Bihar की सबसे ऊंची शिव प्रतिमा बनाने में लगे इतने साल, जानिए कब होगा दीदार ?
Bihar: मूर्तिकारों की मानें तो भगवान शिव की 111 फीट ऊंची प्रतिमा में मूर्ति से भी ऊंचा भगवान शिव का त्रिशूल है। प्रतिमा को आकाशीय बिजली से नकसान नहीं पहुंचे इसलिए मूर्ती में तड़ित चालक भी लगाया गया है।इतना ही नहीं...
Bihar के रोहतास जिला में 111 फीट की भगवान शिव की सबसे ऊंची प्रतिमा बनकर तैयार हो चुकी है। जिला मुख्यालय सासाराम स्थित पायलट बाबा धाम में कन्क्रीट से बने भगवान शिव की मूर्ती को बनाने में करीब 5 साल लगे हैं। भगवान शिव की यह मूर्ती बिहार की सबसे ऊंची प्रतिमा में शुमार की जा रही है। शानदार मूर्तिकारों के ज़रिए बनाई गई भगवान शिव की प्रतिमा पुराने जीटी रोड से गुज़रते वक्त साफ-साफ नज़र आती है। सासाराम-डेहरी लिंक रोड से अगर आप गुज़रेंगे तो एक पल के लिए आपकी निगाह भगवान शिव की प्रतिमा पर ठहर सी जाएगी।

पायलट बाबा द्वारा मंदिर और प्रतिमा का निर्माण कराया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शुरुआत से ही पायलट बाबा धाम श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र रहा है। आपको बता दें कि आधिकारिक तौर पर 7 नवबर को भगवान शिव की प्रतिमा का लोकार्पण समारोह होना है। इस समारोह में देश भेर की नामी हस्तियां शिरकत करने वाली है। लोकार्पण समारोह में बाबा रामदेव समेत हिंदुस्तान के कई मशहूर संत भी शिरकत करेंगे। वहीं कार्यक्रम में अजय भट्ट (केंद्रीय राज्य मंत्री, पर्यटन विभाग) भी शामिल रहेंगे।
मूर्तिकारों की मानें तो भगवान शिव की 111 फीट ऊंची प्रतिमा में मूर्ति से भी ऊंचा भगवान शिव का त्रिशूल है। प्रतिमा को आकाशीय बिजली से नकसान नहीं पहुंचे इसलिए मूर्ती में तड़ित चालक भी लगाया गया है।इतना ही नहीं प्रतिमा का आधार भी काफी ठोस दिया गया ताकि भूकंप में भी मूर्ति महफूज़ रह सके। आपको बता दें कि भगवान शिव की प्रतिमा के ठीक सामने नंदी की ऊंची मूर्ति है, वहीं प्रतिमा के चारों तरफ शिवलिंग भी है। स्थानीय लोगों ने खुशी का इजहार करते हुए कहा कि भगवान शिव की प्रदेश की सबसे ऊंची प्रतिमा बाबा पायलट धाम में लगने से जिले को एक अलग पहचान मिलेगी। इसके साथ अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर भी जिले के नाम रिकॉर्ड भी दर्ज होंगे।
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