Bihar Today: चुनाव से पहले चढ़ा सियासी पारा, 1 अगस्त को जारी होगी बिहार की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट

Bihar Today: बिहार में विधानसभा चुनाव की तैयारियां जोरों पर हैं और इसी बीच वोटर लिस्ट को लेकर एक बड़ी बहस छिड़ गई है। सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर इस सूची के प्रकाशन पर रोक लगाने की मांग की गई, जिसमें दावा किया गया कि इससे लाखों मतदाताओं को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। लेकिन सोमवार को कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि वोटर लिस्ट का प्रकाशन तय समय के अनुसार ही 1 अगस्त को होगा।

इस बीच, चुनाव आयोग ने भी साफ किया है कि सत्यापन प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी रही है और जिनके नाम हटाए गए हैं, वे या तो मृत, स्थानांतरित या अनुपस्थित पाए गए। इस मुद्दे के बीच राजनीति भी गरमा गई है-विपक्ष जहां साजिश की बात कर रहा है, वहीं तेज प्रताप यादव ने भी अपने ही खेमे में षड्यंत्र के आरोप लगाए हैं।

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'ड्राफ्ट लिस्ट से 4.5 करोड़ वोटरों को हो सकती है परेशानी'

एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स की ओर से पेश हुए एडवोकेट गोपाल शंकरनारायणन ने कोर्ट से ड्राफ्ट लिस्ट जारी करने पर रोक लगाने की अपील की। उन्होंने कहा कि एक बार ड्राफ्ट लिस्ट जारी हो गई, तो जिन लोगों के नाम छूट जाएंगे उन्हें आपत्ति दर्ज करानी होगी, जिससे करीब 4.5 करोड़ वोटरों को परेशानी हो सकती है। इस पर कोर्ट ने कहा कि यह केवल ड्राफ्ट सूची है और यदि इसमें कोई गड़बड़ी पाई जाती है, तो इसे बाद में अमान्य किया जा सकता है।
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आधार, वोटर आईडी और राशन कार्ड पर उठे सवाल

याचिकाकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने कोर्ट के 10 जुलाई के उस निर्देश का पालन नहीं किया, जिसमें आधार, EPIC और राशन कार्ड को सत्यापन के लिए मान्य दस्तावेज मानने की बात कही गई थी। इस पर आयोग ने अपने हलफनामे में राशन कार्ड को लेकर फर्जीवाड़े की आशंका जताई। कोर्ट ने मौखिक रूप से आयोग से कहा कि कम से कम आधार और EPIC जैसे वैध दस्तावेजों पर विचार किया जाए।

पटना में 3.95 लाख वोटरों के नाम हटेंगे

बिहार विधानसभा चुनाव से पहले पटना जिले में मतदाता सूची की व्यापक जांच की गई है। विशेष पुनरीक्षण अभियान के तहत वोटर लिस्ट का सत्यापन पूरा हो चुका है और इसमें कई चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। लगभग 3,95,211 वोटरों के नाम लिस्ट से हटाए जाएंगे। यह सभी या तो मृत पाए गए हैं, या फिर स्थान बदल चुके हैं या सत्यापन के दौरान अनुपस्थित रहे।

पटना में घटे वोटरों की संख्या

अभियान शुरू होने से पहले पटना जिले में कुल 50,47,194 मतदाता पंजीकृत थे, जो अब घटकर 46,51,983 रह जाएंगे। निर्वाचन विभाग का कहना है कि बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) ने घर-घर जाकर सत्यापन किया है और हर नाम की जांच के बाद ही उन्हें सूची से हटाया गया है।

सीएम नीतीश का 'निश्चय रथ'

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आने वाले चुनावों के लिए एक बेहद खास चुनावी रथ तैयार करवाया है, जिसे 'निश्चय रथ' नाम दिया गया है। यह रथ हरियाणा से बनकर लाया गया है और इसे पूरी तरह से उनकी सरकार की योजनाओं और वादों को जनता तक पहुंचाने के लिए तैयार किया गया है। इस रथ पर नीतीश कुमार की तस्वीर के साथ एक बड़ा नारा लिखा है- "बहन-बेटियों के सपने साकार, धन्यवाद नीतीश कुमार।"

तेजस्वी के खिलाफ षड्यंत्र का आरोप

इधर, आरजेडी नेता तेज प्रताप यादव ने रविवार को बोचहां में एक कार्यक्रम में कहा कि तेजस्वी यादव के आसपास कुछ बाहरी लोगों का घेरा बना दिया गया है, जो उन्हें पार्टी और परिवार से अलग करने की साजिश रच रहे हैं। उन्होंने बीजेपी और आरएसएस पर भी षड्यंत्र का आरोप लगाया।
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