बिहार पुलिस में लुटेरा! जांच के नाम पर व्यापारी से लूट लिए लाखों रुपए
एएसआई ने व्यापारी ये कहकर जाने को कहा कि सुबह जांच के बाद रुपए वापस करेंगे, ये सभी नोट नकली लग रहे हैं। लेकिन सुबह एएसआई धनंजय ने रुपए देने से साफ इनकार कर दिया।
पटना। बिहार पुलिस का लुटेरा चेहरा एक बार फिर सामने आया है जहां पुलिस की पेट्रोलिंग पार्टी ने जांच के नाम पर उलझाते हुए एक ज्वेलर्स व्यापारी से 8.80 लाख रुपए लूट लिए। लूट के बाद जब इस बात की जानकारी जिले के पुलिस कप्तान जितेंद्र सिंह राणा के पास पहुंची तो उन्होंने मामले में दोषी पुलिस पर कार्रवाई करते हुए उसे निलंबित कर दिया। इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने का आदेश जारी किया गया है। हालांकि एक तरफ जहां बिहार पुलिस ने बड़े-बड़े अक्षरों में ये लिखा है कि बिहार पुलिस सदैव आपकी सेवा में तत्पर है। वहीं दूसरी तरफ पुलिस के इस कारनामें से एक बार फिर बिहार पुलिस के दामन पर ऐसा दाग लगा है जो शायद सालों तक नहीं छूटेगा।

जानकारी के मुताबिक बिहार के मोतिहारी जिले के ज्वेलर्स व्यापारी मनोज कुमार का ज्वेलरी का कारोबार है। वो अपने मुंशी छोटन झा पटना के साथ बाकरगंज बाजार से खरीदारी करने के लिए निकले थे लेकिन रास्ते में जाम होने के कारण उन्हें लौटना पड़ा। जिसके चलते देर रात वो जय माता दी बस से बलुआ चौक पर उतरे। वहां से वे पैदल सदर अस्पताल चौक आए। सदर अस्पताल से दोनों ने मनोज ने घर तक के लिए रिक्शा लिया। जैसे ही वे गांधी चौक पर पहुंचे, वहां सुरक्षा के लिए तैनात एएसआइ धनंजय सिंह ने उन्हें रोका और जांच के दौरान उनके पास मिले 8.80 लाख रुपए ये कहकर ले लिए कि रुपए नकली लग रहे हैं। उन्हें ये कहकर जाने को कहा कि सुबह जांच के बाद रुपए वापस करेंगे। लेकिन सुबह तो धनंजय ने गजब ही कर दिया जब व्यवसायी और मुंशी रुपये वापस लेने के लिए आए तो एएसआइ ने देने से साफ इनकार कर दिया।
जब दोनों पैसे के बाबत अड़ गए तो डाट-फटकार लगाते हुए थाने से भगा दिया। हैरान परेशान दोनों ने इसकी शिकायत एसपी से की। एसपी जितेंद्र राणा ने बताया कि जांच में एएसआई दोषी पाए गए है। इसके बाद उसे निलंबित कर एफआइआर दर्ज करने का आदेश दिया गया है। वहीं इस घटना के बाद से पूरे शहर में व्यापारी वर्ग ने पुलिस के प्रति अपना गुस्सा जाहिर किया है। इससे पहले भी आरोपी एएसआई पर ऐसे कांड़ों को अंजाम देने के आरोप लग रहे हैं।












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