न्यायालय में प्रमोशन में रोक रहने तक आदिवासी और अनुसूचित जाति को पदोन्नति की ज़रूरत नहीं है।

अनुसूचित जाति और जनजाति के समुदाय से नीतीश सरकार को क्या दुश्मनी हो जो आरक्षण नहीं देते हुए प्रमोशन रोक दिया है। यह महसूस होने लगा है कि बिहार की महागठबंधन सरकार हमारे बाबा साहेब के संविधान से पड़े चल रही है। मनुवादी और सामंतवादी व्यवस्था के साथ प्रदेश सरकार ने नया संविधान बना लिया है।बिहार सरकार के नुमाइंदों ने संविधान को रौंदने का काम किया है।

अनिल कुमार ने कहा कि सरकार को बीएसपी यह कहना चाहती है कि नींद से जागकर अंग्रेज़ों वाले काले कानून को वापस लीजिए। संविधान की बात करते हुए संविधान के मुताबिक आरक्षण दीजिए। काला कानून वापस नहीं लेने पर बीएसपी सरकार के खिलाफ आंदोलन करेगी। बहुजन समाज को सिर्फ़ वोट बैंक के तौत पर इस्तेमाल करने नहीं दिया जाएगा। एक तरह हिंदू बनते हैं, दूसरी तरफ़ जाति के आधार पर बांटकर वोट की सियासत करते हैं। बहुजन समाज पर हो रहे ज़ुल्म को और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+