Bihar Politics: NDA में दो फाड़! LJPR सांसद ने केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी को दे दी सख़्त हिदायत
Bihar Politics: बिहार में लोकसभा चुनाव संपन्न होने के साथ ही पक्ष-विपक्ष के नेताओं ने अपनी-अपनी पार्टी की सियासी ज़मीन तलाशनी शुरू कर दी है। विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र विभिन्न रणनीतियों पर काम करना शुरू करप दिया है। इसी क्रम में चिराग पासवान भी अपनी पार्टी लोजपा (र) की सियासी पकड़ मज़बूत करने में जुट गए हैं।
बुधवार को लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रदेश कार्यालय श्री कृष्णापुरी पटना में पार्टी नेता मीडिया से मुखातिब हुए। पत्रकारों से बात करते हुए जमुई सांसद अरूण भारती ने कहा कि 08 अक्टूबर, 2024 को केन्द्रीय मंत्री जीतन राम मांझी द्वारा पशुपति पारस के बाबत बयान को हमारी पार्टी सिरे से ख़ारिज करती है।

सांसद अरुण भारती ने कहा कि दिवंगत नेता राम विलास पासवान ने अपने रहते हुए ही चिराग़ पासवान को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना था। 2024 लोक सभा चुनाव के दौरान और बाद में पांच सीटों जिताकर प्रधानमंत्री और बिहार की जानता ने उस बात पर मुहर लगाई।
जमुई सांसद ने कहा कि सिर्फ़ रिश्तेदार होना ही उतराधिकारी होने का पैमाना नहीं होता। उनको (पशुपति पारस) मौक़ा मिला था, पर स्वार्थवश उन्होंने पार्टी और परिवार को तोड़ दिया। राम विलास पासवान के उतराधिकारी सिर्फ़ चिराग़ पासवान है। जीतन राम मांझी हम सब के आदरणीय है, लेकिन उनको इस तरह की बयानबाज़ी से बचना चाहिए, ताकि NDA गठबंधन में मज़बूती क़ायम रहे।
आपको बता दें कि हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा सेक्युलर के संस्थापक अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री और जीतन राम मांझी ने मीडिया मुखातिब होते हुए कह दिया कि पशुपति पारस से ही रामविलास पासवान की जगह पूरी हो सकती है।
बिहार में जगजीवन बाबू के बाद दलितों की आवाज़ बुलंद करने वाले स्व. रामविलास पासवान थे। उनके जाने के बाद सही में ऐसा लगता है कि इसमें कमी आ गई है। लेकिन उनके मुकाबले में पशुपति पारस हैं। हम लोगों को उम्मीद है कि पारस से स्व. रामविलास पासवान की कमियों को पूरा किया जा सकेगा।












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