Bihar CM Face: क्या चिराग पासवान बनेंगे नए मुख्यमंत्री? अब खुद खोला राज,नई सरकार का पूरा फॉर्मूला सामने
Bihar CM Face Chirag Paswan: बिहार की राजनीति इस वक्त एक ऐसे मोड़ पर है जहां हर बीतता मिनट नई अटकलों को जन्म दे रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि पटना में सीएम की कुर्सी पर कौन बैठेगा? युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान का नाम भी सीएम रेस में कई लोग ले रहे हैं। अब खुद चिराग पासवान ने इस पर बड़ा बयान देकर सस्पेंस खत्म करने की कोशिश की है।
शनिवार (11 अप्रैल) को दिल्ली और पटना में जारी सियासी गहमागहमी के बीच चिराग पासवान ने मीडिया के सामने आकर अपनी स्थिति साफ कर दी। सीएम फेस को लेकर चल रही अटकलों के बीच चिराग पासवान ने साफ कर दिया है कि वे इस रेस का हिस्सा नहीं हैं। चिराग पासवान ने कहा, "मैं पहले भी साफ कर चुका हूं कि मैं मुख्यमंत्री की रेस में कहीं नहीं हूं।"

बिहार में नई सरकार का क्या होगा फॉर्मूला?
राजनीतिक गलियारों में नई सरकार के फॉर्मूले, नए चेहरों और गठबंधन की रणनीति को लेकर चर्चाएं जोरों पर हैं। चिराग पासवान ने संकेत दिया कि नई सरकार में सिर्फ चेहरा बदलेगा, लेकिन संरचना और गठबंधन का फॉर्मूला लगभग वही रहेगा।
चिराग पासवान ने कहा,
"मैं मुख्यमंत्री की रेस में कहीं नहीं हूं। 10 अप्रैल मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी ने राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ ली है और अब चीजें एक तय प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ रही हैं। सरकार का सिर्फ चेहरा बदलेगा, लेकिन गठबंधन और सरकार चलाने का फॉर्मूला वही रहेगा जो कुछ महीने पहले तय हुआ था।"
उन्हों चिराग ने आगे जोड़ा कि नए नेता का चयन एनडीए के सभी विधायकों की सहमति और नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में ही किया जाएगा। उनके इस बयान ने यह तो साफ कर दिया कि वे फिलहाल दिल्ली की राजनीति में ही सक्रिय रहेंगे, लेकिन बिहार की कमान किसके हाथ जाएगी, यह सस्पेंस अब भी बरकरार है।
नीतीश कुमार का इस्तीफा और नया शेड्यूल (Nitish Kumar Resignation and Schedule)
बिहार के सियासी कैलेंडर में 14 अप्रैल 2026 की तारीख लाल अक्षरों में दर्ज हो गई है। खरमास खत्म होने के साथ ही बिहार में 'खेला' पूरा होने की उम्मीद है।
- 13 अप्रैल: नीतीश कुमार बतौर मुख्यमंत्री अपनी कैबिनेट की आखिरी बैठक करेंगे।
- 14 अप्रैल: नीतीश कुमार राजभवन जाकर राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप सकते हैं। इसी दिन एनडीए विधायक दल की बैठक भी बुलाई गई है।
- 15 अप्रैल: बिहार को नया मुख्यमंत्री मिल सकता है।
नीतीश कुमार ने राज्यसभा सांसद के तौर पर शपथ लेकर एक अनोखा रिकॉर्ड बनाया है। वे अब देश के उन चुनिंदा नेताओं में शामिल हैं जो लोकसभा, राज्यसभा, विधानसभा और विधान परिषद, यानी चारों सदनों के सदस्य रह चुके हैं।
JDU का नया फॉर्मूला: पहली बार डिप्टी सीएम पद की तैयारी (JDU Deputy CM Post)
ऐसी संभावना है कि इस बार जेडीयू (JDU) को पहली बार 'डिप्टी सीएम' के पद से संतोष करना पड़ सकता है। एनडीए के नए पावर शेयरिंग एग्रीमेंट के तहत जेडीयू को दो डिप्टी सीएम के पद मिल सकते हैं। विधानसभा अध्यक्ष (Speaker) का पद भी जेडीयू के खाते में जा सकता है।
चर्चा है कि नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को डिप्टी सीएम बनाया जा सकता है, ताकि भविष्य में पार्टी की कमान उनके हाथों में सुरक्षित रहे।
BJP Bihar CM Face: युवा चेहरों पर दांव लगाएगी भाजपा?
पटना में बीजेपी के प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े की मौजूदगी में होने वाली बैठक बेहद अहम है। सूत्रों की मानें तो बीजेपी इस बार बिहार में किसी ऐसे चेहरे को आगे ला सकती है जो भविष्य की राजनीति के लिए 'गेम चेंजर' साबित हो। मंत्रिमंडल में कई पुराने चेहरों की छुट्टी हो सकती है और उनकी जगह युवा और ऊर्जावान नेताओं को जगह दी जा सकती है।

विपक्ष का प्रहार: तेजस्वी और अखिलेश ने साधा निशाना
इधर, पटना में राजद नेता तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार के इस कदम को मजबूरी करार दिया है। तेजस्वी ने कहा कि "डबल इंजन की सरकार में कोई काम नहीं हो रहा है। नीतीश जी को सीएम पद छोड़ने के लिए मजबूर किया गया है, उन्हें विकास की नहीं सिर्फ अपनी कुर्सी की चिंता है।"
वहीं, उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा कि वे नीतीश कुमार को प्रधानमंत्री के रूप में देखना चाहते थे, लेकिन बीजेपी ने उन्हें राज्यसभा भेजकर राजनीतिक तौर पर 'रिटायर' करने की साजिश रची है।
नीतीश कुमार का नया रोल (Nitish Kumar Next Move)
नीतीश कुमार के राज्यसभा सांसद बनने के बाद यह लगभग तय माना जा रहा है कि वे 14 अप्रैल को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं। इसके बाद 15 अप्रैल को नई सरकार का गठन संभव है। दिल्ली में दिए बयान में उन्होंने संकेत दिया कि अब वे राष्ट्रीय राजनीति में ज्यादा सक्रिय रहेंगे। हालांकि बिहार से उनका जुड़ाव बना रहेगा।
पटना और दिल्ली में बैठकों का दौर
पटना में जदयू नेताओं की अहम बैठक हुई, जिसमें पार्टी के वरिष्ठ नेता मुख्यमंत्री आवास पहुंचे और करीब दो घंटे तक चर्चा चली। इस बैठक में नए मंत्रिमंडल और नेतृत्व को लेकर मंथन किया गया।
वहीं, बीजेपी भी अपनी रणनीति तैयार करने में जुटी है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और बिहार प्रभारी की मौजूदगी में बैठक होने वाली है, जिसमें सीएम फेस और सरकार गठन पर फैसला हो सकता है।
बिहार में सियासी समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। चिराग पासवान के बयान से यह साफ हो गया है कि वे सीएम की दौड़ में नहीं हैं, लेकिन इससे यह भी संकेत मिलता है कि एनडीए किसी नए चेहरे को आगे कर सकता है।
अब नजर NDA की बैठक और अंतिम फैसले पर टिकी है, जहां यह तय होगा कि बिहार को अगला मुख्यमंत्री कौन मिलेगा। इतना जरूर है कि यह बदलाव सिर्फ चेहरा बदलने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि राज्य की राजनीति में नए दौर की शुरुआत भी कर सकता है।












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