Bihar SIR: बिहार वोटर रिवीजन में दो दिन बाकी, अब-तक 98% वोटर्स कवर, जानें कितनों के कटे नाम?
Bihar Voter List Verification (Bihar SIR): बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया के तहत नामांकन फॉर्म जमा करने की आखिरी तारीख से पहले ही चुनाव आयोग ने 56 लाख मतदाताओं को वोटर लिस्ट से बाहर कर दिया है। चुनाव आयोग के मुताबिक 56 लाख मतदाता 24 जून 2025 तक राज्य के कुल 7.9 करोड़ मतदाताओं का लगभग 7% हिस्सा थे। इनमें से 1 लाख मतदाता "अज्ञात" पाए गए हैं, बाकी 55 लाख ऐसे हैं जिन्हें मृत, स्थायी रूप से प्रवासी या एक से अधिक स्थानों पर पंजीकृत पाया गया है।
चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि ये सभी "गलती से शामिल किए गए मतदाता" हैं और अगर इन्हें वोटर लिस्ट में बनाए रखा जाता, तो आने वाले चुनाव में फर्जी वोटिंग का बड़ा खतरा बन सकते थे। चुनाव आयोग ने जारी अपने प्रेस नोट में कहा है कि बिहार में 24 जून 2025 से चल रही वोटर रिवीजन की की पहली चरण की प्रक्रिया लगभग पूरी कर ली है। आयोग ने कहा कि यह अभियान "कोई पात्र मतदाता छूटे नहीं और कोई अपात्र शामिल न हो" के सिद्धांत पर आधारित है।

🔴 Bihar SIR: अब तक की प्रमुख जानकारी (23 जुलाई 2025 तक)
- कुल 98.01% मतदाताओं को कवर कर लिया गया है।
- 20 लाख मृत मतदाता रिपोर्ट किए गए हैं।
- 28 लाख मतदाता बिहार से स्थायी रूप से पलायन कर चुके हैं।
- 7 लाख मतदाता दो या अधिक स्थानों पर पंजीकृत पाए गए।
- 1 लाख मतदाताओं का कोई सुराग नहीं मिला।
- 15 लाख फॉर्म अब तक वापस नहीं आए हैं।
🔴 अवैध प्रवासियों की आशंका
वोटर लिस्ट में शामिल 1 लाख "अज्ञात" मतदाताओं को लेकर आशंका जताई गई है कि ये अवैध प्रवासी हो सकते हैं, जो संभवत अन्य राज्यों, खासकर पड़ोसी राज्य बंगाल में रह रहे हैं, लेकिन किसी भ्रष्ट माध्यम या निगरानी की कमी के चलते बिहार में उनका नाम मतदाता सूची में दर्ज हो गया। अधिकारी के मुताबिक सारांश मतदाता सूची पुनरीक्षण (Summary Revision) के दौरान ऐसा होना कोई नई बात नहीं है।
🔴 1 अगस्त को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट होगी जारी
इन 56 लाख अपात्र मतदाताओं के नाम 1 अगस्त 2025 को प्रकाशित होने वाली ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में शामिल नहीं होंगे। चुनाव आयोग ने यह कदम मतदाता सूची की शुद्धता बनाए रखने और फर्जी वोटिंग को रोकने के लिए उठाया है।
🔴 राजनीतिक दलों को दी गई जानकारी
20 जुलाई को चुनाव आयोग ने सभी 12 प्रमुख राजनीतिक दलों के जिला अध्यक्षों द्वारा नामित किए गए 1.5 लाख बूथ लेवल एजेंट्स (BLAs) को गलती से शामिल किए गए मतदाताओं की सूची और अब तक न लौटाए गए फॉर्म्स की जानकारी साझा की है। 7.17 करोड़ मतदाता फॉर्म (कुल 90.89%) प्राप्त होकर डिजिटाइज कर दिए गए हैं।
🔴 बिहार से बाहर रहने वाले बिहार वोटरों के लिए सुविधा
जो बिहार के मतदाता वर्तमान में राज्य से बाहर अस्थायी रूप से निवास कर रहे हैं, और जिन्होंने किसी अन्य स्थान पर अपना नाम दर्ज नहीं कराया है, वे इन तरीकों से फॉर्म भर सकते हैं:
- ऑनलाइन भर सकते हैं: https://electors.eci.gov.in या ECINet मोबाइल ऐप के माध्यम से।
- फॉर्म का प्रिंट लेकर भरें, हस्ताक्षर करें और परिवार के किसी सदस्य के माध्यम से BLO को भेजें।
- या हस्ताक्षर किया गया फॉर्म BLO के मोबाइल नंबर पर व्हाट्सएप से भेज सकते हैं।
🔴 ड्राफ्ट वोटर लिस्ट और आपत्तियां
1 अगस्त 2025 को पहले चरण के समापन के साथ ड्राफ्ट वोटर लिस्ट प्रकाशित की जाएगी। अगर उसमें कोई गलती हो तो
1 सितंबर 2025 तक कोई भी मतदाता या राजनीतिक दल संबंधित विधानसभा क्षेत्र के ERO/AERO के पास आपत्ति दर्ज करवा सकता है।
वहीं, अगर कोई पात्र मतदाता ड्राफ्ट लिस्ट में अपना नाम नहीं पाता है, तो वह भी 1 सितंबर तक अपना दावा पेश कर सकता है।
चुनाव आयोग ने यह स्पष्ट किया है कि बिहार में चल रही SIR प्रक्रिया के तहत 1 अगस्त से 1 सितंबर 2025 तक का समय दिया गया है, जिसमें कोई भी मतदाता या मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल निम्नलिखित दो काम कर सकते हैं:
1. अगर किसी पात्र मतदाता का नाम छूट गया हो, तो वे उसका नाम वोटर लिस्ट में शामिल करने के लिए आवेदन कर सकते हैं।
2. अगर किसी गलत व्यक्ति का नाम लिस्ट में जुड़ गया हो (जैसे कि मृत, दो जगह रजिस्टर्ड, प्रवासी या अपात्र), तो उस नाम को हटाने के लिए आपत्ति दर्ज कर सकते हैं।
चुनाव आयोग ने उन मतदाताओं को SMS भी भेजे हैं, जिन्होंने अपने फॉर्म में मोबाइल नंबर दिया था, ताकि वे अपने फॉर्म की स्थिति ऑनलाइन ट्रैक कर सकें: https://electors.eci.gov.in/home/enumFormTrack












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