Bihar News: छठ पर्व का समापन, मुकेश सहनी ने परिवार समेत भगवान भास्कर को अर्घ्य देकर की आराधना
Bihar News, Chhath Parv Samapan: सोमवार को 4 दिवसीय छठ महापर्व का समापन हुआ है। प्रदेश के विभिन्न ज़िलों के दिग्गज नेताओं ने सूर्योदय के वक्त छठ घाटों अर्घ्य दिया। इसके साथ ही व्रतियों के 36 घंटे का निर्जला उपवास भी पूरा हुआ। वहीं छठ पर्व पर बनाए गए ठेकुआ और प्रसाद लोगों में बांटे गए।
छठ पर्व के आखिरी दिन भारी तादाद में भक्त लोग घाट पर पहुंचे थे। वहीं रात में छठी मइया की गीत के साथ ही कोसी भी भरी गई। बिहार के प्रमुख ज़िलों में सूरज निकलने का वक्त कुछ इस तरह से रहा। सुबह 6 बजे किशनगंज, कटिहार 06 बजे, 06.01 बजे पूर्णिया, 06.02 बजे भागलपुर, बांका में 06.02 बजे, मधेपुरा 06.04 बजे, मुंगेर 06.04 बजे, लखीसराय 06.05 बजे और दरभंगा 06.08 बजे सूर्योदय हुआ।

समस्तीपुर 06:08 बजे, मधुबनी 06.08 बजे, गया 06.09 बजे, पटना 06.10 बजे, मुजफ्फरपुर 06.10 बजे, अरवल 06.11 बजे, औरंगाबाद 06:12 बजे, चंपारण में 06:13 बजे, सिवान 06.14 बजे, पश्चिम चंपारण 06.15 बजे, बक्सर 06.15 बजे और भभुआ 06.15 बजे सूर्योदय हुआ।
बिहार सरकार में मंत्री रह चुके VIP सुप्रीमो मुकेश सहनी (सन ऑफ मल्लाह) ने सोमवार की सुबह सुपौल बिरौल स्थित गृह आवास पर छठ महापर्व मनाया। बिरौल छठ घाट पर परिजनों के साथ उन्होंने भगवान भास्कर को अर्ध्य देकर आराधना की।
आपको बता दें कि छठ व्रत काफी मुश्किल तप वाला व्रत होता है। इसमें चार दिनों का अनुष्ठान होता है। पहले दिन दाल-चावल और कद्दू की सब्ज़ी का भोग लगाते हैं। इसे छठ व्रती ग्रहण करते हैं। दूसरे दिन खरना में साठी-चावल की खीर, रोटी और केले का प्रसाद बनाते हैं। छठ व्रती इसे प्रसाद को ग्रहण करते हैं।
छठ व्रती के प्रसाद ग्रहण करने के बाद लोगों को प्रसाद दिया जाता है। वहीं खरना के बाद छठ व्रती 36 घंटे का निर्जला उपवास रखते हैं। खरना के अगले दिन षष्टी को शाम के वक्त अस्ताचलगामी सूर्य भगवान को पहला अर्घ्य देते हैं। वहीं उसके अगले भगवान भास्कर के उदय होते ही दूसरा अर्घ्य दिया आता है। इसके साथ ही चार दिनों का छठ महापर्व पूरा हो जाता है।












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