विश्व में मशहूर हैं बिहार के ये पांच वाटरफॉल, कम ख़र्च में उठा सकते हैं विदेशी नज़ारे का लुत्फ़
बिहार में गोवा की तरह आप वाटर गेम्स का लुत्फ उठा सकते हैं। आइए जानते हैं बिहार में मौजूद झरनों में क्या खास देखने को मिल सकता है। बिहार और झारखंड के बॉर्डर पर काकोलाट वाटरफॉल है।
पटना, 20 अगस्त 2022। बिहार में पर्यटन के ऐतबार से घूमने के कई स्थल है। बिहार पूरे देश के राज्यों में से एक ऐसा प्रदेश है जहां प्राकृतिक नज़ारा देखने के लिए विदेशों से भी लोग आते हैं। जानकार बताते हैं कि बिहार में पांच झरने काकोलाट वाटरफॉल, करकट वाटरफॉल, तेलहर वाटरफॉल, कशिश वाटरफॉल और मंझर कुंड वाटरफॉल को देखने दूर-दूर से पर्यटक आते हैं। कहा तो यह जाता है कि अगर आपने इन पांच वाटरफाल का नज़ारा नहीं लिया तो आपकी ट्रिप अधूरी है। बिहार में मौजूद सभी वाटरफॉल अपनी एक अलग खासियत है।

बिहार में भी गोवा की तरह वाटर गेम्स का लुत्फ
बिहार में गोवा की तरह आप वाटर गेम्स का लुत्फ उठा सकते हैं। आइए जानते हैं बिहार में मौजूद झरनों में क्या खास देखने को मिल सकता है। बिहार और झारखंड के बॉर्डर पर काकोलाट वाटरफॉल है। यह वाटरफॉल बिहार के नवादा जिले से सिर्फ 33 किलोमीटर की दूर है।। प्रदेश के सबसे अच्छे झरनों में काकोलाट वाटरफाल शुमार किया जाता है। गौरतलब है कि काकोलट पहाड़ियों से निकलते हुए क़रीब 160 फीट की ऊंचाई से वाटरफॉल होता है। झरने के चारों तरफ़ वन क्षेत्र होने की वजह से पानी गिरने का नज़ारा काफ़ी दिलकश होता है। आपको बता दें कि संक्राति और बैसाखी के मौक़े पर यहां तीन दिवसीय मेला का भी आयोजन किया जाता है।

विदेशों में भी वाटरफॉल की चर्चा
कैमूर पहाड़ियों के क़रीब बेहद खूबसूरत करकट वाटरफॉल है, यहां के वाटरफॉल का नज़ारा सिर्फ़ भारतीयों के बीच नहीं बल्कि विदेशों में भी इसकी खूबसूरती की तारीफ़ होती है। जानकार बताते हैं कि हेनरी रामसे नाम के ब्रिटिश अधिकारी ने करकट वाटरफॉल का ज़िक्र सबसे शानदार झरनों में से एक के तौर पर किया था। यहां बोटिंग, तैराकी और मछली पकड़ने जैसा वाटर गेम्स का लुत्फ उठा सकते हैं। ग़ौरतलब है कि इको-टूरिज्म स्पॉट और क्रोकोडाइल कंजर्वेशन रिजर्व के तौर पर राज्य सरकार इसे विकसित करने की योजना तैयार कर रही है।

तेलहर वाटरफॉल की खासियत
दुर्गावती नदी के उद्गम के पास तेलहर वाटरफॉल है, ग़ौरतलब है कि झरने का पानी तेलहर कुंड झील में गिरता है। इसके साथ ही यहां पर एक गर्म पानी का झरना भी काफ़ी चर्चित है। कैमूर वाइल्डलाइफ सैन्चुरी के अधीन यह झरना है लेकिन यह नहाना और तैराकी की इजाज़त नहीं है। बिहार के लोगों के लिए यह सबसे पसंदीदा पिकनिक स्पॉट माना जाता है। घूमने के शौकीन युवा अकसर वीकेंड पर यहां का नज़ार लेने प्रदेश के विभन्न ज़िलों से आते हैं।

800 फ़ीट की ऊंचाई से होता है वाटरफॉल
बिहार की राजधानी पटना से 175 किलोमीटर की दूरी पर कशिश वाटरफॉल है। यह अमझौर गांव (रोहतास) में स्थित है। आपको बता दें कि क़रीब 800 फीट ऊंचाई स्थित पहाड़ से निकलने वाले चार झरने हैं। यह झरने तीन दिशाओं में गिरने की वजह से नज़ार बेहद हसीन होता है। स्थानीय लोग मानते हैं कि इस झरने में नहाने से स्किन रोग से निजात मिलता है।

कुंड का पानी सेहत के लिए फ़ायदेमंद- स्थानीय
रोहतास जिले में डेहरी-ऑन-सोन और सासाराम के बीच में मंझर कुंड वाटरफॉल मौजूद है। स्थानीय लोगों का मानने है कि इस कुंड का पानी प्राकृतिक खनिजों से बना हुआ है। खाना खाने बाद कुंड के पानी को पीने से भोजन पाचन में काफी उपयोगी है। आपको बता दें कि रक्षा बंधन के बाद पहले रविवार को हर साल यहां एक पारंपरिक मेला का आयोजन होता है। इस मेले में स्थानीय लोगों के साथ-साथ सैलानी लोग भी शामिल होते हैं। सावन के महीने में तो वाटरफॉल का नज़ारा देखकर आप भी कहेंगे बिहार में बहार है।
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