Bihar Politics: महागठबंधन में सीटों पर संग्राम! तेजस्वी की बढ़ी मुश्किलें, इस दल ने कर दी 45 सीटों की मांग
Bihar Politics: बिहार की सियासत में नए सिरे से हलचल तेज हो गई है। वामपंथी दल CPI(ML) ने आगामी विधानसभा चुनाव से पहले महागठबंधन के भीतर अपनी स्थिति मजबूत करने के संकेत देते हुए 45 सीटों पर दावा ठोक दिया है। यह दावा ऐसे समय में आया है जब 12 जून को पटना में महागठबंधन की को-ऑर्डिनेशन कमेटी की अहम बैठक होने वाली है। पार्टी का ये रुख आरजेडी नेता तेजस्वी यादव के लिए एक नई चुनौती बनकर उभरा है। सूत्रों के मुताबिक, तेजस्वी और लालू यादव को अब गठबंधन को एकजुट रखने और सीट बंटवारे को लेकर बढ़ते दबाव से निपटना होगा।
पटना पहुंचे CPI(ML) के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि, हमारी पूरी बिहार में तैयारी है। कम से कम 40 से 45 सीटों पर हमारे साथी लगे हुए हैं।

सीट शेयरिंग पर तकरार, गठबंधन में मचा घमासान!
बता दें कि इसी साल अक्टूबर-नवंबर के बीच बिहार विधानसभा चुनाव संभावित हैं, जिसे लेकर सभी राजनीतिक दल मैदान में उतर चुके हैं। लगातार रैलियों और सभाओं के ज़रिए वे अपने पक्ष में माहौल बनाने में जुटे हैं। इसी कड़ी में CPI(ML) द्वारा 45 सीटों पर दावा ठोकने से महागठबंधन के भीतर घमासान तेज हो गया है।
यह दावा खास तौर पर आरजेडी नेता तेजस्वी यादव के लिए परेशानी का कारण बन सकता है, क्योंकि इससे पहले कांग्रेस भी 100 सीटों की मांग कर चुकी है, जबकि वीआईपी (VIP) प्रमुख मुकेश सहनी 60 सीटों की दावेदारी कर चुके हैं। ऐसे में 12 जून को पटना में प्रस्तावित को-ऑर्डिनेशन कमेटी की बैठक अब केवल रणनीति तय करने की नहीं, बल्कि महागठबंधन को एकजुट रखने की बड़ी परीक्षा बन सकती है।
इस वजह से दोगुने से ज्यादा सीटों की मांग
बता दें कि, 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में CPI(ML) ने महागठबंधन के तहत 19 सीटों पर चुनाव लड़ा था, जिनमें से 12 पर जीत दर्ज की थी। इसी प्रदर्शन के आधार पर वह इस बार दोगुने से ज्यादा सीटों की मांग कर रही है।












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