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Bihar News: बिहार में बनेगा देश का पहला एनर्जी म्यूजियम, कितनी होगी लागत और क्या है इसकी खासियत?

Bihar News First Energy Museum: बिहार अब ऊर्जा पर्यटन के नए केंद्र के रूप में उभरने की ओर बढ़ रहा है। पटना के करबिगहिया में देश के पहले और दुनिया के चौथे ऊर्जा संग्रहालय (Energy Museum) के निर्माण की दिशा में कदम तेज कर दिए गए हैं।

गुरुवार, 11 दिंसबर, को बिहार म्यूजियम में इस परियोजना को लेकर एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें मुख्यमंत्री के सलाहकार एवं बिहार म्यूजियम के महानिदेशक अंजनी कुमार सिंह, ऊर्जा सचिव मनोज कुमार सिंह और NBPDCL के एमडी राहुल कुमार मौजूद रहे। बैठक में निर्माण एजेंसी की क्षमता, चयन प्रक्रिया और समय-सीमा को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।

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3 एकड़ भूमि पर बनेगा म्यूजियम

ऊर्जा सचिव मनोज कुमार सिंह ने बताया कि यह ऊर्जा संग्रहालय करबिगहिया स्थित बंद पड़े थर्मल पावर प्लांट की लगभग 3 एकड़ जमीन पर विकसित किया जाएगा। यह सिर्फ एक म्यूजियम नहीं होगा, बल्कि ऊर्जा क्षेत्र के इतिहास, तकनीक और भविष्य को समझने का एक अनोखा केंद्र बनेगा।

बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी इस परियोजना पर करीब 200 करोड़ रुपये खर्च करेगी। म्यूजियम की थीम, डिजाइन और 3D मॉडल तैयार करने के लिए जल्द ही निर्माण एजेंसी का चयन किया जाएगा।

First Energy Museum में क्या-क्या मिलेगा?

यह संग्रहालय भारत में अपनी तरह का पहला होगा और इसमें बिजली उत्पादन के इतिहास से लेकर आधुनिक तकनीकों तक की पूरी यात्रा को आकर्षक तरीके से दिखाया जाएगा। इसमें पुराने बिजली उपकरण, डीसी आधारित मॉडल, दुर्लभ इंजन, मशीनें और ऊर्जा तकनीक, डिजिटल और इंटरैक्टिव डिस्प्ले और पावर जेनरेशन के 3D मॉडल देखने को मिलेगा।

म्यूजियम में आप मॉडल पर बटन दबाकर मशीनों के डिजिटल मूवमेंट और कामकाज को लाइव देख सकेंगे। यह खासतौर पर बच्चों और युवाओं के लिए ऊर्जा तकनीक को समझने का बड़ा अवसर होगा।

ओपन थिएटर होगी खास आकर्षण

संग्रहालय में एक आधुनिक ओपन थिएटर भी बनाया जाएगा, जहां 3D प्रोजेक्शन के माध्यम से बिजली उत्पादन की कहानी-शुरुआती दौर से आधुनिक युग तक-रोचक तरीके से दिखाई जाएगी। यह अनुभव आगंतुकों को एक ऊर्जा यात्रा का हिस्सा महसूस करवाएगा। ऊर्जा संग्रहालय की निर्माण और प्रदर्शनी तैयार करने की जिम्मेदारी ऑस्ट्रेलिया या अमेरिका की किसी विशेषज्ञ एजेंसी को सौंपी जा सकती है। इसके लिए जल्द ही वैश्विक स्तर पर टेंडर जारी होगा, जिसमें भारतीय एजेंसियां भी भाग ले सकेंगी। एजेंसी का चयन होने के बाद ही निर्माण की अंतिम समय-सीमा तय की जाएगी।

दुनिया में सिर्फ तीन ऐसे ऊर्जा संग्रहालय

बिहार का यह ऊर्जा संग्रहालय दुनिया में केवल चौथा होगा। अभी दुनिया में ऊर्जा पर केंद्रित तीन प्रमुख म्यूजियम हैं-

  • पावर हाउस म्यूजियम (ऑस्ट्रेलिया) - ऊर्जा, परिवहन और संचार के अनोखे संग्रह के लिए प्रसिद्ध।
  • कूल स्प्रिंग पावर म्यूजियम (अमेरिका) - आंतरिक दहन इंजन तकनीक का सबसे बड़ा संग्रह।
  • डॉयचे म्यूजियम (जर्मनी) - विश्व के शीर्ष विज्ञान एवं तकनीक संग्रहालयों में शामिल।

बिहार का यह प्रोजेक्ट राज्य को ऊर्जा, विज्ञान और पर्यटन के नए मानचित्र पर स्थापित करेगा। यह म्यूजियम न केवल विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं के लिए उपयोगी होगा, बल्कि आम लोगों के लिए भी ऊर्जा तकनीक को रोचक तरीके से समझने का अवसर देगा।

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