Bihar Chunav:आप दिल्ली में बैठते हैं और बिहारियों का मजाक उड़ाते हैं', राहुल गांधी पर भड़के प्रशांत किशोर
Bihar Chunav2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले राज्य में राजनीतिक गरमा चुक है, चुनावी पारा चढ़ा हुआ है। इस बार के चुनाव मैदान में उतरी सुराज पार्टी के पार्टी युद्ध स्तर पर प्रचार शुरू कर चुकी है। जन सुराज पार्टी प्रमुख प्रशांत किशोर लगातार रैलियां और जनसभाएं कर रहे हैं और विपक्षी पार्टियों पर जमकर हमले कर रहे हैं।
जन सुराज पार्टी के प्रमुख प्रशांत किशोर ने गुरुवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला करते हुए कहा कि वह दिल्ली में बैठकर बिहारियों का मजाक उड़ा रहे हैं। उन्होंने राहुल गांधी को चुनौती दी कि वे बिहार के किसी गांव में एक रात बिताएं।

"राहुल गांधी ने ने किसी गांव में रात भी बिताई हो तो बताएं"
प्रशांत किशोर ने एएनआई न्यूज एजेंसी को दिए साक्षात्कार में राहुल गांधी के बिहार दौरे पर सवाल उठाते हुए कहा, "राहुल जी बिहार से आते-जाते रहते हैं, लेकिन वास्तव में कोई यात्रा नहीं करते। अगर राहुल गांधी ने कभी बिहार के किसी गांव में एक रात भी बिताई हो, तो मुझे बताएं। अगर वह किसी गांव में एक रात भी बिता सकते हैं, तो हम इसे स्वीकार करेंगे।"
"आप दिल्ली में बैठकर बिहारियों पर हंसते हैं"
किशोर ने आगे कहा, "आप दिल्ली में बैठकर बिहारियों पर हंसते हैं। फिर आप यहां हमें उपदेश देने आते हैं।" । प्रशांत किशोर ने कांग्रेस पर बिहार के लोगों के प्रति वर्षों से उपेक्षा और अनादर का आरोप लगाया।
तेलंगाना सीएम पर क्यों भड़के प्रशांत किशोर
जन सुराज प्रमुख प्रशांत किशोर ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के उस बयान की भी आलोचना की जिसमें उन्होंने कहा था कि "मजदूरी करना बिहारियों के डीएनए में है। बिहारी मजदूर के तौर पर काम करने के लिए ही पैदा हुए हैं।" किशोर ने इस बयान को बिहारियों का अपमान बताया और रेड्डी से माफी की मांग की।
किशोर ने कहा, "तेलंगाना में उनके मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी हैं। उन्हें मुख्यमंत्री बने दो साल हो चुके हैं। उससे पहले वे टीडीपी में थे और उससे पहले वे आरएसएस और बीजेपी में थे। मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने आधिकारिक तौर पर कहा कि मजदूरी करना बिहारियों के डीएनए में है। बिहारी मजदूर के तौर पर काम करने के लिए ही पैदा हुए हैं।"
इस बयान के पीछे की मंशा बताते हुए किशोर ने कहा, "उन्होंने ऐसा क्यों कहा? क्योंकि उनके प्रतिद्वंद्वी केसीआर के ज़्यादातर अधिकारियों की पृष्ठभूमि बिहार की थी। इसलिए उनका मतलब था कि तेलंगाना की हालत खराब है क्योंकि बिहारी इसे चला रहे हैं।"
कांग्रेस पर वादे पूरे ना करने का लगाया आरोप
प्रशांत किशोर ने कांग्रेस सरकार पर भी हमला बोला और आरोप लगाया कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने 1989 में बिहार के लिए 50,000 करोड़ रुपये के पैकेज की घोषणा की थी और कहा था कि वे बिहार को विकास का केंद्र बनाएंगे, लेकिन इसके लिए कभी धन आवंटित नहीं किया गया। उन्होंने सवाल किया, "वह पैसा कहां गया? उसके बाद भी कांग्रेस सत्ता में रही, तो बताइए, आपने बिहार के लिए क्या किया?"
क्या बिहार चुनाव में जाति ही एकमात्र कारक है?
प्रशांत किशोर ने इस बात पर भी जोर दिया कि बिहार चुनाव में जाति ही एकमात्र कारक नहीं है। उन्होंने बिहार में लोकसभा चुनावों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सफलता का उदाहरण देते हुए कहा कि लोग जाति से ऊपर उठकर भी वोट करते हैं। उन्होंने कहा, "बिहार में पिछले 15 सालों से भाजपा को लोकसभा चुनावों में खूब सफलता मिल रही है। ज्यादातर लोगों का मानना है कि भाजपा को सफलता नहीं मिल रही है, बल्कि वह प्रधानमंत्री मोदी के नाम पर वोट कर रही है।"
बिहार में मोदी की जाति के कितने लोग रहते हैं?
जाति आधारित राजनीति के दावों को खारिज करते हुए किशोर ने कहा, "आपने कहा कि बिहार में हर व्यक्ति जाति आधारित राजनीति पर वोट करता है। और बिहार में आप कह रहे हैं कि मोदी के नाम पर वोट किया जा रहा है। तो, हमें बताएं कि बिहार में मोदी की जाति के कितने लोग रहते हैं? और अगर वे नहीं रहते हैं, तो उन्होंने मोदी को कैसे वोट दिया? अगर हर व्यक्ति जाति के आधार पर वोट कर रहा है, तो हमें बताएं कि बिहार में पीएम मोदी को किसने वोट दिया? क्योंकि बिहार में मोदी की जाति का कोई नहीं है।"












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