Bihar Hindi News Today: पटना में उपेंद्र कुशवाहा की बड़ी रैली, शिक्षकों के लिए खुलेगा ट्रांसफर पोर्टल
Bihar Hindi News Today (5 September 2025): बिहार की राजनीति (Bihar Politics) से लेकर गवर्नमेंट (Government) के बड़े फैसलों तक, विकास योजनाओं (Vikas Yojana) से लेकर जनता से जुड़े कार्यक्रमों तक- आज बिहार (Bihar Latest News) में क्या कुछ नया हो रहा है, उसका हर बड़ा अपडेट (Bihar Update) आपको यहां मिलेगा।
उपेंद्र कुशवाहा की पटना रैली की घोषणा
राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा ने बुधवार को घोषणा की कि उनकी पार्टी आगामी 5 सितंबर को पटना के मिलर ग्राउंड में एक बड़ी रैली आयोजित करेगी। यह रैली पूरी तरह से संवैधानिक अधिकार और परिसीमन सुधार के मुद्दे को समर्पित होगी।

5 सितंबर का दिन ऐतिहासिक
कुशवाहा ने कहा कि उनकी पार्टी लगातार परिसीमन के मुद्दे पर आंदोलन कर रही है और बिक्रमगंज, मुजफ्फरपुर और गया में सफल रैलियों के बाद अब पटना में राज्यस्तरीय रैली की तैयारी पूरी हो चुकी है। उपेंद्र कुशवाहा ने बताया कि 5 सितंबर का दिन ऐतिहासिक है, क्योंकि यह दिन जगदेव प्रसाद का शहादत दिवस और शिक्षक दिवस दोनों है। उन्होंने कहा कि इस दिन मिलर स्कूल ग्राउंड में होने वाली रैली अब तक के आयोजनों से अलग और बड़ी होगी।
बिहार में शिक्षकों के लिए नया ट्रांसफर पोर्टल
बिहार सरकार जल्द ही अपने शिक्षकों के लिए बेहतर और सुविधाजनक ट्रांसफर प्रक्रिया शुरू करने जा रही है। इसके लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिया है कि अंतर-जिला स्थानांतरण की सुविधा 5 सितंबर से शुरू की जाए।
प्रदेश में 5.97 लाख शिक्षक कार्यरत
प्रदेश में लगभग 5.97 लाख शिक्षक कार्यरत हैं, जिनमें से विशेष परिस्थितियों के कारण लगभग 1.90 लाख शिक्षकों ने ऑनलाइन ट्रांसफर के लिए आवेदन किया था। इनमें से लगभग 98 हजार शिक्षकों का ऐच्छिक ट्रांसफर और 32 हजार का पारस्परिक ट्रांसफर किया जा चुका है। हालांकि, अभी भी कई शिक्षक ट्रांसफर की मांग कर रहे हैं।
13 सितंबर तक कर सकेंगे आवेदन
शिक्षा विभाग द्वारा तैयार किए गए विशेष पोर्टल पर शिक्षक 5 सितंबर से 13 सितंबर 2025 तक अपने ट्रांसफर के लिए आवेदन कर सकेंगे। जिला आवंटन प्रक्रिया 14 से 18 सितंबर 2025 तक पूरी की जाएगी। जिले में स्कूलों में तैनाती का निर्णय जिला अधिकारी की अध्यक्षता वाली समिति करेगी, जो रिक्त सीटों और छात्र-शिक्षक अनुपात को ध्यान में रखते हुए फैसले लेगी। इस सुविधा का लाभ उन शिक्षकों को नहीं मिलेगा जिन्होंने पहले ही पारस्परिक स्थानांतरण का लाभ ले लिया है।












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