Bihar Today: चुनाव से पहले बिहार की सियासत में घमासान, SIR पर भिड़े सत्ता पक्ष और विपक्ष, आज क्या है खास?
Bihar Today: बिहार में चुनावी गहमागहमी अब अपने चरम पर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 18 जुलाई को होने वाली यात्रा से पहले ही राज्य की सियासत में तूफान मच गया है। एक तरफ नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने विदेशी नागरिकों के नाम वोटर लिस्ट में होने के दावे को सिरे से खारिज कर दिया है, तो दूसरी ओर नगर विकास मंत्री जीवेश मिश्रा को नकली दवा मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद राजनीतिक बयानबाज़ी चरम पर पहुंच गई है।
इसी बीच, चुनाव आयोग की ओर से 35 लाख से ज्यादा नाम वोटर लिस्ट से हटाए जाने की संभावना ने भी विपक्ष को हमलावर बना दिया है। बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर भी बवाल जारी है। प्रशांत किशोर से लेकर उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा तक, हर किसी की प्रतिक्रिया से साफ है कि बिहार की राजनीति फिलहाल उबाल पर है।

18 जुलाई को बिहार दौरे पर PM मोदी
बिहार में आगामी चुनावों से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस साल की पांचवीं यात्रा 18 जुलाई को होने जा रही है। इससे पहले ही राज्य की सियासी हलचल तेज हो गई है। एक ओर जहां चुनाव आयोग की वोटर लिस्ट की समीक्षा को लेकर बयानबाज़ी हो रही है, वहीं दूसरी ओर मंत्री जीवेश मिश्रा के खिलाफ विवाद और तेजस्वी यादव के बयानों पर प्रतिक्रिया ने राजनीतिक तापमान और बढ़ा दिया है।
ये भी पढ़ें: क्या चिराग पासवान के 'बिगड़ते सुर' फिर बनेंगे नीतीश की मुसीबत? बिहार चुनाव से पहले NDA में क्यों बढ़ी बेचैनी
तेजस्वी ने चुनाव आयोग से जुड़ी रिपोर्ट को नकारा
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग से जुड़े सूत्रों के हवाले से आई मीडिया रिपोर्ट्स को खारिज कर दिया है। रिपोर्ट्स में कहा गया था कि वोटर लिस्ट की स्पेशल रिवीजन के दौरान नेपाल, बांग्लादेश और म्यांमार जैसे देशों के अवैध नागरिकों के नाम पाए गए हैं। तेजस्वी ने इसे गलत बताया और कहा कि इस तरह की खबरों से जनता को गुमराह किया जा रहा है।
बिहार में वोटर लिस्ट से हट सकते हैं लाखों नाम
चुनाव आयोग के ताजा आंकड़ों के अनुसार अब तक 6.6 करोड़ मतदाताओं ने फार्म जमा किए हैं, जो कुल मतदाताओं का करीब 88.18% है। इस प्रक्रिया के तहत 12.5 लाख मृत लोगों के नाम अब भी सूची में हैं, 17.5 लाख लोग स्थायी रूप से बिहार छोड़ चुके हैं और करीब 5.5 लाख दो बार रजिस्ट्रेशन कर चुके हैं। कुल मिलाकर 35 लाख से ज्यादा नाम वोटर लिस्ट से हटाए जा सकते हैं।
मंत्री जीवेश मिश्रा पर सियासत गर्म
राजस्थान की अदालत से नकली दवा मामले में दोषी ठहराए गए बिहार के नगर विकास मंत्री जीवेश मिश्रा पर लगातार हमले हो रहे हैं। इस बीच बीजेपी की लीगल सेल ने पप्पू यादव, रोहिणी आचार्या और कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम सहित कई नेताओं को लीगल नोटिस भेजा है। बीजेपी ने आरोप लगाया है कि इन नेताओं ने बिना तथ्यों की जांच किए मंत्री पर झूठे आरोप लगाए। लीगल सेल ने 15 दिन के भीतर सार्वजनिक माफी की मांग की है, वरना कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
तेजस्वी की भाषा पर पीके का हमला
जन सुराज अभियान के संयोजक प्रशांत किशोर ने तेजस्वी यादव की भाषा को "अशोभनीय" बताया है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग जो सत्ता से जुड़े होते हैं, समाज से नहीं, वही इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भी निशाना साधा और कहा कि राज्य की कानून व्यवस्था बुरी स्थिति में है और प्रशासनिक अधिकारी राज्य को लूटने में लगे हैं।
डिप्टी सीएम का कानून व्यवस्था पर बयान
उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कानून व्यवस्था पर कहा कि सरकार हर घटना पर कार्रवाई कर रही है और अपराध को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आने वाले दिनों में इसके परिणाम दिखने लगेंगे और अपराधियों के हौसले पस्त होंगे।
ये भी पढ़ें: 'एकतरफा मोहब्बत नहीं चलेगी', बिहार चुनाव से पहले ओवैसी ने INDIA गठबंधन को दिखाया ठेंगा, अब क्या करेगी AIMIM?












Click it and Unblock the Notifications