Bihar News: भाजपा और कांग्रेस ने की एक तरह की गलती, आज तक भुगत रही ख़ामियाज़ा- प्रशांत किशोर
Bihar News, Prashant Kishore Latest: बिहार में आगामी चुनाव को लेकर राजनीतिक पार्टियों ने चुनावी रणनीतियों पर काम करना शुरू कर दिया है। सभी पार्टियां अपनी सियासी ज़मीन मज़बूत करने में जुटी हुई है। इसी क्रम में चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर भी प्रदेश में अलग ही सियासी फ़िज़ा तैयार करने में जुटे हुए हैं।
प्रशांत किशोर ने बिहार की बदहाल व्यवस्था का ज़िम्मेदार लालू और नीतीश को ही बताया है। इसके साथ ही राजद, जदयू, कांग्रेस और भाजपा पर भी जमकर निशाना साधा है। जन सुराज पदयात्रा के दौरान मधुबनी में लोगों को संबोधित करते हुए पीके ने कहा कि नीतीश और लालू के साथ-साथ भाजपा और कांग्रेस भी ज़िम्मेदार है।

कांग्रेस ने बिहार में अपने संगठन को लालू यादव को बेच दिया और प्रदेश को भी राजद को नीलाम कर दिया। भारतीय जनता पार्टी ने भी केंद्र की सत्ता पर क़ाबिज़ रहने के लिए घातक कदम उठाया है। 1989-1990 के दौरान जब बिहार में कांग्रेस हारी तो प्रदेश को लालू के हवाले कर दिया। बिहार में लंबा शासन करने वाली पार्टी राजद के हाथों बिक गई। बिहार की जनता के बारे में कुछ नहीं सोचा।
बिहार बेचने के साथ ही संगठन को भी कांग्रेस ने बेच दिया। 1990 के दशक में प्रदेश की जनता से धोखा करने का ख़ामियाज़ा आज तक कांग्रेस भुगत रही है। पीके ने कहा कि 1990 के दशक में कांग्रेस बिहार में रुलिंग पार्टी थी। एक बार कांग्रेस चुनाव हारी, इसके बाद से बिहार और पार्टी को लालू जी के हवाले छोड़ दिया।
बिहार की जनता के बारे में नहीं सोचा, कांग्रेस ऐसा करने वारी अकेली पार्टी नहीं है। भारतीय जनता पार्टी ने भी बिहार में यही ग़लती की और नीतीश के हवाले बिहार कर दिया। बिहार के हितों का ध्यान नहीं रखा। भाजपा जो दूसरे प्रदेशों में दलों को तोड़कर सत्ता हासिल करती है, वही भाजपा 2020 में प्रदेशी की सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद नीतीश कुमार को सीएम का ताज पहना दिया।
भाजपा ने ना तो पद संभाला और ना ही प्रदेश को सुधारने की ज़िम्मेदारी उठाई। 45 विधायक वाले नीतीश कुमार को सीएम की कुर्सी सौंप दी। भाजपा ने यह 'नीतीश प्रेम' की वजह से नहीं किया, बल्कि इसके पीछे का गणित था कि जदयू-भाजपा के समीकरण के ज़रिए 30 से 35 एमपी जीत दर्ज करते रहें। केंद्र की सत्ता पर क़ाबिज़ रहें।
प्रशांत किशोर ने कहा कि लालू यादव को सोनिया गांधी बिहार इसलिए बेच दिया, ताकि बिहार से 20 से 25 सांसद जीत दर्ज कर पार्टी का परमच बुलंद रखें। बिहार की बदहाली की यही वजह है कि दोनों ने प्रदेश की जनता का खयाल नहीं रखा। सभी ने अपने फ़ायदे को देखा, बिहार की जनता को लालू यादव और नीतीश कुमार जाति उप जाति में बांटकर शासन करते रहे।












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