बिहार चुनाव की रणभेरी! राहुल गांधी करेंगे पदयात्रा, तेजस्वी देंगे साथ, जानें मतदाता अधिकार यात्रा के बारे में?
Rahul Gandhi Matdata Adhikar Yatra: लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी 10 अगस्त से बिहार में 'मतदाता अधिकार यात्रा' (Matdata Adhikar Yatra) की शुरुआत करने जा रहे हैं। यह यात्रा तीन चरणों में आयोजित होगी और पूरे बिहार के 30 जिलों को कवर करेगी।
बताया जा रहा है कि राहुल गांधी की यह यात्रा आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारी के लिए महागठबंधन को मजबूत करने की कोशिश है। कांग्रेस प्रवक्ता असीत नाथ तिवारी के मुताबिक, "हमारे नेता राहुल गांधी 10 अगस्त को सासाराम से यात्रा की शुरुआत करेंगे। यह यात्रा तीन चरणों में आयोजित होगी और बिहार के 30 जिलों से होकर गुजरेगी।" यात्रा का पहला चरण 10 अगस्त से 13 अगस्त तक सासाराम से गया तक चलेगा।

इन मुद्दों पर होगा फोकस
राज्य कांग्रेस नेताओं के मुताबिक इस यात्रा के दौरान राहुल गांधी और महागठबंधन के अन्य नेता चुनाव आयोग द्वारा हाल में की गई विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) में गड़बड़ियों, राज्य में कानून-व्यवस्था की खराब स्थिति, बेरोजगारी, और पलायन जैसे मुद्दों को जोर-शोर से उठाएंगे।
महागठबंधन के कई दिग्गज होंगे शामिल
यात्रा के दौरान राहुल गांधी के साथ विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, और प्रियंका गांधी समेत महागठबंधन के अन्य नेता भी विभिन्न चरणों में शामिल होंगे। कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि यह यात्रा भारत जोड़ो यात्रा की तरह होगी, जिससे महागठबंधन कार्यकर्ताओं और नेताओं को ऊर्जा मिलेगी।
तीन चरणों में होगी यात्रा
- पहला चरण: 10 अगस्त से सासाराम से शुरू होकर 13 अगस्त को गया पहुंचेगा।
- दूसरा चरण: 16 अगस्त से शुरू होकर सीमांचल क्षेत्र (पूर्वोत्तर बिहार) में पहुंचेगा।
- तीसरा चरण: मिथिलांचल होते हुए राजधानी पटना में समाप्त होगा, जहां एक विशाल रैली का आयोजन होगा।
क्यों चुना गया सासाराम?
राजनीतिक विश्लेषक नवल किशोर चौधरी के मुताबिक सासाराम शाहाबाद क्षेत्र में आता है, जो दलित, पिछड़े और मुस्लिम वोटरों का गढ़ माना जाता है। पिछले लोकसभा चुनाव में महागठबंधन ने इस क्षेत्र की चारों सीटों पर जीत हासिल की थी -सासाराम (कांग्रेस), करकट (CPI-ML), बक्सर (RJD) और भोजपुर (CPI-ML)। यही वजह है कि यात्रा की शुरुआत सासाराम से की जा रही है।
चुनाव से पहले कांग्रेस को झटका
यात्रा शुरू होने से ठीक एक दिन पहले, कांग्रेस को बड़ा झटका भी लगा। समस्तीपुर के रोसड़ा से छह बार के विधायक अशोक कुमार (राम) ने पार्टी छोड़कर सत्ताधारी जदयू का दामन थाम लिया। कांग्रेस नेता प्रेमचंद्र मिश्रा ने इसे "अत्यधिक अवसरवादी कदम" बताया।
राहुल गांधी की यह यात्रा न सिर्फ महागठबंधन की ताकत दिखाने का प्रयास है, बल्कि यह मतदाता अधिकारों के मुद्दे को चुनावी एजेंडे में लाने की एक बड़ी रणनीति भी है। बिहार में विधानसभा चुनाव अक्टूबर-नवंबर 2025 में प्रस्तावित हैं और यह यात्रा चुनावी तापमान को और बढ़ा सकती है।
सोशल मीडिया पर लोग बोले- कन्हैया कुमार जैसी ना हो ये भी यात्रा!
'मतदाता अधिकार यात्रा' को लेकर सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इस बात की आशंका जताई है कि कहीं ये 'मतदाता अधिकार यात्रा' भी 'कन्हैया कुमार की पलायन रोको नौकरी दो' यात्रा जैसी ने हो। राहुल गांधी 7 अप्रैल 2025 को बेगूसराय जिले मे कन्हैया की यात्रा में शामिल हुए थे, इस यात्रा में वो 15 से 20 मिनट ही चले। इसलिए लोग कह रहे हैं कि कहीं ये यात्रा भी दिखावे वाली यात्रा न हो।












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